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Unnao News: खसरा संक्रमित तीन बच्चे मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली
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फोटो-19- तिकोनिया पार्क के पास सर्वे के दौरान महिला से जानकारी लेता स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत: स्व
बांगरमऊ। नगर के मोहल्ला टेढ़ी बाजार में दो बच्चे खसरा से पीड़ित मिले और उपचार के बाद स्वस्थ्य हो गए। शुक्रवार को बच्ची खसरा से पीड़ित मिली। बच्चों के खसरा से संक्रमित होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। सीएचसी की जांच टीमें तीन मोहल्लों में घर-घर बच्चों की जांच कर रही हैं।
मोहल्ला टेढ़ी बाजार निवासी राहुल के बेटे अंश (6) को बुखार था। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच की तो खसरा से संक्रमित मिला। उपचार के बाद स्वस्थ हुआ तो छोटा भाई विहान (4) संक्रमित हो गया। उसका भी इलाज सीएचसी में हुआ। अब वह स्वस्थ है। शुक्रवार को नगर के मोहल्ला पुर्विया टोला निवासी इंतजार की बेटी वसीरा (5) भी खसरा से संक्रमित पाई गई। एक के बाद एक तीन बच्चों के खसरा संक्रमित होने की सूचना पर सीएचसी के डॉ. नीरज शुक्ला व सुनील राठौर के नेतृत्व में टीम मोहल्ला पुर्विया टोला पहुंची। मोहल्ले के बच्चों की जांच की। हालांकि अन्य कोई बच्चा संक्रमित नहीं मिला। सीएचसी के डॉ. सागर ने बताया कि एएनएम व आशा को नगर के मोहल्लों में घर-घर बच्चों की जांच कराई जा रही है। निगरानी डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. सुनील राठौर, डॉ. अनुज कर रहे हैं। अब तक मोहल्ला पूर्विया, हटिया व दरगाह के कुल 70 घरों में सर्वे हुआ है, सभी 17 बच्चे स्वस्थ पाए गए हैं। डॉक्टरों की टीमें पड़ोसी मोहल्लों में भी बच्चों की जांच कर रही हैं।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सागर ने खसरा और रूबेला में अंतर बताया। कहा कि खसरा और रुबेला दोनों संक्रामक बीमारी हैं। खसरा में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंख लाल होना तीन-चार दिन बाद पूरे शरीर पर लाल चकत्ते और मुंह के अंदर सफेद दाने पड़ सकते हैं। निमोनिया और दिमाग में सूजन खतरनाक हो सकता है। बताया कि रूबेला खसरे से कम गंभीर है। इसमें हल्का बुखार और हल्के लाल चकत्ते, गर्दन के पीछे लिंफ नोड्स में सूजन आ जाती है। कहा कि यह बीमारी बच्चों में सामान्य लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकती है। सलाह दी है कि इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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मोहल्ला टेढ़ी बाजार निवासी राहुल के बेटे अंश (6) को बुखार था। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच की तो खसरा से संक्रमित मिला। उपचार के बाद स्वस्थ हुआ तो छोटा भाई विहान (4) संक्रमित हो गया। उसका भी इलाज सीएचसी में हुआ। अब वह स्वस्थ है। शुक्रवार को नगर के मोहल्ला पुर्विया टोला निवासी इंतजार की बेटी वसीरा (5) भी खसरा से संक्रमित पाई गई। एक के बाद एक तीन बच्चों के खसरा संक्रमित होने की सूचना पर सीएचसी के डॉ. नीरज शुक्ला व सुनील राठौर के नेतृत्व में टीम मोहल्ला पुर्विया टोला पहुंची। मोहल्ले के बच्चों की जांच की। हालांकि अन्य कोई बच्चा संक्रमित नहीं मिला। सीएचसी के डॉ. सागर ने बताया कि एएनएम व आशा को नगर के मोहल्लों में घर-घर बच्चों की जांच कराई जा रही है। निगरानी डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. सुनील राठौर, डॉ. अनुज कर रहे हैं। अब तक मोहल्ला पूर्विया, हटिया व दरगाह के कुल 70 घरों में सर्वे हुआ है, सभी 17 बच्चे स्वस्थ पाए गए हैं। डॉक्टरों की टीमें पड़ोसी मोहल्लों में भी बच्चों की जांच कर रही हैं।
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ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सागर ने खसरा और रूबेला में अंतर बताया। कहा कि खसरा और रुबेला दोनों संक्रामक बीमारी हैं। खसरा में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंख लाल होना तीन-चार दिन बाद पूरे शरीर पर लाल चकत्ते और मुंह के अंदर सफेद दाने पड़ सकते हैं। निमोनिया और दिमाग में सूजन खतरनाक हो सकता है। बताया कि रूबेला खसरे से कम गंभीर है। इसमें हल्का बुखार और हल्के लाल चकत्ते, गर्दन के पीछे लिंफ नोड्स में सूजन आ जाती है। कहा कि यह बीमारी बच्चों में सामान्य लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकती है। सलाह दी है कि इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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