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Unnao News: डंपरों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुए दो मार्ग, लोग परेशान
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फोटो- 7-गड्ढों में तब्दील चकहनुमान-मंगूखेड़ा मार्ग। स्रोत: ग्रामीण
गंजमुरादाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान डंपरों के आवागमन से क्षेत्र के दो मार्ग करीब छह किलोमीटर तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे ब्लॉक क्षेत्र के चकहनुमान, हरईपुर, महोलिया आदि कई गांवों के बीच से निकला है। इसके निर्माण में मिट्टी भरान के लिए बड़ी संख्या में डंपर लगे थे। डंपरों के आवागमन से तीन किलोमीटर लंबा चकहनुमान से मंगूखेड़ा मार्ग और इतना ही लंबा हरईपुर से कमलापुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्गों में गड्ढों के चलते दोपहिया वाहनों का भी निकलना दूभर हो गया है। इससे राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
नियमानुसार कार्यदायी संस्था को क्षतिग्रस्त हुए मार्गों का मरम्मतीकरण कराना चाहिए लेकिन कार्यदायी संस्था ने अभी तक इन मार्गों की सुध नहीं ली है। दसगवां निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की है।
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इस संबंध में लोनिवि के एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि नियमत: गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कार्यदायी संस्था को ही कराना चाहिए। फिर भी विभाग ने क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की है।
दो साल पूर्व 40 लाख से हुई थी मार्ग की मरम्मत
चकहनुमान से मंगूखेड़ा तक तीन किलोमीटर लंबे मार्ग की मरम्मत करीब दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी ने कराई थी। इसमें करीब 40 लाख की लागत आई थी। यह मार्ग पर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गया है।
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गंगा एक्सप्रेसवे ब्लॉक क्षेत्र के चकहनुमान, हरईपुर, महोलिया आदि कई गांवों के बीच से निकला है। इसके निर्माण में मिट्टी भरान के लिए बड़ी संख्या में डंपर लगे थे। डंपरों के आवागमन से तीन किलोमीटर लंबा चकहनुमान से मंगूखेड़ा मार्ग और इतना ही लंबा हरईपुर से कमलापुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्गों में गड्ढों के चलते दोपहिया वाहनों का भी निकलना दूभर हो गया है। इससे राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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नियमानुसार कार्यदायी संस्था को क्षतिग्रस्त हुए मार्गों का मरम्मतीकरण कराना चाहिए लेकिन कार्यदायी संस्था ने अभी तक इन मार्गों की सुध नहीं ली है। दसगवां निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रावेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की है।
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इस संबंध में लोनिवि के एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि नियमत: गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कार्यदायी संस्था को ही कराना चाहिए। फिर भी विभाग ने क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की है।
दो साल पूर्व 40 लाख से हुई थी मार्ग की मरम्मत
चकहनुमान से मंगूखेड़ा तक तीन किलोमीटर लंबे मार्ग की मरम्मत करीब दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी ने कराई थी। इसमें करीब 40 लाख की लागत आई थी। यह मार्ग पर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गया है।