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Unnao News: धनतेरस पर बरसा धन, 50 करोड़ का कारोबार
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फोटो-26-अस्पताल रोड स्थित वसुंधरा ज्वैलर्स में खरीदारी करते लोग।
उन्नाव। जीएसटी कम होने से इस बार धनतेरस पर्व के कारोबार में सबसे ज्यादा उछाल रहा। सराफा, बर्तन, इलेक्ट्रानिक और ऑटो मोबाइल के बाजार में सुबह से रात तक रौनक रही। लोगों ने दिल खोलकर खरीदारी की। व्यापारियों के अनुसार इस बार कारोबार का आंकड़ा 50 करोड़ पार होने का अनुमान है। स्कूटी पर छह से आठ, बाइक पर तीन से छह, और ट्रैक्टर पर 18 हजार तक रुपये कम हुए हैं। इसके साथ धनतरेस पर ग्राहकों को गिफ्ट भी दिया गया है।
धनतेरस पर शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ा, शहर से लेकर कस्बों तक के बाजारों में भीड़ बढ़ती गई। शाम होते-होते खचाखच भीड़ हो गई जो आधी रात तक बरकरार रही। मान्यता है कि कोई न कोई नई वस्तु की खरीदारी करनी चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। इसी वजह से लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदते हैं। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि जीएसटी कम होने से इस बार धनतेरस पर अच्छा कारोबार हुआ है। बताया जिले की विभिन्न तहसील और ब्लॉक संगठनों से मिली सूचना के अनुसार धनतेरस का कारोबार 70 करोड़ से ऊपर पहुंचने का अनुमान है।
स्टील के बर्तनों की मांग अधिक रही
धनतेरस पर सबसे भीड़ बर्तन की दुकानों पर रही। जिन लोगों ने ज्वैलरी व अन्य सामान खरीदने के साथ ही रसोई के लिए एक नया बर्तन जरूर खरीदा। लोहे के बर्तनों की अपेक्षा इस बार स्टेनलेस स्टील के बर्तनों की मांग अधिक रही। बाजार में लगी स्थाई व अस्थाई दुकानों में सबसे ज्यादा दुकानें बर्तन की रहीं। बर्तन व्यापारियों के अनुसार धनतेरस के दिन जिले में औसतन आठ करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।
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हल्की ज्वैलरी, छोटे आभूषण, चांदी के सिक्के-बर्तन खूब बिके
धनतेरस पर भी सोने के दाम चढ़ा रहा लेकिन चांदी के दाम घटने से लोगों को राहत मिली। तीन दिन पहले तक प्रति किलो 1.90 लाख रुपये में बिकने वाली चांदी का भाव शनिवार को 1.70 लाख रुपये हो गया। प्रति किलो बीस हजार रुपये की राहत मिलने से लोगों ने चांदी की मूर्तियां, बर्तन ज्वैलरी खरीदी। सोने का भाव प्रति दस ग्राम 1.32 लाख रुपये रहा। खरीदारी करने पहुंचे लोगों ने इस बार वजन में हल्के व देखने में भड़काऊ आभूषणों पर अधिक ध्यान दिया। बाजार में उपलब्ध एक ग्राम सोने से बनी ज्वैलरी भी लोगों को खूब भाई। हालांकि हॉलमार्क वाले नौ ग्राम सोने के आभूषणों की मांग जिले में अधिक नहीं रही।
पिछले साल 1400 रुपये में मिलने वाला चांदी का पुराना सिक्का इस बार 2200 रुपये में बिका। वहीं नया दस ग्राम वाला सिक्का 1900 रुपये में बिका। लोगों ने चांदी के सिक्कों के अलावा लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, चांदी के बर्तन, चेन व अन्य आभूषण खूब बिके। सराफा व्यापारी शिशिर गुप्ता ने बताया कि अनुमान है कि इसबार धनतेरस पर जिले में सराफा व्यापार आठ से दस करोड़ तक होने का अनुमान है।
स्कूटी और अधिक माइलेज वाली बाइकों की मांग
इस बार जीएसटी कम होने से ऑटो मोबाइल क्षेत्र में भी त्योहारी चमक रही। दोपहिया व चार पहिया वाहनों की भी खूब बिक्री हुई। इसमें युवाओं ने स्कूटी और अधिक माइलेज वाली बाइकें खरीदीं। जबकि तमाम लोगों ने ई-बाइक और ई स्कूटर को पसंद किया। व्यापारियों के अनुसार ऑटो मोबाइल क्षेत्र में 18 करोड़ का कारोबार पूरे जिले में हुआ है।
