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पेड़ गिरने, सात घंटे बंद रहा उन्नाव-बालामऊ रेलमार्ग
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चकलवंशी (उन्नाव)। उन्नाव-बालामऊ रेल मार्ग पर सोमवार दोपहर पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई और ट्रैक बाधित हो गया। इस दौरान कानपुर-बालामऊ पैसेंजर सात घंटे माखी स्टेशन पर खड़ी रही। हजारों यात्री परेशान रहे।
सोमवार दोपहर करीब 3:45 बजे बारिश और हवा के झोंके से कानपुर-बालामऊ रेलमार्ग पर ओएचई पोल 19/10-11के बीच गूलर का पेड़ गिर गया। ओएचई लाइन टूटने से चिंगारियां निकलती रहीं। जानकारी होते ही मेथीटीकुर हाल्ट पर तैनात ट्रैक मैन विनय ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर सफीपुर को सूचना दी। आपूूर्ति बंद कराई गई। मुरादाबाद डिवीजन के एसएसई (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) राजनाथ सिंह टीम के साथ पहुंचे और करीब एक घंटे बाद पेड़ को ट्रैक से हटाया गया।
ओएचई लाइन सही करने में छह घंटे लगे। पेड़ गिरने के कारण बालामऊ पैसेंजर ट्रेन माखी स्टेशन पर सात घंटे रुकी रही। वह 10:35 बजे बालामऊ के लिए रवाना हो सकी। वहीं बालामऊ से चलकर कानपुर जा रही डाउन पैसेंजर ट्रेन को शाम 6:11 बजे बांगरमऊ में रोकना पड़ा, डाउन ट्रैक साफ होने के बाद इस ट्रेन को रात 8:17 बजे उन्नाव रवाना किया गया।।
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कानपुर से अमृतसर जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन को कानपुर में रोकना पड़ा। ये ट्रेन पांच घंटे देर से रात 11 बजे उन्नाव स्टेशन पहुंची। माखी स्टेशन मास्टर जयवीर सिंह ने बताया कि ओएचई की मरम्मत का काम रात 10 बजे तक चला। 10:35 बजे बालामऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को माखी स्टेशन से रवाना किया गया।
कई किलोमीटर चलना पड़ा पैदल
पारा निवासी राम किशोर ने बताया कि वह राजमिस्त्री हैं। सोमवार को वह कानपुर-बालामऊ पैसेंजर से मजदूरों को लेकर गांव आ रहे थे। ओएचई लाइन टूटने से माखी स्टेशन पर ट्रेन खड़ी हो गई। जिसके कारण कई किलोमीटर पैदल चलकर घर आना पड़ा।
लूटापुर निवासी मोनू सिंह ने बताया कि वह डाउन कानपुर-बालामऊ पैसेंजर से मल्लावां से सफीपुर लौट रहे थे। बांगरमऊ में ट्रेन 6:11 बजे खड़ी हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब ट्रेन नहीं चली तो कार मंगाई और फिर रात 10 बजे घर पहुंचे।
कार से जाना पड़ा
कस्बा चकलवंशी निवासी कमलेश गुप्ता ने बताया कि उनके रिश्तेदार महेश गुप्ता को बांगरमऊ जाना था। ट्रेन माखी स्टेशन पर खड़ी हो गई, जिस पर उन्हें कार से महेश को बांगरमऊ छोड़ना पड़ा।
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सोमवार दोपहर करीब 3:45 बजे बारिश और हवा के झोंके से कानपुर-बालामऊ रेलमार्ग पर ओएचई पोल 19/10-11के बीच गूलर का पेड़ गिर गया। ओएचई लाइन टूटने से चिंगारियां निकलती रहीं। जानकारी होते ही मेथीटीकुर हाल्ट पर तैनात ट्रैक मैन विनय ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर सफीपुर को सूचना दी। आपूूर्ति बंद कराई गई। मुरादाबाद डिवीजन के एसएसई (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) राजनाथ सिंह टीम के साथ पहुंचे और करीब एक घंटे बाद पेड़ को ट्रैक से हटाया गया।
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ओएचई लाइन सही करने में छह घंटे लगे। पेड़ गिरने के कारण बालामऊ पैसेंजर ट्रेन माखी स्टेशन पर सात घंटे रुकी रही। वह 10:35 बजे बालामऊ के लिए रवाना हो सकी। वहीं बालामऊ से चलकर कानपुर जा रही डाउन पैसेंजर ट्रेन को शाम 6:11 बजे बांगरमऊ में रोकना पड़ा, डाउन ट्रैक साफ होने के बाद इस ट्रेन को रात 8:17 बजे उन्नाव रवाना किया गया।।
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कानपुर से अमृतसर जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन को कानपुर में रोकना पड़ा। ये ट्रेन पांच घंटे देर से रात 11 बजे उन्नाव स्टेशन पहुंची। माखी स्टेशन मास्टर जयवीर सिंह ने बताया कि ओएचई की मरम्मत का काम रात 10 बजे तक चला। 10:35 बजे बालामऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को माखी स्टेशन से रवाना किया गया।
कई किलोमीटर चलना पड़ा पैदल
पारा निवासी राम किशोर ने बताया कि वह राजमिस्त्री हैं। सोमवार को वह कानपुर-बालामऊ पैसेंजर से मजदूरों को लेकर गांव आ रहे थे। ओएचई लाइन टूटने से माखी स्टेशन पर ट्रेन खड़ी हो गई। जिसके कारण कई किलोमीटर पैदल चलकर घर आना पड़ा।
लूटापुर निवासी मोनू सिंह ने बताया कि वह डाउन कानपुर-बालामऊ पैसेंजर से मल्लावां से सफीपुर लौट रहे थे। बांगरमऊ में ट्रेन 6:11 बजे खड़ी हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब ट्रेन नहीं चली तो कार मंगाई और फिर रात 10 बजे घर पहुंचे।
कार से जाना पड़ा
कस्बा चकलवंशी निवासी कमलेश गुप्ता ने बताया कि उनके रिश्तेदार महेश गुप्ता को बांगरमऊ जाना था। ट्रेन माखी स्टेशन पर खड़ी हो गई, जिस पर उन्हें कार से महेश को बांगरमऊ छोड़ना पड़ा।