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Unnao News: ओवरलोड ट्रकों को पास कराने में दो एआरटीओ से पूछताछ
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फोटो-25-पुलिस कार्यालय से निकलते एआरटीओ, पीटीओ व अन्य कर्मचारी। स्रोत: कर्मचारी
उन्नाव। जनपद की सीमा से बिना खनिज परिवहन प्रपत्र और ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के मामले में एसटीएफ की जांच अब विभागीय अधिकारियों तक पहुंच गई है। इस प्रकरण में नाम आने पर सीओ सिटी ने दो एआरटीओ प्रवर्तन, एक पीटीओ और उनके हमराही सिपाहियों से पूछताछ की। सीओ सिटी ने बताया कि नामजद व संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
कानपुर एसटीएफ ने 11 नवंबर 2025 को ओवरलोड ट्रकों को पास कराने वाले एक सिंडिकेट का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में सुनील सचान, प्रदीप सिंह, श्रीकिशन, तारिक हुसैन और नियाज अहमद सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मास्टरमाइंड के छोटे भाई तारिक के पास से करीब 350 ट्रकों की एक सूची मिली थी। आरोप है कि ये लोग ट्रकों के चालकों को एआरटीओ और खनिज विभाग की टीमों की जगह साझा कर चालान से बचाते थे। इसके बदले में वाहन मालिक या ट्रांसपोर्टर से प्रति चक्कर डेढ़ हजार रुपये लेते थे।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने अधिकारियों और उनके हमराही सिपाहियों से मिलीभगत की बात स्वीकार की थी। उन्होंने गिट्टी, मौरंग, बालू व अन्य माल लदे ओवरलोड वाहनों को सीमा पार कराने की जानकारी दी थी। एसटीएफ के उपनिरीक्षक राहुल सिंह परमार ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंगलवार को सीओ सिटी विनी सिंह ने दोनों एआरटीओ, तत्कालीन पीटीओ और उनके हमराही सिपाहियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने प्रकरण के संबंध में अन्य जानकारी भी ली। सीओ सिटी ने बताया कि वह मुकदमे की विवेचना कर रही हैं। इसमें जो भी नामजद हैं और जिनका उनसे संपर्क है, उन सभी से पूछताछ की जाएगी।
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तीन सिपाहियों पर गिरी थी गाज
ओवरलोडिंग के कथित खेल में दो एआरटीओ के हमराही तीन सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है। आरोप है कि यह सिपाही ओवरलोड वाहनों की लोकेशन और अधिकारियों की मौजूदगी की जानकारी सिंडिकेट तक पहुंचाते थे। जांच में इसके बदले रकम लेने बात भी सामने आई है। अब पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होगा कि उनकी भूमिका कहां तक थी और किसके निर्देश पर काम किया।
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कानपुर एसटीएफ ने 11 नवंबर 2025 को ओवरलोड ट्रकों को पास कराने वाले एक सिंडिकेट का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में सुनील सचान, प्रदीप सिंह, श्रीकिशन, तारिक हुसैन और नियाज अहमद सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मास्टरमाइंड के छोटे भाई तारिक के पास से करीब 350 ट्रकों की एक सूची मिली थी। आरोप है कि ये लोग ट्रकों के चालकों को एआरटीओ और खनिज विभाग की टीमों की जगह साझा कर चालान से बचाते थे। इसके बदले में वाहन मालिक या ट्रांसपोर्टर से प्रति चक्कर डेढ़ हजार रुपये लेते थे।
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एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने अधिकारियों और उनके हमराही सिपाहियों से मिलीभगत की बात स्वीकार की थी। उन्होंने गिट्टी, मौरंग, बालू व अन्य माल लदे ओवरलोड वाहनों को सीमा पार कराने की जानकारी दी थी। एसटीएफ के उपनिरीक्षक राहुल सिंह परमार ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंगलवार को सीओ सिटी विनी सिंह ने दोनों एआरटीओ, तत्कालीन पीटीओ और उनके हमराही सिपाहियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने प्रकरण के संबंध में अन्य जानकारी भी ली। सीओ सिटी ने बताया कि वह मुकदमे की विवेचना कर रही हैं। इसमें जो भी नामजद हैं और जिनका उनसे संपर्क है, उन सभी से पूछताछ की जाएगी।
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तीन सिपाहियों पर गिरी थी गाज
ओवरलोडिंग के कथित खेल में दो एआरटीओ के हमराही तीन सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है। आरोप है कि यह सिपाही ओवरलोड वाहनों की लोकेशन और अधिकारियों की मौजूदगी की जानकारी सिंडिकेट तक पहुंचाते थे। जांच में इसके बदले रकम लेने बात भी सामने आई है। अब पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होगा कि उनकी भूमिका कहां तक थी और किसके निर्देश पर काम किया।