{"_id":"607b2dd88ebc3ec89c781ce5","slug":"unnao-news-unnao-news-knp6240532110","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज बुखार से अधेड़ सहित तीन की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज बुखार से अधेड़ सहित तीन की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। हिरननगर मोहल्ला निवासी युवक के परिजनों ने एंबुलेंस बुलाई। चालक ने हालत नाजुक देख कोरोना होने का शक जताया। बिना मरीज को लिए एंबुलेंस लेकर लौट गया। बाद में परिजन दूसरे वाहन से उसे अस्पताल लेकर पहुंचा जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, बिछिया निवासी अधेड़ और शुक्लागंज निवासी 45 वर्षीय युवक की भी बीमारी से मौत हो गई।
हिरननगर मोहल्ला निवासी किशन द्विवेदी (45) को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को जांच कराई तो टाइफाइड की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने दवा लिख दी और घर पर इलाज की सलाह दी। शनिवार सुबह किशन की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। करीब बीस मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची। बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत देख चालक ने कोविड की आशंका जताई और अस्पताल में जांच कराने की बात कहकर वापस लौट गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन इमरजेंसी वार्ड के बाहर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, बिछिया ब्लॉक के गांव मऊ सुल्तानपुर निवासी रामचंद्र (50) को काफी समय से बुखार आ रहा था। परिजन घर पर ही इलाज करा रहे थे।
हालत बिगड़ने पर शनिवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचाया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, शुक्लागंज निवासी आशुतोष (45) भी बुखार से पीड़ित थे। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए। हालत गंभीर देख जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में चेकअप के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि इमरजेंसी में अधिकतर मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। जिन्हें खांसी व सांस लेने में दिक्कत रहती है। अधिकांश लोगों में कोरोना का डर बना रहता है। इन मृतकों में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
हिरननगर मोहल्ला निवासी किशन द्विवेदी (45) को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को जांच कराई तो टाइफाइड की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने दवा लिख दी और घर पर इलाज की सलाह दी। शनिवार सुबह किशन की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। करीब बीस मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची। बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत देख चालक ने कोविड की आशंका जताई और अस्पताल में जांच कराने की बात कहकर वापस लौट गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन इमरजेंसी वार्ड के बाहर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, बिछिया ब्लॉक के गांव मऊ सुल्तानपुर निवासी रामचंद्र (50) को काफी समय से बुखार आ रहा था। परिजन घर पर ही इलाज करा रहे थे।
विज्ञापन
हालत बिगड़ने पर शनिवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचाया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, शुक्लागंज निवासी आशुतोष (45) भी बुखार से पीड़ित थे। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए। हालत गंभीर देख जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में चेकअप के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि इमरजेंसी में अधिकतर मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। जिन्हें खांसी व सांस लेने में दिक्कत रहती है। अधिकांश लोगों में कोरोना का डर बना रहता है। इन मृतकों में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।