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सीएचसी के रैन बसेरे में मिलीं एक्सपायरी गर्भनिरोधक गोलियां, ओआरएस के पैकेट
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नवाबगंज सीएचसी के रैन बसेरे में पड़े ओआरएस घोल के पैकेट। संवाद
- फोटो : UNNAO
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नवाबगंज(उन्नाव)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित रैन बसेरा में बड़ी मात्रा में ओआरएस घोल के पैकेट व गर्भनिरोधक गोलियां पड़ी मिली हैं। यह दोनों ही एक्सपायरी हो चुकी हैं। ओआरएस पैकेट व दवाओं के रैपर पर भारत सरकार की आपूर्ति लिखी हुई है। उसके बाद भी सीएचसी प्रभारी इससे अंजान बने हुए हैं।
स्वास्थ्य केंद्र के रैन बसेरे में एक गत्ते में ओआरएस के 1000 पैकेट मिले हैं। इन पैकेटों की अवधि जून 2021 में समाप्त हो चुकी है। वहीं, गर्भ निरोधक गोलियों के 450 पत्ते मिले हैं जो अगस्त 2021 में एक्सपायरी हो चुके हैं। सरकारी सप्लाई की यह दवाएं पड़ा होना चर्चा का विषय बना हुआ है। गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट पर सरकारी सप्लाई लिखा है। आशंका है कि किसी आशा कार्यकर्तां ने प्रसूताओं को न देकर एक्सपायरी होने पर यहां फेंक दिया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार से दवाएं मिलने की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने दवा सीएचसी की होने से इनकार किया। जिला दवा स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि एक्सपायरी दवा सरकारी आपूर्ति की होने की पुष्टि हुई है। लेकिन क्यों फेंकी गई और किसने फेंकी, इसकी जांच होगी। अगर दवा एक्सपायरी हो गई थी तो उसे डिस्पोज करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। खुले में फेंकना गलत है।
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स्वास्थ्य केंद्र के रैन बसेरे में एक गत्ते में ओआरएस के 1000 पैकेट मिले हैं। इन पैकेटों की अवधि जून 2021 में समाप्त हो चुकी है। वहीं, गर्भ निरोधक गोलियों के 450 पत्ते मिले हैं जो अगस्त 2021 में एक्सपायरी हो चुके हैं। सरकारी सप्लाई की यह दवाएं पड़ा होना चर्चा का विषय बना हुआ है। गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट पर सरकारी सप्लाई लिखा है। आशंका है कि किसी आशा कार्यकर्तां ने प्रसूताओं को न देकर एक्सपायरी होने पर यहां फेंक दिया।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार से दवाएं मिलने की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने दवा सीएचसी की होने से इनकार किया। जिला दवा स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि एक्सपायरी दवा सरकारी आपूर्ति की होने की पुष्टि हुई है। लेकिन क्यों फेंकी गई और किसने फेंकी, इसकी जांच होगी। अगर दवा एक्सपायरी हो गई थी तो उसे डिस्पोज करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। खुले में फेंकना गलत है।
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