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Unnao News: डीजी हेल्थ ने जिला अस्पताल की परखीं व्यवस्थाएं
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फोटो-9- निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस चालक से जानकारी लेते डीजी हेल्थ डाॅ. पवन कुमार। संवाद
उन्नाव। डीजी हेल्थ डॉ. पवन कुमार ने शनिवार को दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन विभाग, बाह्य रोगी विभाग, पुरुष व महिला वार्डों का जायजा लिया। मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। गर्मी के मौसम को देखते हुए पंखे और कूलर दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
डीजी हेल्थ ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि तीमारदारों को घर से पंखा लाना पड़े। आपातकालीन विभाग में कुछ बेडों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। उन्होंने सीएमएस को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और नियमित राउंड कर निगरानी करने को कहा। शौचालयों को स्वच्छ और उपयोग योग्य बनाए रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कई वार्डों में छत के पंखे नहीं चलने का मुद्दा उठाया गया। मरीजों और तीमारदारों को इससे परेशानी हो रही थी जिससे वे घर से पंखे लाने को मजबूर थे। डीजी हेल्थ ने एमएस और सीएमएस को सभी छत के पंखे सुचारु रूप से चलवाने के निर्देश दिए। कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पवन कुमार ने यह भी दोहराया कि सरकार द्वारा दी जा रही निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं शत-प्रतिशत आम जनता तक पहुंचें। मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया।
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10 से 15 मिनट में पहुंच जाए एंबुलेंस
आपातकालीन विभाग से बाह्य रोगी विभाग जाते समय डीजी हेल्थ ने एक 108 एंबुलेंस को रोका। एंबुलेंस चालक से पहुंचने के समय के बारे में विस्तार से जानकारी ली। चालक ने बताया कि कॉल आने पर 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचते हैं। इस पर डीजी हेल्थ ने पहुंचने का समय सुधारने और 10 से 15 मिनट में पहुंचने के लिए कहा। स्पष्ट किया कि एंबुलेंस के पहुंचने के समय से विभाग के मंत्री नाराज हैं।
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डीजी हेल्थ ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि तीमारदारों को घर से पंखा लाना पड़े। आपातकालीन विभाग में कुछ बेडों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। उन्होंने सीएमएस को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और नियमित राउंड कर निगरानी करने को कहा। शौचालयों को स्वच्छ और उपयोग योग्य बनाए रखने पर भी जोर दिया।
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निरीक्षण के दौरान कई वार्डों में छत के पंखे नहीं चलने का मुद्दा उठाया गया। मरीजों और तीमारदारों को इससे परेशानी हो रही थी जिससे वे घर से पंखे लाने को मजबूर थे। डीजी हेल्थ ने एमएस और सीएमएस को सभी छत के पंखे सुचारु रूप से चलवाने के निर्देश दिए। कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पवन कुमार ने यह भी दोहराया कि सरकार द्वारा दी जा रही निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं शत-प्रतिशत आम जनता तक पहुंचें। मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया।
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10 से 15 मिनट में पहुंच जाए एंबुलेंस
आपातकालीन विभाग से बाह्य रोगी विभाग जाते समय डीजी हेल्थ ने एक 108 एंबुलेंस को रोका। एंबुलेंस चालक से पहुंचने के समय के बारे में विस्तार से जानकारी ली। चालक ने बताया कि कॉल आने पर 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचते हैं। इस पर डीजी हेल्थ ने पहुंचने का समय सुधारने और 10 से 15 मिनट में पहुंचने के लिए कहा। स्पष्ट किया कि एंबुलेंस के पहुंचने के समय से विभाग के मंत्री नाराज हैं।