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Unnao News: दवा के थोक विक्रेता पर मेडिकल स्टोर संचालक ने दर्ज कराई प्राथमिकी
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उन्नाव। मेडिकल स्टोर संचालक ने कानपुर निवासी दवा के थोक विक्रेता पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि दवाओं का पूरा भुगतान देने के बाद भी जीएसटी भरने में लापरवाही बरती गई, इससे उसे नोटिस जारी हुआ है।
सदर कोतवाली के आदर्शनगर मोहल्ला निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि वह मेडिकल स्टोर संचालक हैं। वह शहर के पश्चिमखेड़ा निवासी मेसर्स गुडवेज फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक आफाक अहमद से दवाओं का खरीद-फरोक्त करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमेशा की तरह उन्होंने आफाक अहमद से साल 2019-20 और 20-21 में कुछ दवायें क्रय की थी। वास्तविक मूल्य के साथ उस पर अदा किया जाने वाला वस्तु एवं विक्रय कर देकर रसीदें भी ली थीं। थोक विक्रेता से खरीदी गईं दवाओं के संबंध में जीएसटी का एक नोटिस प्राप्त हुआ। जिसमें साल 2019 से 2021 तक का कर 4.11 लाख रुपये और साल 2020-2021 को कर 1.10 लाख रुपये अदा करने को कहा गया।
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नोटिस मिलने के बाद चार्टड अकाउंटेंट से बात कर मामले की जानकारी ली तो पता चला कि प्रार्थी द्वारा अपने सभी क्रय के सापेक्ष पूरे कर विपक्षी को अदा कर दिए गए हैं। जिसमें थोक विक्रेता से साल 2019-2020 में खरदी गई 10.45 लाख की दवाओं के सापेक्ष 1.11 लाख रुपये जीएसटी कर अदा किया गया। इसी तरह अन्य भुगतान भी किए और उसके साथ जीएसटी अदा की। उसके बाद भी लाखों रुपये का कर, अब अदा करना पड़ रहा है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
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सदर कोतवाली के आदर्शनगर मोहल्ला निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि वह मेडिकल स्टोर संचालक हैं। वह शहर के पश्चिमखेड़ा निवासी मेसर्स गुडवेज फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक आफाक अहमद से दवाओं का खरीद-फरोक्त करते हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हमेशा की तरह उन्होंने आफाक अहमद से साल 2019-20 और 20-21 में कुछ दवायें क्रय की थी। वास्तविक मूल्य के साथ उस पर अदा किया जाने वाला वस्तु एवं विक्रय कर देकर रसीदें भी ली थीं। थोक विक्रेता से खरीदी गईं दवाओं के संबंध में जीएसटी का एक नोटिस प्राप्त हुआ। जिसमें साल 2019 से 2021 तक का कर 4.11 लाख रुपये और साल 2020-2021 को कर 1.10 लाख रुपये अदा करने को कहा गया।
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नोटिस मिलने के बाद चार्टड अकाउंटेंट से बात कर मामले की जानकारी ली तो पता चला कि प्रार्थी द्वारा अपने सभी क्रय के सापेक्ष पूरे कर विपक्षी को अदा कर दिए गए हैं। जिसमें थोक विक्रेता से साल 2019-2020 में खरदी गई 10.45 लाख की दवाओं के सापेक्ष 1.11 लाख रुपये जीएसटी कर अदा किया गया। इसी तरह अन्य भुगतान भी किए और उसके साथ जीएसटी अदा की। उसके बाद भी लाखों रुपये का कर, अब अदा करना पड़ रहा है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।