{"_id":"6ac0062be77d85e60e0182d4","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1024-158779-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: बिजली चोरी के छह साल पुराने मामले में आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: बिजली चोरी के छह साल पुराने मामले में आरोपी दोषमुक्त
विज्ञापन
उन्नाव। विशेष न्यायालय (ईसी एक्ट) ने बिजली चोरी के छह साल पुराने मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष सुनवाई के दौरान बिजली चोरी साबित नहीं कर सका। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया।
यह मामला चार सितंबर 2020 का है। अवर अभियंता सतीश चंद्र ने हसेवा गांव में टीम के साथ चेकिंग अभियान चलाया था। उन्होंने ज्ञानेंद्र सिंह पर वैध कनेक्शन के अलावा एलटी लाइन से कटिया डालकर बिजली चोरी का आरोप लगाया था। आरोप था कि ज्ञानेंद्र सिंह करीब 387 वाट बिजली का अवैध उपयोग कर रहे थे।
अवर अभियंता ने एंटी पावर थेफ्ट थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सतीश चंद्र, टीजी-टू संजय कुमार यादव और उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह को गवाह के रूप में पेश किया।
विज्ञापन
बचाव पक्ष की जिरह और पत्रावली के परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। विद्युत चोरी में प्रयोग की गई केबल मौके से बरामद नहीं हो सकी। चेकिंग की वीडियोग्राफी में भी यह प्रमाणित नहीं हो पाया कि इसमें दिख रहा व्यक्ति ज्ञानेंद्र सिंह ही है। विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) रामराज-द्वितीय ने ज्ञानेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। जमानतदारों को भी दायित्वों से मुक्त करने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
यह मामला चार सितंबर 2020 का है। अवर अभियंता सतीश चंद्र ने हसेवा गांव में टीम के साथ चेकिंग अभियान चलाया था। उन्होंने ज्ञानेंद्र सिंह पर वैध कनेक्शन के अलावा एलटी लाइन से कटिया डालकर बिजली चोरी का आरोप लगाया था। आरोप था कि ज्ञानेंद्र सिंह करीब 387 वाट बिजली का अवैध उपयोग कर रहे थे।
विज्ञापन
अवर अभियंता ने एंटी पावर थेफ्ट थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सतीश चंद्र, टीजी-टू संजय कुमार यादव और उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह को गवाह के रूप में पेश किया।
विज्ञापन
बचाव पक्ष की जिरह और पत्रावली के परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। विद्युत चोरी में प्रयोग की गई केबल मौके से बरामद नहीं हो सकी। चेकिंग की वीडियोग्राफी में भी यह प्रमाणित नहीं हो पाया कि इसमें दिख रहा व्यक्ति ज्ञानेंद्र सिंह ही है। विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) रामराज-द्वितीय ने ज्ञानेंद्र सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। जमानतदारों को भी दायित्वों से मुक्त करने का आदेश दिया गया।