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Unnao News: गंगा एक्सप्रेसवे की आरसीसी नाली में आई पांच मीटर दरार
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फोटो-27-गंगा एक्सप्रेसवे की नाली की आरसीसी ढलाई में दरार। संवाद
सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे की नाली में बनाई गई आरसीसी में दरार आ गई। जिम्मेदारों ने जानकारी होने पर मरम्मत कराने की बात कही। वहीं सोनिक टोल में भरा पानी तीन दिन की मशक्कत के बाद हटाया जा सका।
मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 421 पर बनी नाली में ढाली गई आरसीसी में बुधवार को पांच मीटर लंबी दरार आ गई। इससे नाली के बह जाने का खतरा बढ़ गया। वहीं दूसरी तरफ सोनिक टोल पर तीन दिन से पानी भरा हुआ था, जिसको चार ट्रैक्टरों में पंप लगाकर दिन-रात चला निकाला जा रहा था। बुधवार दोपहर में पानी को पूरी तरह से निकाला जा सका।
वर्जन..
भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे पर टोल के पास क्षतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। टोल के पास हाईटेंशन बिजली लाइन का टॉवर पोल है। बिजली लाइन और सड़क के बीच 14 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है। इसी वजह से टोल को अधिक ऊंचाई पर बनाना संभव नहीं था। जलभराव की उम्मीद नहीं थी लेकिन अत्यधिक बारिश होने से यह समस्या हुई। भविष्य में जलभराव न हो, इसके लिए टोल के किनारे सुरक्षा दीवार बनाने की योजना है।-आरएस मिश्रा, मैनेजर पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर।
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मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 421 पर बनी नाली में ढाली गई आरसीसी में बुधवार को पांच मीटर लंबी दरार आ गई। इससे नाली के बह जाने का खतरा बढ़ गया। वहीं दूसरी तरफ सोनिक टोल पर तीन दिन से पानी भरा हुआ था, जिसको चार ट्रैक्टरों में पंप लगाकर दिन-रात चला निकाला जा रहा था। बुधवार दोपहर में पानी को पूरी तरह से निकाला जा सका।
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वर्जन..
भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे पर टोल के पास क्षतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। टोल के पास हाईटेंशन बिजली लाइन का टॉवर पोल है। बिजली लाइन और सड़क के बीच 14 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है। इसी वजह से टोल को अधिक ऊंचाई पर बनाना संभव नहीं था। जलभराव की उम्मीद नहीं थी लेकिन अत्यधिक बारिश होने से यह समस्या हुई। भविष्य में जलभराव न हो, इसके लिए टोल के किनारे सुरक्षा दीवार बनाने की योजना है।-आरएस मिश्रा, मैनेजर पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर।
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