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Unnao News: अब अढ़ौली में घुसा लोन नदी का पानी, रास्ते जलमग्न
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फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद
उन्नाव। लोन नदी का जलस्तर कम नहीं हो रहा है। पोरई के बाद शुक्रवार को पानी अढ़ौली गांव में घुस गया। इसके चलते गांव के आने-जाने वाले सभी रास्ते पानी में डूब गए। इससे ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया और लोग घरों में ही फंस गए। पानी खेतों में फैलने से 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
बारिश के पानी से लोन नदी उफान पर है। अभी तक बीघापुर का पोरई गांव ही क्षेत्र का सबसे ज्यादा प्रभावित था। यहां की हर गली में पानी भर गया है। गांव के लोगों ने घर गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को अटवट गांव में पानी भरने से 25 परिवार प्रभावित हुए थे। शुक्रवार को लोन नदी का बढ़ा पानी अढ़ौली गांव में घुस गया। गांव की प्रत्येक गली में जलभराव हो गया। घरों के बाहर पानी लगने से आवागमन बंद हो गया। लोग घरों में ही कैद से होकर रह गए। इसके अलावा पोरई, बहुराजमऊ, कुकुरी, दिलीप नगर, मीरमऊ व परसंदा गांवों में 500 बीघा में बोई गईं फसलें जलमग्न हो गई हैं। बृहस्पतिवार तक डेढ़ सौ बीघे में पानी भरा था। शुक्रवार को यह बढ़कर पांच सौ बीघे तक पहुंच गया।
इंसेट-1
जयराजमऊ व पोरई में अभी भी जनजीवन अस्त-व्यस्त
पाटन। लोन नदी में बढ़े पानी के कारण जयराजमऊ व पोरई में अभी स्थितियां भयावह बनी है। गांवों में आने-जाने वाले रास्तों पर पानी भरा है। पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पाटन-पुरवा मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर तक सड़क मार्ग व पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। मीरमऊ के पास कंटीली झाड़ियों और बैरिकेडिंग लगी होने से आवागमन बंद है। बीघापुर एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व टीमें तैनात कर दी गई हैं। अभी तक लगभग 50 हेक्टेयर फसल के नुकसान का आकलन हो पाया है। अन्य का आकलन कराया जा रहा है।
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सांसद ने 300 पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
पाटन। सांसद साक्षी महाराज एवं विधायक आशुतोष शुक्ला ने गांव जयराजमऊ व पोरई पहुंच कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। सांसद ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है। किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। संघर्ष ही जीवन है। इससे घबराना नहीं है, आगे बढ़ना है। उन्होंने बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों से सावधान रहने की भी लोगों से अपील की। सांसद ने जयराजमऊ में 200 एवं पोरई में 100 पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। विधायक ने कहा कि किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या आए तो उनसे संपर्क कर सकते हैं। सीडीओ कृतिराज, एडीएम सुशील कुमार गोंड, एसडीएम धर्मेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव, अविनाश मिश्रा, ग्राम प्रशासक लल्लन सिंह, सतेंद्र सिंह व राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
इंसेट-1
राहत किट में ये दी गई है सामग्री
आटा और चावल 10-10 किलो, अरहर दाल और भुना चना दो-दो किलो, नमक एक किलो, रिफाइंड एक पैकेट, बिस्कुट 10 पैकेट, हल्दी 200 ग्राम, मिर्च 100 ग्राम, सब्जी मसाला 100 ग्राम, चीनी एक किलो, तिरपाल एक, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने और कपड़े धोने का साबुन एक-एक, सेनेटरी पैड 20 पैकेट, डिस्पोजल बैग 20 , डेटाल एक, सूती कपड़ा एक मीटर, एक तौलिया। अन्य सामान में आलू 10 किलो, लइया 2.50 किलो, एक बाल्टी व मग अलग से दिया गया है।
फोटो-27- दही चौकी क्षेत्र में लोन नदी का स्वरूप। संवाद
लोन नदी की सात साल से नहीं हुई सफाई, अब उफनाई
एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माण से ठहराव के बाद बहाव से उफान
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सदर तहसील के पवई गांव के पास से शुरू होकर रायबरेली जिले की सीमा पर गंगा नदी में गिरने वाली इस लोन नदी की लंबाई 146 किलोमीटर है। इस नदी की सात साल से सफाई नहीं हुई।
शारदा नहर विभाग की इस नदी में हर समय पानी नहीं रहता है। उन्नाव सदर और बीघापुर तहसील के करीब 12 प्राकृतिक नालों, दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र और नहरों का अतिरिक्त पानी ही नालों से होकर इस नदी में गिरता है। इन नालों में पवई, पटेला, तारगांव के प्राकृतिक नाले, शहर की आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र के अलावा बसहा व जलेश्वर झील में पानी अधिक होने पर इस नदी में गिरता है।
शारदा नहर विभाग के जिम्मेदारों के अनुसार पिछले सात साल से इस नदी को साफ करने की जरूरत नहीं पड़ी। इधर एक्सप्रेसवे, हाईवे बनने से पानी का ठहराव बढ़ा और अत्यधिक पानी जमा होने के बाद अलग-अलग रास्तों से बहकर एक साथ नदी में पहुंचने से यह उफना गई। शारदा नहर विभाग के एक्सईएन गगन कुमार शुक्ला ने बताया कि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस नदी में कभी इतना पानी नहीं पहुंचा कि ओवरफ्लो हो। इस बार बारिश अधिक होने से इस नदी में पानी बढ़ा है। इसकी सफाई और अतिक्रमण को हटवाकर प्रवाह को ठीक कराया जाएगा।