आठ करोड़ के बिके कपड़े
त्योहार पर लोगों ने अन्य सामानों के साथ ही कपड़ों की भी खूब खरीदारी की। शहर की मुख्य कपड़ा मार्केट स्टेशन रोड, सदर बाजार और धवनरोड बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। लोग अपने साथ-साथ महिलाओं व बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी करते रहे। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आठ करोड़ कारोबार का अनुमान है।
मोबाइल के साथ गिफ्ट ने लुभाया
मोबाइल के शोरूम में सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया। यहां सबसे ज्यादा युवक और युवतियां ही नजर आएं। लोगों ने ज्यादा पिक्सल वाले फ्रंट और बैक कैमरा वाले मोबाइल खरीदे। साथ ही मोबाइल के अन्य फंक्शन भी देखे। खरीदने से पहले सेल्फी खींचकर जांचा परखा। अच्छे प्रोसेसर और ज्यादा मेमोरी वाले फोन की बिक्री खूब हुई। इस बार ग्राहकों को 500 से लेकर 1000 रुपये तक गिफ्ट दुकानदारों ने दिए। मोबाइल फोन का कारोबार करीब पांच करोड़ का हुआ है।
फोटो- मोती नगर में स्वदेशी झालरें खरीदते लोग। संवाद
सजावट के लिए स्वदेशी झालरों की मांग, इलेक्ट्रॉनिक दीये भी भा रहे
उन्नाव। दिवाली की दस्तक से बाजार गुलजार है। खास बात यह है कि इस बार देसी उत्पादों की मांग और उपलब्धता है। चाइनीज झालरों की बजाय देसी झालरें खरीद रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक दीये, लालटेन और रंगबिरंगी लाइटें भी पसंद आईं।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार दिवाली पर बाजार में चहल-पहल ज्यादा है। लोगों ने दिवाली की खरीदारी शुरू कर दी है। इससे बाजार में रौनक है। घर की सजावट से लेकर पूजा की सामग्री सभी की दुकानें जगह-जगह सजी हुई हैं। लक्ष्मी-गणेशा की मूर्तियां, सजावट और रंगोली का सामान, चूरा गट्टा, मिट्टी के दिए और मोमबत्ती की खूब खरीददारी हो रही है। मोती नगर में झालर की दुकान लगाए दुकानदार करन ने बताया कि इस बार दिवाली में अच्छी दुकानदारी हो रही है। छोटे बल्ब वाली झालर 150- 200 रुपये और स्टार लाइट झालर 150 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा बड़ा चौराहा पर लक्ष्मी- गणेश की दुकान लगाए दुकानदार रोहित ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा 30 से 650 रुपये तक बिक रही है। मिट्टी के छोटे डिजायनर दिये 10 रुपये, मिट्टी के पांच दियों वाला सेट 80 रुपये और बड़ा दीपक 70 रुपये में बिक रहा है।
फोटो
दोपहर बाद खुला शहर पटाखा बाजार, रही भीड़
पुलिस कर्मियों की उगाही और उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार रात पटाखा व्यापारियों ने पूरी मार्केट बंद कर दी थी। रात में कोतवाली और सीओ सिटी से शिकायत भी की थी। शनिवार को एसपी जय प्रकाश से व्यापारियों ने मुलाकात की और अपनी समस्या बताई। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और इस के बाद सदर कोतवाली में तैनात पांच पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
कार्रवाई होने के बाद शनिवार सुबह करीब 11 बजे व्यापारियों ने अब्बासपुर स्थित पटाखा बाजार में अपनी दुकानें खोलीं। इसके बाद लोगों ने खरीदारी की। लोगों का ग्रीन पटाखों पर ज्यादा जोर है। तेज आवाज वाले पटाखों के बजाए रोशनी वाले पटाखे लोगों की पसंद बने हैं। बाजार में आसमान में सतरंगी रोशनी बिखेरने वाले पटाखे 100 से 200 रुपये तक में, 12 से 18 राउंड, आसमान में फूटने वाला शॉवर पटाखा की कीमत 500 से 700 रुपये तक में है। अनार, फुलझड़ी, कम आवाज वाले पटाखे, फुलझड़ी, चरखी बच्चों को खूब पसंद आ रहे हैं। उन्नाव पटाखा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश राजपूत और महामंत्री सलमान खान ने बताया कि धनतेरस से दिवाली तक तीन दिन में अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।
