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गला दबाने से पहले लात-घूसों व डंडों से पीटा था

Sat, 12 Feb 2022 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 12:42 AM IST
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उन्नाव। पूजा की हत्या का खुलासा करने वाले सूरज सिंह ने पूरे हत्याकांड की सिलसिलेवार कहानी बयां की। आरोपी के अनुसार उसे इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि रजोल पूजा की हत्या कर शव को दफना देगा।
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आरोपी सूरज ने बताया कि आठ दिसंबर 2021 की सुबह करीब 11 बजे रजोल ने उसे कब्बाखेड़ा स्थित अपने आश्रम में बुलाया। दोपहर 12 बजे के करीब वह पूजा को लेकर कार से आश्रम पहुंच गया। इसके बाद कमरे में ले जाकर पूजा की लात-घूंसों से पिटाई की। विरोध करने पर उसे चुप रहने की धमकी दी। रजोल पूजा से बार-बार यही कहता रहा कि, तुम मेरा फोन नहीं उठाओगी, सिपाही के पास लखनऊ जाकर रहोगी। अब तुम्हारा खेल खत्म। यह कहते हुए रजोल ने डंडे से उसके सिर पर पीछे की ओर दो वार कर दिए। इससे वह बेहोश हो गई। गुस्से में रजोल ने उसका गला घोटकर हत्या कर दी और शव आश्रम में छोड़कर चला गया। अगले दिन सुबह तीन बजे रजोल उसे (सूरज) साथ लेकर पहुंचा और शव को आश्रम के पीछे खाली प्लॉट में पहले से खुदे पड़े टैंक के गड्ढे में दफना दिया। अगले दिन मजदूर ले जाकर पूरा गड्ढा बंद कराया। ऊपर ईंट जमा करा दी।
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लोकेशन एक जगह मिलने पर खुला रहस्य
हत्यारोपी रजोल को शक था कि पूजा लखनऊ में तैनात एक सिपाही समेत कई अन्य लोगों के संपर्क में है। इसी बात से नाराज रजोल ने उसकी हत्या की साजिश रची थी। रजोल ने मोबाइल का एक नया सिम खरीदा। इसकी किसी को भनक नहीं लगने दी। सात दिसंबर को उसने पूजा से बात की तो उसने आठ दिसंबर को शहर आने की बात कही। इसके बाद रजोल ने साथी सूरज सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे दिया। सर्विलांस की मदद से जांच कर रही स्वाट को घटना वाली रात रजोल व सूरज की लोकेशन दिव्यानंद आश्रम की मिली। इसी आधार पर पुलिस ने सूरज को उठाया तो पूछताछ में उसने सच उगल दिया।
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हत्या व साक्ष्य मिटाने समेत कई धाराएं बढ़ीं
पूजा हत्याकांड का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने रजोल की हिस्ट्रीशीट खोली दी। इसमें जनवरी 2009 में गाली-गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने, अक्तूबर 2012 में हत्या व 2018 में मारपीट व जान की धमकी देने के दर्ज मामले का जिक्र किया गया है। हालांकि दोनों में मुकदमों में वह न्यायालय से दोषमुक्त हो चुका है। मारपीट का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। पूजा के अपहरण, एससीएसटी एक्ट की धारा में उसे जेल भेजा गया था। अब हत्या, मारपीट, गाली-गलौज, जान की धमकी, साक्ष्य मिटाने की धाराएं दर्ज एफआईआर में बढ़ाई गई है। इन्हीं धाराओं में सूरज को गिरफ्तार किया गया है।
जैसे-जैसे बढ़ा हंगामा, फूली पुलिस की सांसें
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद एएसपी शशिशेखर सिंह, सीओ लाइन सोनम सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विजेता, एडीएम नरेंद्र सिंह परिजनों को समझाने की हर संभव कोशिश करते रहे। कभी परिजन पुलिस के समझाने पर मान जाते तो कभी पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की बात कह भड़क उठते। पोस्टमार्टम के दौरान पांच घंटे में यह क्रम पाच-छह बार चला। जैसे-जैसे हंगामा बढ़ता पुलिस की सांसें फूल जातीं। हंगामा व शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के दौरान भीड़ व पुलिस के सड़क पर आने से पोस्टमार्टम हाउस के सामने भीड़ लगी रहा। शव जाने व भीड़ के हटने पर आवागमन शुरू हो सका। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने स्लाइड भी बनाई है।
लखनऊ से आए सिपाही पर एएसपी की रही नजर
पोस्टमार्टम हाउस में शुक्रवार सुबह लखनऊ से आया एक सिपाही भी परिजनों को ढांढस बंधाते दिखा। पुलिस अधिकारियों और पीड़ित परिजनों के बीच हो रही बातचीत का वह वीडियो भी बनाता रहा। उसकी हर बात परिजन मान रहे थे। वह बार-बार परिजनों के कान में कुछ कहता और परिवार के लोग आक्रोशित हो जाते। एएसपी शशि शेखर सिंह की इस सिपाही पर नजर पड़ी तो उन्होंने उसकी फोटो खिंचवाई। चर्चा है कि यह सिपाही मुख्यमंत्री कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है और मृतका का नजदीकी है। इसी सिपाही से नजदीकी में रजोल ने पूजा की हत्या की है।
मां बोली, हम गिड़गिड़ाते रहे, पुलिस दौड़ाती रही
62 दिन तक पुलिस अफसरों व थाने के चक्कर लगाने वाली मां रीता के सामने जब बेटी पूजा की हत्या का सच सामने आया तो वह कांप उठी। उसकी वेदना सुनने वाले भी आक्रोशित हो गए। मां रीता ने बताया कि आठ दिसंबर को आरोपी रजोल उसकी बेटी को अगवा कर ले गया था। पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर एक माह बिता दिया। 10 जनवरी को रजोल पर अपहरण व एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस लगातार लापरवाही बरतती रही। वह चौकी, कोतवाली व सीओ सिटी के यहां दौड़ती रही। जब लखनऊ में आत्मदाह का प्रयास किया, तो पुलिस ने रजोल को पकड़ा, लेकिन कुछ उगलवा नहीं सकी।
रात व दिन में दो-दो सिपाही घर पर रहेंगे तैनात
एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि परिजनों की कुछ मांगों को जल्द ही पूरा किया जाएगा। एससीएसटी एक्ट के तहत शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से दो सिपाही दिन व दो रात में पूजा के घर पर तैनात रहेंगे। मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा। नौकरी समेत अन्य मांगों पर अचार संहिता के बाद विचार करने की बात डीएम रवींद्र कुमार की ओर से कही गई है।
एएसपी करेंगे सीओ पर लगे आरोपों की जांच
एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि घटना में सीओ सिटी पर लापरवाही बरतने काआरोप लगा है। एएसपी शशि शेखर सिंह को जांच सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन्होंने किया ट्वीट
पूजा हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि दलित युवती का शव सपा नेता के खेत में दफनाया गया, यह बहुत ही दुखद और गंभीर मामला है। परिजन पहले ही उसके अपहरण व हत्या को लेकर सपा नेता पर शक कर रहे थे। सरकार परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट किया है कि अखिलेश यादव जी, सपा नेता के खेत में दलित बेटी का शव मिला है, जब बेटी की मां आपकी गाड़ी के सामने गिड़गिड़ा रही थी तो उनकी बात नहीं सुनीं। आप सपा नेता का संरक्षण करोगे, नई सपा में सपाइयों का हर घिनौना अपराध माफ करोगे।
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