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Unnao News: छोटे बेटों के पास जाने की जिद पर की थी महिला की हत्या
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फोटो-23- मां का हत्यारोपी बेटा योगेंद्र। स्रोत पुलिस
उन्नाव। सदर कोतवाली के बंदूहार मोहल्ले में एक वृद्धा की गला घोटकर हत्या की घटना में पुलिस ने उनके बड़े बेटे योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी बेटे ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मां उसके छोटे भाइयों के पास जाने की जिद कर रही थीं। इसी कारण उसने गला दबा दिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया और अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
बंदूहार मोहल्ला निवासी शशिकला सिंह (76) की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। छोटे बेटे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बड़े भाई योगेंद्र पर मां की हत्या का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। पोस्टमार्टम में गला घोटकर हत्या की पुष्टि होने पर योगेंद्र पोस्टमार्टम हाउस से चुपचाप चला गया था। पुलिस ने ज्ञानेंद्र की तहरीर पर योगेंद्र, उसकी पत्नी पूजा, बेटे आशुमेंद्र और बेटी दिव्या के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रात में ही संभावित स्थानों पर दबिश दी। संघूपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी चंद्रकात सिंह ने बताया कि पूछताछ में योगेंद्र ने बताया कि पिता की मौत के बाद डेढ़ साल से वह मां को कमरे में रखे था। उसे किसी से मिलने नहीं देता था। कुछ समय तक तो मां संपत्ति उसके नाम करती रहीं लेकिन बाकी बची संपत्ति छोटे बेटों के नाम करने की बात कहने लगीं। समझाने पर भी वह जिद पर अड़ी रहीं। विवाद के दौरान गुस्से में गला दबा दिया जिससे उनकी मौत हो गई। कोतवाल ने बताया कि घटना में अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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मां को पड़ोसियों ने भी नहीं देखा
पुलिस ने हत्यारोपी के घर के आसपास भी पड़ताल की। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने डेढ़ साल में एक या दो बार ही शशिकला सिंह को देखा था। बताया कि शशिकला सिंह घर से बाहर नहीं निकलती थीं। कोतवाल ने यह भी बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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बंदूहार मोहल्ला निवासी शशिकला सिंह (76) की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। छोटे बेटे ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बड़े भाई योगेंद्र पर मां की हत्या का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। पोस्टमार्टम में गला घोटकर हत्या की पुष्टि होने पर योगेंद्र पोस्टमार्टम हाउस से चुपचाप चला गया था। पुलिस ने ज्ञानेंद्र की तहरीर पर योगेंद्र, उसकी पत्नी पूजा, बेटे आशुमेंद्र और बेटी दिव्या के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रात में ही संभावित स्थानों पर दबिश दी। संघूपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी चंद्रकात सिंह ने बताया कि पूछताछ में योगेंद्र ने बताया कि पिता की मौत के बाद डेढ़ साल से वह मां को कमरे में रखे था। उसे किसी से मिलने नहीं देता था। कुछ समय तक तो मां संपत्ति उसके नाम करती रहीं लेकिन बाकी बची संपत्ति छोटे बेटों के नाम करने की बात कहने लगीं। समझाने पर भी वह जिद पर अड़ी रहीं। विवाद के दौरान गुस्से में गला दबा दिया जिससे उनकी मौत हो गई। कोतवाल ने बताया कि घटना में अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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मां को पड़ोसियों ने भी नहीं देखा
पुलिस ने हत्यारोपी के घर के आसपास भी पड़ताल की। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने डेढ़ साल में एक या दो बार ही शशिकला सिंह को देखा था। बताया कि शशिकला सिंह घर से बाहर नहीं निकलती थीं। कोतवाल ने यह भी बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।