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धनतेरस पर शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ा, शहर से लेकर कस्बों तक के बाजारों में भीड़ बढ़ती गई। शाम होते-होते खचाखच भीड़ हो गई जो आधी रात तक बरकरार रही। मान्यता है कि कोई न कोई नई वस्तु की खरीदारी करनी चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। इसी वजह से लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदते हैं। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि जीएसटी कम होने से इस बार धनतेरस पर अच्छा कारोबार हुआ है। बताया जिले की विभिन्न तहसील और ब्लॉक संगठनों से मिली सूचना के अनुसार धनतेरस का कारोबार 70 करोड़ से ऊपर पहुंचने का अनुमान है।
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धनतेरस पर सबसे भीड़ बर्तन की दुकानों पर रही। जिन लोगों ने ज्वैलरी व अन्य सामान खरीदने के साथ ही रसोई के लिए एक नया बर्तन जरूर खरीदा। लोहे के बर्तनों की अपेक्षा इस बार स्टेनलेस स्टील के बर्तनों की मांग अधिक रही। बाजार में लगी स्थाई व अस्थाई दुकानों में सबसे ज्यादा दुकानें बर्तन की रहीं। बर्तन व्यापारियों के अनुसार धनतेरस के दिन जिले में औसतन आठ करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।
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हल्की ज्वैलरी, छोटे आभूषण, चांदी के सिक्के-बर्तन खूब बिके
धनतेरस पर भी सोने के दाम चढ़ा रहा लेकिन चांदी के दाम घटने से लोगों को राहत मिली। तीन दिन पहले तक प्रति किलो 1.90 लाख रुपये में बिकने वाली चांदी का भाव शनिवार को 1.70 लाख रुपये हो गया। प्रति किलो बीस हजार रुपये की राहत मिलने से लोगों ने चांदी की मूर्तियां, बर्तन ज्वैलरी खरीदी। सोने का भाव प्रति दस ग्राम 1.32 लाख रुपये रहा। खरीदारी करने पहुंचे लोगों ने इस बार वजन में हल्के व देखने में भड़काऊ आभूषणों पर अधिक ध्यान दिया। बाजार में उपलब्ध एक ग्राम सोने से बनी ज्वैलरी भी लोगों को खूब भाई। हालांकि हॉलमार्क वाले नौ ग्राम सोने के आभूषणों की मांग जिले में अधिक नहीं रही।
पिछले साल 1400 रुपये में मिलने वाला चांदी का पुराना सिक्का इस बार 2200 रुपये में बिका। वहीं नया दस ग्राम वाला सिक्का 1900 रुपये में बिका। लोगों ने चांदी के सिक्कों के अलावा लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, चांदी के बर्तन, चेन व अन्य आभूषण खूब बिके। सराफा व्यापारी शिशिर गुप्ता ने बताया कि अनुमान है कि इसबार धनतेरस पर जिले में सराफा व्यापार आठ से दस करोड़ तक होने का अनुमान है।
स्कूटी और अधिक माइलेज वाली बाइकों की मांग
इस बार जीएसटी कम होने से ऑटो मोबाइल क्षेत्र में भी त्योहारी चमक रही। दोपहिया व चार पहिया वाहनों की भी खूब बिक्री हुई। इसमें युवाओं ने स्कूटी और अधिक माइलेज वाली बाइकें खरीदीं। जबकि तमाम लोगों ने ई-बाइक और ई स्कूटर को पसंद किया। व्यापारियों के अनुसार ऑटो मोबाइल क्षेत्र में 18 करोड़ का कारोबार पूरे जिले में हुआ है।
आठ करोड़ के बिके कपड़े
त्योहार पर लोगों ने अन्य सामानों के साथ ही कपड़ों की भी खूब खरीदारी की। शहर की मुख्य कपड़ा मार्केट स्टेशन रोड, सदर बाजार और धवनरोड बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। लोग अपने साथ-साथ महिलाओं व बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी करते रहे। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आठ करोड़ कारोबार का अनुमान है।
