सफीपुर। कस्बे के मोहल्ला किलाबाजार में आयोजित मिलाद में अलग-अलग प्रदेशों से आए शायरों ने मोहम्मद साहब के जीवन पर नात पढ़ी। रईश शाह की ओर से आयोजित मिलाद में हरदोई के संडीला से आए मौलाना मेहंदी ने कहा कि जिंदगी में अक्सर परेशानियां इस कदर घेर लेती हैं कि कुछ समझ में नहीं आता। ऐसे में किसी से भी मोहम्मद साहब का जिक्र सुनें। इससे मन हल्का हो जाएगा और परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों को डाॅक्टर, इंजीनियर और उच्च पदों पर नौकरी दिलाने वाली शिक्षा जरूर दें पर उन्हें कुरआन भी पढ़ाएं। धार्मिक शिक्षा बच्चों को ईमानदार और संस्कारिक बनाती है। कलकत्ता से आए मौलाना मंजर व हशमतुल्ला ने भी मजलिस को संबोधित किया। महाराष्ट्र नागपुर से आए कारी याकूब व जामी के अलावा हाफिज मुजीब, अल्ताफ, रियाजुद्दीन, मोहम्मद हसन, नसरुद्दीन, शकील ने शायरी से रात भर वाहवाही लूटी। हाफिज कुरान बने फुरकान, अहसानुल हक, शराफत व उनके शिक्षक हाफिज अंसार को सम्मानित किया गया।