{"_id":"6a987ad9dd828fbaa20f3c07","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-156944-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: 35 साल बाद उफनाई लोन नदी, गांवों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: 35 साल बाद उफनाई लोन नदी, गांवों में घुसा पानी
विज्ञापन
उन्नाव। जनपद में तीन दिन की भारी बारिश से लोन नदी करीब 35 साल बाद उफना गई है। इस दौरान औसतन 121 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हुआ। सई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।
बीघापुर तहसील क्षेत्र में पाटन-पुरवा मार्ग पर परसंदा गांव के बाहर सड़क कट गई। परसंदा गांव के अंदर भी पानी भर गया है। करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। आपदा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को 51.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एचएन मिश्रा भी उनके साथ थे।
एसडीएम के निर्देश पर मीरमऊ और बैजुआमऊ के बीच मार्ग पर बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद कराया गया। यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वहां पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जनपद में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
विज्ञापन
इंसेट-1
25 गांवों में पानी घुसा, गृहस्थी समेटने लगे ग्रामीण
लोन नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के 25 गांवों पुरई, बैजुआमऊ, संभूरतनखेड़ा, रामाखेड़ा, परसंडा, मोहकमगंज, तेवरिया, पनहन, पुरंदरपुर, ममरेजपुर और त्रिपुरारपुर आदि गांवों में पानी घुस गया है। पुरई गांव की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। यहां के लोगों ने गृहस्थी समेटनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लोन नदी में करीब 35 साल बाद इस तरह से पानी बढ़ा है। सड़क से आवागमन बंद कर दिया गया है। इससे पाटन, गड़रियाखेड़ा, ककरारी, धमनीखेड़ा और मीरमऊ के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्हें पुरवा, तहसील मुख्यालय पाटन और राजधानी लखनऊ जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से पुरवा के अतरसई गांव में भी फसलें जलमग्न हैं।
सई नदी का जलस्तर बढ़ा, जलेश्वरनाथ मंदिर मार्ग पर भरा पानी
हसनगंज। लगातारहो रही बारिश से सई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी का पानी कस्बा मोहान स्थित जलेश्वरनाथ मंदिर के चारों ओर भर गया है। मंदिर तक जाने वाला मार्ग भी डूब गया है।
नींदेमऊ के मजरा बिचपरी गांव के बाहर बारिश और तेज बहाव के कारण पानी सड़क पर बहने लगा है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जलेश्वरनाथ मंदिर के बाहर बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर पंचायत मोहान के चेयरमैन समरजीत यादव व अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने कर्मचारियों को मौके पर भेजा। कर्मचारियों ने मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कराई और श्रद्धालुओं को पानी के तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी है।
बारिश पकड़िया का पेड़ गिरा, पुरवा सीएचसी में जलभराव
सोनिक/पुरवा। लगातार हो रही बारिश से सदर तहसील के गांव बशीरतगंज में 40 वर्ष पुराना पकड़िया का पेड़ गिर गया। इसके चलते रास्ता बंद हो गया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारी ने उसको हटवाया। डिप्टी रेंजर अभिनाश चंद ने बताया कि पेड़ गिरने की सूचना पर कर्मियों को भेजकर हटवाया गया। उधर, पुरवा में बारिश के चलते सीएचसी परिसर में भीषण जलभराव हो गया। एंबुलेंस में मरीज बिठाने के लिए कर्मचारियों को स्ट्रेचर को पानी में खींचकर ले जाना पड़ा। (संवाद)
वर्जन...
मौसम विभाग से करीब एक सप्ताह के लिए जनपद में बारिश का ऑरेंज अलर्ट मिला है। इस दौरान बारिश रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की होती रहेगी। सभी तहसील अधिकारियों को क्षेत्रों की गहन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। लोन नदी के बढ़े पानी को देखते हुए ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। फिर भी अधिकारियों, कर्मचारियों को नजर रखने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।
विज्ञापन
बीघापुर तहसील क्षेत्र में पाटन-पुरवा मार्ग पर परसंदा गांव के बाहर सड़क कट गई। परसंदा गांव के अंदर भी पानी भर गया है। करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। आपदा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को 51.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एचएन मिश्रा भी उनके साथ थे।
विज्ञापन
एसडीएम के निर्देश पर मीरमऊ और बैजुआमऊ के बीच मार्ग पर बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद कराया गया। यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वहां पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जनपद में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
विज्ञापन
इंसेट-1
25 गांवों में पानी घुसा, गृहस्थी समेटने लगे ग्रामीण
लोन नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के 25 गांवों पुरई, बैजुआमऊ, संभूरतनखेड़ा, रामाखेड़ा, परसंडा, मोहकमगंज, तेवरिया, पनहन, पुरंदरपुर, ममरेजपुर और त्रिपुरारपुर आदि गांवों में पानी घुस गया है। पुरई गांव की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। यहां के लोगों ने गृहस्थी समेटनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लोन नदी में करीब 35 साल बाद इस तरह से पानी बढ़ा है। सड़क से आवागमन बंद कर दिया गया है। इससे पाटन, गड़रियाखेड़ा, ककरारी, धमनीखेड़ा और मीरमऊ के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्हें पुरवा, तहसील मुख्यालय पाटन और राजधानी लखनऊ जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से पुरवा के अतरसई गांव में भी फसलें जलमग्न हैं।
सई नदी का जलस्तर बढ़ा, जलेश्वरनाथ मंदिर मार्ग पर भरा पानी
हसनगंज। लगातारहो रही बारिश से सई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी का पानी कस्बा मोहान स्थित जलेश्वरनाथ मंदिर के चारों ओर भर गया है। मंदिर तक जाने वाला मार्ग भी डूब गया है।
नींदेमऊ के मजरा बिचपरी गांव के बाहर बारिश और तेज बहाव के कारण पानी सड़क पर बहने लगा है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जलेश्वरनाथ मंदिर के बाहर बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर पंचायत मोहान के चेयरमैन समरजीत यादव व अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने कर्मचारियों को मौके पर भेजा। कर्मचारियों ने मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कराई और श्रद्धालुओं को पानी के तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी है।
बारिश पकड़िया का पेड़ गिरा, पुरवा सीएचसी में जलभराव
सोनिक/पुरवा। लगातार हो रही बारिश से सदर तहसील के गांव बशीरतगंज में 40 वर्ष पुराना पकड़िया का पेड़ गिर गया। इसके चलते रास्ता बंद हो गया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारी ने उसको हटवाया। डिप्टी रेंजर अभिनाश चंद ने बताया कि पेड़ गिरने की सूचना पर कर्मियों को भेजकर हटवाया गया। उधर, पुरवा में बारिश के चलते सीएचसी परिसर में भीषण जलभराव हो गया। एंबुलेंस में मरीज बिठाने के लिए कर्मचारियों को स्ट्रेचर को पानी में खींचकर ले जाना पड़ा। (संवाद)
वर्जन...
मौसम विभाग से करीब एक सप्ताह के लिए जनपद में बारिश का ऑरेंज अलर्ट मिला है। इस दौरान बारिश रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की होती रहेगी। सभी तहसील अधिकारियों को क्षेत्रों की गहन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। लोन नदी के बढ़े पानी को देखते हुए ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। फिर भी अधिकारियों, कर्मचारियों को नजर रखने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त/राजस्व।