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Unnao News: आपने बचाया लोकतंत्र का महान मंत्र...पापियों के पंक वाले अंक को मिटा दिया
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फोटो-4- कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते कवि राम भदावर। संवाद
उन्नाव। शहर के पीडी नगर स्थित अटल उपवन में बुधवार की देर शाम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि राम भदावर ने काव्यपाठ की शुरुआत करते हुए पढ़ा कि आपने बचाया लोकतंत्र का महान मंत्र, पापियों के पंक वाले अंक को मिटा दिया, रावण के फौज का किया है सर्वनाश, आस रामभक्त की जगी तो लंक को मिटा दिया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
इससे पहले शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा और भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण मिश्रा भानू ने दीप जलाकर किया। कवयित्री सोनरूपा विशाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। देश के नामचीन गीतकार व कवि विष्णु सक्सेना ने जब गीत सुनना शुरू किया तो श्रोता साथ गुनगुनाने लगे। उन्होंने अपनी रचना, चांदनी रात में रंग ले हाथ में, जिंदगी को नया मोड़ दें, तुम हमारी कसम तोड़ दो, हम तुम्हारी कसम तोड़ दें, सहित शृंगार रस के बाद एक कई गीत सुनाए।
कवि अनुभव अज्ञानी ने, थी दिखने में हथौड़ी मगर कील रही है, वो मेरे कैमरे की पूरी रील रही है कविता के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाया। कवि राहुल विनम्र ने शांति धैर्य का भी तो कोई माप दिखाना पड़ता है, शीतलहर जब ज्यादा तो ताप दिखाना पड़ता है, सुनाकर तालियां बटोरीं।
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कवयित्री वंदना विशेष ने राजनीति को धर्म मानकर फर्ज निभाया करते थे, देश पे सब कुछ वार दीजिए यही बताया करते थे, अटल थीं बातें, अटल इरादे पोषक थे समरसता के, त्याग समर्पण नैतिकता का पाठ पढ़ाया करते थे सुनाकर अटल जी को नमन किया।
संचालक अनिरुद्ध सौरभ, मधुप श्रीवास्तव और शरद मिश्रा ने काव्य पाठ कर खूब वाहवाही लूटी। इस दौरान एमएलसी रामचंद्र प्रधान, अमित मिश्रा, डॉ.प्रभात सिन्हा, रात तनेजा,पीके मिश्रा, शार्दुल आदि मौजूद रहे।
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इससे पहले शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा और भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण मिश्रा भानू ने दीप जलाकर किया। कवयित्री सोनरूपा विशाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। देश के नामचीन गीतकार व कवि विष्णु सक्सेना ने जब गीत सुनना शुरू किया तो श्रोता साथ गुनगुनाने लगे। उन्होंने अपनी रचना, चांदनी रात में रंग ले हाथ में, जिंदगी को नया मोड़ दें, तुम हमारी कसम तोड़ दो, हम तुम्हारी कसम तोड़ दें, सहित शृंगार रस के बाद एक कई गीत सुनाए।
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कवि अनुभव अज्ञानी ने, थी दिखने में हथौड़ी मगर कील रही है, वो मेरे कैमरे की पूरी रील रही है कविता के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाया। कवि राहुल विनम्र ने शांति धैर्य का भी तो कोई माप दिखाना पड़ता है, शीतलहर जब ज्यादा तो ताप दिखाना पड़ता है, सुनाकर तालियां बटोरीं।
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कवयित्री वंदना विशेष ने राजनीति को धर्म मानकर फर्ज निभाया करते थे, देश पे सब कुछ वार दीजिए यही बताया करते थे, अटल थीं बातें, अटल इरादे पोषक थे समरसता के, त्याग समर्पण नैतिकता का पाठ पढ़ाया करते थे सुनाकर अटल जी को नमन किया।
संचालक अनिरुद्ध सौरभ, मधुप श्रीवास्तव और शरद मिश्रा ने काव्य पाठ कर खूब वाहवाही लूटी। इस दौरान एमएलसी रामचंद्र प्रधान, अमित मिश्रा, डॉ.प्रभात सिन्हा, रात तनेजा,पीके मिश्रा, शार्दुल आदि मौजूद रहे।