बीघापुर (उन्नाव)। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के मामले की जमीनी हकीकत जानने उनके गांव जा रहे रायबरेली की करणी सेना के पदाधिकारियों को पुलिस ने उन्नाव सीमा पर आकमपुर गांव के पास रोक लिया। सभी को थाने ले गए और जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू होने की जानकारी दी। पुलिस के समझाने पर सभी लौट गए।
करणी सेना रायबरेली के पदाधिकारियों रमेश सिंह, मोनू सिंह, विमलेश चौधरी, महेंद्र पटेल आदि सेंगर मामले की जमीनी हकीकत जानने सोमवार को उनके गांव के लिए निकले। बीघापुर सीओ मधुपनाथ मिश्रा ने पुलिस बल के साथ आकमपुर गांव के पास काफिले को राेक लिया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी द्वारा पूर्व विधायक के मामले में गलत बयानबाजी को लेकर नारेबाजी भी की। पदाधिकारियों ने कहा कि सजायाफ्ता पूर्व विधायक के मामले की जमीनी हकीकत जानने उनके गांव जा रहे हैं। इसके बाद परिजनों से मिलेंगे। पुलिस ने जाने न दिया ताे अन्य साधनों से पहुंचने का प्रयास करेंगे। इस पर सीओ ने जिले में धारा 163 लागू होने और पांच से अधिक लोगों के एक जगह पर एकत्रित होने पर रोक होने की जानकारी दी। इसके बाद भी जिद पर अड़ने से पुलिस सभी को थाने लेकर गई, बाद में हिदायत देकर छाेड़ दिया।