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बारिश के पानी से लोन नदी उफान पर है। अभी तक बीघापुर का पोरई गांव ही क्षेत्र का सबसे ज्यादा प्रभावित था। यहां की हर गली में पानी भर गया है। गांव के लोगों ने घर गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को अटवट गांव में पानी भरने से 25 परिवार प्रभावित हुए थे। शुक्रवार को लोन नदी का बढ़ा पानी अढ़ौली गांव में घुस गया। गांव की प्रत्येक गली में जलभराव हो गया। घरों के बाहर पानी लगने से आवागमन बंद हो गया। लोग घरों में ही कैद से होकर रह गए। इसके अलावा पोरई, बहुराजमऊ, कुकुरी, दिलीप नगर, मीरमऊ व परसंदा गांवों में 500 बीघा में बोई गईं फसलें जलमग्न हो गई हैं। बृहस्पतिवार तक डेढ़ सौ बीघे में पानी भरा था। शुक्रवार को यह बढ़कर पांच सौ बीघे तक पहुंच गया।
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जयराजमऊ व पोरई में अभी भी जनजीवन अस्त-व्यस्त
पाटन। लोन नदी में बढ़े पानी के कारण जयराजमऊ व पोरई में अभी स्थितियां भयावह बनी है। गांवों में आने-जाने वाले रास्तों पर पानी भरा है। पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पाटन-पुरवा मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर तक सड़क मार्ग व पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। मीरमऊ के पास कंटीली झाड़ियों और बैरिकेडिंग लगी होने से आवागमन बंद है। बीघापुर एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व टीमें तैनात कर दी गई हैं। अभी तक लगभग 50 हेक्टेयर फसल के नुकसान का आकलन हो पाया है। अन्य का आकलन कराया जा रहा है।
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सांसद ने 300 पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
पाटन। सांसद साक्षी महाराज एवं विधायक आशुतोष शुक्ला ने गांव जयराजमऊ व पोरई पहुंच कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। सांसद ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है। किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। संघर्ष ही जीवन है। इससे घबराना नहीं है, आगे बढ़ना है। उन्होंने बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों से सावधान रहने की भी लोगों से अपील की। सांसद ने जयराजमऊ में 200 एवं पोरई में 100 पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। विधायक ने कहा कि किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या आए तो उनसे संपर्क कर सकते हैं। सीडीओ कृतिराज, एडीएम सुशील कुमार गोंड, एसडीएम धर्मेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव, अविनाश मिश्रा, ग्राम प्रशासक लल्लन सिंह, सतेंद्र सिंह व राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
इंसेट-1
राहत किट में ये दी गई है सामग्री
आटा और चावल 10-10 किलो, अरहर दाल और भुना चना दो-दो किलो, नमक एक किलो, रिफाइंड एक पैकेट, बिस्कुट 10 पैकेट, हल्दी 200 ग्राम, मिर्च 100 ग्राम, सब्जी मसाला 100 ग्राम, चीनी एक किलो, तिरपाल एक, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने और कपड़े धोने का साबुन एक-एक, सेनेटरी पैड 20 पैकेट, डिस्पोजल बैग 20 , डेटाल एक, सूती कपड़ा एक मीटर, एक तौलिया। अन्य सामान में आलू 10 किलो, लइया 2.50 किलो, एक बाल्टी व मग अलग से दिया गया है।
फोटो-27- दही चौकी क्षेत्र में लोन नदी का स्वरूप। संवाद
लोन नदी की सात साल से नहीं हुई सफाई, अब उफनाई
एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माण से ठहराव के बाद बहाव से उफान
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सदर तहसील के पवई गांव के पास से शुरू होकर रायबरेली जिले की सीमा पर गंगा नदी में गिरने वाली इस लोन नदी की लंबाई 146 किलोमीटर है। इस नदी की सात साल से सफाई नहीं हुई।
शारदा नहर विभाग की इस नदी में हर समय पानी नहीं रहता है। उन्नाव सदर और बीघापुर तहसील के करीब 12 प्राकृतिक नालों, दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र और नहरों का अतिरिक्त पानी ही नालों से होकर इस नदी में गिरता है। इन नालों में पवई, पटेला, तारगांव के प्राकृतिक नाले, शहर की आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र के अलावा बसहा व जलेश्वर झील में पानी अधिक होने पर इस नदी में गिरता है।
शारदा नहर विभाग के जिम्मेदारों के अनुसार पिछले सात साल से इस नदी को साफ करने की जरूरत नहीं पड़ी। इधर एक्सप्रेसवे, हाईवे बनने से पानी का ठहराव बढ़ा और अत्यधिक पानी जमा होने के बाद अलग-अलग रास्तों से बहकर एक साथ नदी में पहुंचने से यह उफना गई। शारदा नहर विभाग के एक्सईएन गगन कुमार शुक्ला ने बताया कि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस नदी में कभी इतना पानी नहीं पहुंचा कि ओवरफ्लो हो। इस बार बारिश अधिक होने से इस नदी में पानी बढ़ा है। इसकी सफाई और अतिक्रमण को हटवाकर प्रवाह को ठीक कराया जाएगा।

फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद

फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद

फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद

फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद

फोटो-24-अढ़ौली गांव में भरे पानी के पास खड़ा युवक। संवाद