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Unnao News: नौकरी के नाम पर ठगी से आहत युवक ने दी थी जान
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फोटो-8- सलिल उर्फ अमन (फाइल फोटो)।
सफीपुर (उन्नाव)। हसनगंज में तैनात राजस्व निरीक्षक के बेटे ने नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी से आहत होकर खुदकुशी की थी। यह खुलासा पिता ने बेटे के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट निकलवाई तो हुआ। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सफीपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सफीपुर के मोहल्ला सराय सूबेदार निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव के बेटे सलिल श्रीवास्तव उर्फ अमन ने पांच मार्च को घर में जहर खा लिया था। कानपुर के निजी अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान सात मार्च को मौत हो गई थी। उस समय बताया गया था कि नौकरी न मिलने से परेशान होकर सलिल ने जान दी थी। पिता विजय श्रीवास्तव ने सलिल के मोबाइल की चैट निकलवाई तो पता चला कि कस्बे के ही शिवशंकर ने कनिष्ठ सहायक की परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट पास कराने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे। उसने यह रकम 20 फरवरी को शिवशंकर के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। 26 फरवरी को टाइपिंग टेस्ट का परिणाम आया तो उसमें सलिल फेल हो गया।
इसके बाद सलिल ने शिवशंकर को मैसेज कर अपने रुपये वापस मांगे। शिवशंकर ने जवाब दिया कि अंतिम सूची जुलाई में आएगी। पांच लाख रुपये और देने पर उसे पास करा देगा। यह भी धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं दिए गए तो पहले दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस नहीं मिलेंगे। आरोप है कि इस धमकी और पैसे न मिलने से परेशान होकर सलिल ने खुदकुशी कर ली। एसओ एसएन त्रिपाठी ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर शिवशंकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस यह भी जांच की जा रही है इस ठगी में शिवशंकर अकेला था या कोई और भी इसका हिस्सा था।
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सफीपुर के मोहल्ला सराय सूबेदार निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव के बेटे सलिल श्रीवास्तव उर्फ अमन ने पांच मार्च को घर में जहर खा लिया था। कानपुर के निजी अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान सात मार्च को मौत हो गई थी। उस समय बताया गया था कि नौकरी न मिलने से परेशान होकर सलिल ने जान दी थी। पिता विजय श्रीवास्तव ने सलिल के मोबाइल की चैट निकलवाई तो पता चला कि कस्बे के ही शिवशंकर ने कनिष्ठ सहायक की परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट पास कराने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे। उसने यह रकम 20 फरवरी को शिवशंकर के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। 26 फरवरी को टाइपिंग टेस्ट का परिणाम आया तो उसमें सलिल फेल हो गया।
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इसके बाद सलिल ने शिवशंकर को मैसेज कर अपने रुपये वापस मांगे। शिवशंकर ने जवाब दिया कि अंतिम सूची जुलाई में आएगी। पांच लाख रुपये और देने पर उसे पास करा देगा। यह भी धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं दिए गए तो पहले दिए गए पांच लाख रुपये भी वापस नहीं मिलेंगे। आरोप है कि इस धमकी और पैसे न मिलने से परेशान होकर सलिल ने खुदकुशी कर ली। एसओ एसएन त्रिपाठी ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर शिवशंकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस यह भी जांच की जा रही है इस ठगी में शिवशंकर अकेला था या कोई और भी इसका हिस्सा था।
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