मोबाइल के साथ गिफ्ट ने लुभाया
मोबाइल के शोरूम में सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया। यहां सबसे ज्यादा युवक और युवतियां ही नजर आएं। लोगों ने ज्यादा पिक्सल वाले फ्रंट और बैक कैमरा वाले मोबाइल खरीदे। साथ ही मोबाइल के अन्य फंक्शन भी देखे। खरीदने से पहले सेल्फी खींचकर जांचा परखा। अच्छे प्रोसेसर और ज्यादा मेमोरी वाले फोन की बिक्री खूब हुई। इस बार ग्राहकों को 500 से लेकर 1000 रुपये तक गिफ्ट दुकानदारों ने दिए। मोबाइल फोन का कारोबार करीब पांच करोड़ का हुआ है।
फोटो- मोती नगर में स्वदेशी झालरें खरीदते लोग। संवाद
सजावट के लिए स्वदेशी झालरों की मांग, इलेक्ट्रॉनिक दीये भी भा रहे
उन्नाव। दिवाली की दस्तक से बाजार गुलजार है। खास बात यह है कि इस बार देसी उत्पादों की मांग और उपलब्धता है। चाइनीज झालरों की बजाय देसी झालरें खरीद रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक दीये, लालटेन और रंगबिरंगी लाइटें भी पसंद आईं।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार दिवाली पर बाजार में चहल-पहल ज्यादा है। लोगों ने दिवाली की खरीदारी शुरू कर दी है। इससे बाजार में रौनक है। घर की सजावट से लेकर पूजा की सामग्री सभी की दुकानें जगह-जगह सजी हुई हैं। लक्ष्मी-गणेशा की मूर्तियां, सजावट और रंगोली का सामान, चूरा गट्टा, मिट्टी के दिए और मोमबत्ती की खूब खरीददारी हो रही है। मोती नगर में झालर की दुकान लगाए दुकानदार करन ने बताया कि इस बार दिवाली में अच्छी दुकानदारी हो रही है। छोटे बल्ब वाली झालर 150- 200 रुपये और स्टार लाइट झालर 150 रुपये में बिक रही है। इसके अलावा बड़ा चौराहा पर लक्ष्मी- गणेश की दुकान लगाए दुकानदार रोहित ने बताया कि लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा 30 से 650 रुपये तक बिक रही है। मिट्टी के छोटे डिजायनर दिये 10 रुपये, मिट्टी के पांच दियों वाला सेट 80 रुपये और बड़ा दीपक 70 रुपये में बिक रहा है।
फोटो
दोपहर बाद खुला शहर पटाखा बाजार, रही भीड़
पुलिस कर्मियों की उगाही और उत्पीड़न के विरोध में शुक्रवार रात पटाखा व्यापारियों ने पूरी मार्केट बंद कर दी थी। रात में कोतवाली और सीओ सिटी से शिकायत भी की थी। शनिवार को एसपी जय प्रकाश से व्यापारियों ने मुलाकात की और अपनी समस्या बताई। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और इस के बाद सदर कोतवाली में तैनात पांच पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
कार्रवाई होने के बाद शनिवार सुबह करीब 11 बजे व्यापारियों ने अब्बासपुर स्थित पटाखा बाजार में अपनी दुकानें खोलीं। इसके बाद लोगों ने खरीदारी की। लोगों का ग्रीन पटाखों पर ज्यादा जोर है। तेज आवाज वाले पटाखों के बजाए रोशनी वाले पटाखे लोगों की पसंद बने हैं। बाजार में आसमान में सतरंगी रोशनी बिखेरने वाले पटाखे 100 से 200 रुपये तक में, 12 से 18 राउंड, आसमान में फूटने वाला शॉवर पटाखा की कीमत 500 से 700 रुपये तक में है। अनार, फुलझड़ी, कम आवाज वाले पटाखे, फुलझड़ी, चरखी बच्चों को खूब पसंद आ रहे हैं। उन्नाव पटाखा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश राजपूत और महामंत्री सलमान खान ने बताया कि धनतेरस से दिवाली तक तीन दिन में अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।

फोटो-26-अस्पताल रोड स्थित वसुंधरा ज्वैलर्स में खरीदारी करते लोग।

फोटो-26-अस्पताल रोड स्थित वसुंधरा ज्वैलर्स में खरीदारी करते लोग।

फोटो-26-अस्पताल रोड स्थित वसुंधरा ज्वैलर्स में खरीदारी करते लोग।