{"_id":"607c84378ebc3ed63a169116","slug":"unnao-news-unnao-news-knp624214357","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभिन्न ट्रेनों से स्टेशन पर उतरे 80 रेल यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभिन्न ट्रेनों से स्टेशन पर उतरे 80 रेल यात्री
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उन्नाव। महाराष्ट्र और केरल से रविवार को अलग-अलग ट्रेनों से 80 यात्री उन्नाव स्टेशन पहुंचे। इनमें पुष्पक एक्सप्रेस से उतरे 71 यात्रियों में 5 की जांच में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन सेंटर पहुंचाया। सभी की आरटीपीसीआर जांच होगी। स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन सेंटर भेजने की बात पर यात्रियों और स्वास्थ्य कर्मियों में बहस भी हुई। प्रवासियों ने थर्मल स्कैनर की विश्वनीयता पर भी सवाल उठाए।
स्वास्थ्य विभाग ने रेल यात्रियों की जांच-व्यवस्था में बदलाव किया है। एंटीजन या आरटीपीसीआर जांच नहीं होगी। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन प्रवासियों में कोरोना के लक्षणों की पुष्टि होगी उन्हें केंद्रीय विद्यालय में संचालित क्वारंटीन सेंटर भेजा जाएगा। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुशीनगर, पुष्पक, पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस व नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की।
पुष्पक एक्सप्रेस से आए 71 प्रवासियों में से 5 में कोरोना के शुरुआती लक्षण नजर आने पर एंबुलेंस से क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। दही चौकी स्थित केंद्रीय विद्यालय में दस कमरों को क्वारंटीन सेंटर के उपयोग में लाया जा रहा है। पहले दिन बांगरमऊ निवासी घनश्याम, कोरारी खुर्द निवासी आशीष कुमार, पुरवा निवासी संतोष, कठेहरू गांव निवासी अंकित, बीघापुर निवासी जसवंत यहां मौजूद स्टाफ की ओर से सैंपलिंग कराई गई।
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स्टेशन पर रोके जाने को लेकर यात्रियों ने थर्मल स्कैनर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने खुद में कोरोना के कोई लक्षण न होने का दावा किया। लेकिन आरपीएफ व जीआरपी जवानों की मौजूदगी से ज्यादा विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
जांच से बचने को दूसरे रास्तों से निकल गए यात्री
दूसरे प्रांतों से आने वाली ट्रेनों से आ रहे प्रवासी स्टेशन के मुख्य गेट पर हो रही थर्मल स्क्रीनिंग से बचने के लिए लोग दूसरे रास्तों से निकल गए। हालांकि आरपीएफ इंसपेक्टर केके तिवारी और जीआरपी एसओ अविनाश कुमार इससे इनकार किया।
परिवहन निगम की टीम रही सक्रिय
परिवहन निगम ने रविवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान दूसरे प्रांतों व जिलों से आने वाले लोगों को परिवहन सुविधा मुहैया कराने के लिए रेलवे स्टेशन पर टीम तैनात की। रोडवेज बस स्टेशन अधीक्षक हरिओम सिंह व सहायक यातायात निरीक्षक सतीश मिश्र ने स्टेशन पर रुककर ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की गिनती की। उन्होंने बताया कि जिले के आंतरिक रूट पर बसों की उपलब्धता कराई जानी है। कर्फ्यू के दौरान 50 फीसदी सवारियाें के साथ बसें चलाई जा रही हैं।
भूखे बेटे के लिए खाना लेकर पहुंचा पिता
मुंबई से घर लौट रहे आशीष की खुशी उस समय निराशा में बदल गई जब स्टेशन से उसे क्वारंटीन सेंटर जाने को कहा गया। लंबे सफर की थकान और क्वारंटीन सेंटर में भोजन और चाय तक नहीं मिली। आशीष ने दोपहर को पिता मिश्रीलाल को फोन कर आपबीती बताई। पिता आनन फानन बेटे के लिए भोजन लेकर पहुंचा। बीएसए प्रदीप कुमार ने क्वारंटीन हुए लोगों को खानपान की व्यवस्था कम्युनिटी किचन से कराए जाने की बात बताई।
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स्वास्थ्य विभाग ने रेल यात्रियों की जांच-व्यवस्था में बदलाव किया है। एंटीजन या आरटीपीसीआर जांच नहीं होगी। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन प्रवासियों में कोरोना के लक्षणों की पुष्टि होगी उन्हें केंद्रीय विद्यालय में संचालित क्वारंटीन सेंटर भेजा जाएगा। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुशीनगर, पुष्पक, पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस व नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की।
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पुष्पक एक्सप्रेस से आए 71 प्रवासियों में से 5 में कोरोना के शुरुआती लक्षण नजर आने पर एंबुलेंस से क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। दही चौकी स्थित केंद्रीय विद्यालय में दस कमरों को क्वारंटीन सेंटर के उपयोग में लाया जा रहा है। पहले दिन बांगरमऊ निवासी घनश्याम, कोरारी खुर्द निवासी आशीष कुमार, पुरवा निवासी संतोष, कठेहरू गांव निवासी अंकित, बीघापुर निवासी जसवंत यहां मौजूद स्टाफ की ओर से सैंपलिंग कराई गई।
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स्टेशन पर रोके जाने को लेकर यात्रियों ने थर्मल स्कैनर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने खुद में कोरोना के कोई लक्षण न होने का दावा किया। लेकिन आरपीएफ व जीआरपी जवानों की मौजूदगी से ज्यादा विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
जांच से बचने को दूसरे रास्तों से निकल गए यात्री
दूसरे प्रांतों से आने वाली ट्रेनों से आ रहे प्रवासी स्टेशन के मुख्य गेट पर हो रही थर्मल स्क्रीनिंग से बचने के लिए लोग दूसरे रास्तों से निकल गए। हालांकि आरपीएफ इंसपेक्टर केके तिवारी और जीआरपी एसओ अविनाश कुमार इससे इनकार किया।
परिवहन निगम की टीम रही सक्रिय
परिवहन निगम ने रविवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान दूसरे प्रांतों व जिलों से आने वाले लोगों को परिवहन सुविधा मुहैया कराने के लिए रेलवे स्टेशन पर टीम तैनात की। रोडवेज बस स्टेशन अधीक्षक हरिओम सिंह व सहायक यातायात निरीक्षक सतीश मिश्र ने स्टेशन पर रुककर ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की गिनती की। उन्होंने बताया कि जिले के आंतरिक रूट पर बसों की उपलब्धता कराई जानी है। कर्फ्यू के दौरान 50 फीसदी सवारियाें के साथ बसें चलाई जा रही हैं।
भूखे बेटे के लिए खाना लेकर पहुंचा पिता
मुंबई से घर लौट रहे आशीष की खुशी उस समय निराशा में बदल गई जब स्टेशन से उसे क्वारंटीन सेंटर जाने को कहा गया। लंबे सफर की थकान और क्वारंटीन सेंटर में भोजन और चाय तक नहीं मिली। आशीष ने दोपहर को पिता मिश्रीलाल को फोन कर आपबीती बताई। पिता आनन फानन बेटे के लिए भोजन लेकर पहुंचा। बीएसए प्रदीप कुमार ने क्वारंटीन हुए लोगों को खानपान की व्यवस्था कम्युनिटी किचन से कराए जाने की बात बताई।