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Unnao News: कवियों ने रचनाएं सुनाकर लूटी वाहवाही
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फोटो-22- काव्य गोष्ठी में कविता पाठ करतीं कवयित्री वर्षा श्रीवास्तव। संवाद
मौरावां। हिलौली के आनंदेश्वर शिव मंदिर परिसर में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर काव्य गोष्ठी हुई। इसमें कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी।
सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन व पूर्व विधायक उदयराज यादव ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद आयोजक सपा नेता सीएल यादव और डॉ. सुशील कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कराया। श्रुति सतत ने ‘वरमाला सिंदूर लिए मैं खड़ी तुम्हारे द्वार, मेरा तुमसे ही संसार’ पढ़कर भावविभोर कर दिया। कवि गौरव ने ‘राम की धरा में खड़े राम का प्रमाण मांगे, ऐसे राष्ट्रद्रोहियों को मार देना चाहिए’ सुनाया।
प्रीती सिंह ने ‘मुझको हर एक रवानी नहीं चाहिए, जिस कथानक में तुम मेरे नहीं मुझको ऐसी कहानी नहीं चाहिए’ सुनाकर प्रेम रस में डुबकी लगवाई। वर्षा श्रीवास्तव ने ‘हमको शृंगार की कब जरूरत पड़े, था समय बस अहम बांध ली एक घड़ी’ पढ़कर तालियां बटोरीं। संचालन कर रहे कवि अमित अनपढ़ ने ‘जयंती आज जिन्ना की, आरती राम की भूले, रटे हैं गीत कजरारे कि वंदे मातरम भूले’ से कटाक्ष किया। इसके अलावा डॉ. सुखदेव छैल व निर्भय निश्चल ने भी रचनाएं पढ़ीं। इस दौरान सतीश त्रिपाठी, अभिषेक यादव, सचिन, ज्ञान प्रकाश, राजेंद्र कुमार, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन व पूर्व विधायक उदयराज यादव ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद आयोजक सपा नेता सीएल यादव और डॉ. सुशील कुमार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कराया। श्रुति सतत ने ‘वरमाला सिंदूर लिए मैं खड़ी तुम्हारे द्वार, मेरा तुमसे ही संसार’ पढ़कर भावविभोर कर दिया। कवि गौरव ने ‘राम की धरा में खड़े राम का प्रमाण मांगे, ऐसे राष्ट्रद्रोहियों को मार देना चाहिए’ सुनाया।
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प्रीती सिंह ने ‘मुझको हर एक रवानी नहीं चाहिए, जिस कथानक में तुम मेरे नहीं मुझको ऐसी कहानी नहीं चाहिए’ सुनाकर प्रेम रस में डुबकी लगवाई। वर्षा श्रीवास्तव ने ‘हमको शृंगार की कब जरूरत पड़े, था समय बस अहम बांध ली एक घड़ी’ पढ़कर तालियां बटोरीं। संचालन कर रहे कवि अमित अनपढ़ ने ‘जयंती आज जिन्ना की, आरती राम की भूले, रटे हैं गीत कजरारे कि वंदे मातरम भूले’ से कटाक्ष किया। इसके अलावा डॉ. सुखदेव छैल व निर्भय निश्चल ने भी रचनाएं पढ़ीं। इस दौरान सतीश त्रिपाठी, अभिषेक यादव, सचिन, ज्ञान प्रकाश, राजेंद्र कुमार, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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