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Unnao News: तीन घंटे में 11 मिमी. बारिश, ओले भी गिरे
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फोटो-21-बीघापुर में सुबह नौ बजे छाया अंधेरा और हुई बारिश। संवाद
उन्नाव। अचानक बदले मौसम से दिन में अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ जिले में तीन घंटे में 11 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा फतेहपुर खालसा समेत आसपास के गांवों में मटर के आकार के ओले गिरे। बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा हुआ है वहीं सरसों और आलू को नुकसान की आशंका है। बारिश से रेलवे स्टेशन सहित अन्य जगहों पर कीचड़ हो जाने से आवागमन में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में धूप की संभावना जताई है।
सोमवार की रात आसमान साफ था। मंगलवार तड़के करीब चार बजे अचानक कोहरा गिरने लगा। सुबह सात बजे कोहरा छटा लेकिन बादल होने से धूप नहीं निकली। सुबह नौ बजे अचानक मौसम बदला और दिन में अंधेरा सा छा गया। कुछ देर में 3.6 किमी. घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम हवाएं चलने लगीं और बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। कलक्ट्रेट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान करीब 11 मिमी औसत बारिश हुई। इससे जिले में 2.25 लाख हेक्टेयर में बोई गेहूं की फसल को फायदा होने की उम्मीद है। 43,702 हेक्टेयर में बोई सरसों और 12,110 हेक्टेयर में बोई आलू को नुकसान की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी शशांक कुमार ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हुई है। यदि आलू के खेतों में पानी भर गया तो नुकसान होगा। सरसों में आए फूलों के इस बारिश में झड़ने की आशंका है। उधर, शहर के शेखपुर में लगा यूनिपोल बारिश के बीच सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि बारिश के चलते सड़क पर सन्नाटा था। इससे बड़ा हादसा बच गया। कर्मचारियों ने उसे हटवाया। वहीं शहर सहित नवाबगंज, औरास, हसनगंज क्षेत्र में लोकल फाल्टों से दो से तीन घंटे तक बिजली संकट रहा।
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इंसेट-1
बादलों की बनी रहेगी आवाजाही
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि बारिश से अधिकतम तापमान 22 से घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम पारा 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। धूप निकलेगी लेकिन तेज नहीं रहेगी।
रेलवे स्टेशन पर कीचड़ होने से फिसले यात्री
उन्नाव। रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। निर्माण सामग्री और मिट्टी के ढेर पड़े हैं। मंगलवार को बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो गई। बारिश का पानी भरने और मिट्टी गीली होने से पूरे परिसर में कीचड़ फैल गया। इससे यात्रियों का आवागमन बाधित हो गया। कई यात्री फिसलकर गिर भी गए।आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि निर्माण करा रही संस्था को बोलकर मिट्टी हटवाई जाएगी।
उधर, चकलवंशी में खनन की ढुलाई की मिट्टी रेलवे क्रासिंग पर गिरने से राहगीर परेशान है। मंगलवार हुई बारिश में यह मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। राहगीरों में रामबालक, कृष्ण कुमार, संदीप, पप्पू, राजेश, ब्रजेश आदि ने बताया कि कीचड़ के कारण बाइक से निकलना दूभर हो रहा है। बाइक फिसल रही है।
बारिश में पीएचसी जाने वाला कच्चा रास्ता बना तालाब
सफीपुर। बारिश से पीएचसी तक पहुंचने वाला डेढ़ किलोमीटर कच्चा मार्ग तालाब बन गया। अस्पताल के कर्मचारी पैदल ही पानी से गुजर कर पहुंच सके। सकहन राजपूतान मंदिर से निकलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक डेढ़ व रोशन नगर तक तीन किलोमीटर मार्ग कच्चा है। फार्मसिस्ट राजकुमार ने बताया कि सकहन राजपुतान से अस्पताल तक डेढ़ किमी पैदल चल कर अस्पताल पहुंचे हैं। प्रधान सुनीता कुशवाहा ने बताया कि सड़क खराब होने से क्षेत्र के मरीज पीएचसी के बजाए सीएचसी मुख्यालय जाते हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामसहोदर ने बताया संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख कर सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
कीचड़ से पटी नालियां, बारिश से सड़कों पर आई सिल्ट
गंजमुरादाबाद। बारिश से ग्राम भिखारीपुर पतसिया, ताजपुर, हैबतपुर, जगटापुर, रघुरामपुर, फतेहपुर खालसा, फतेहपुर हामजा आदि गांवों में कीचड़ से पटी नालियों की सिल्ट सड़कों पर आ गई। रास्तों पर पानी भर गया। राहगीर फिसलकर चोटिल भी हो गए। सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को सफाई कर्मचारियों को गांव भेजकर नालियों और सड़कों की सफाई कराई जाएगी।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को नुकसान
गंजमुरादाबाद । मंगलवार की सुबह बारिश के दौरान फतेहपुर खालसा समेत आसपास के गांवों में मटर के आकार के ओले गिरे। करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों व आलू के अलावा गंगा की तलहटी में बोई गई कद्दू, करेला, टमाटर, लौकी, खीरा, ककड़ी आदि सहित हरी सब्जियों को नुकसान की आशंका है। राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि ज्यादा देर नहीं हुई है। फिर भी हरी सब्जियों को नुकसान हो सकता है। (संवाद)
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सोमवार की रात आसमान साफ था। मंगलवार तड़के करीब चार बजे अचानक कोहरा गिरने लगा। सुबह सात बजे कोहरा छटा लेकिन बादल होने से धूप नहीं निकली। सुबह नौ बजे अचानक मौसम बदला और दिन में अंधेरा सा छा गया। कुछ देर में 3.6 किमी. घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम हवाएं चलने लगीं और बारिश शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। कलक्ट्रेट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान करीब 11 मिमी औसत बारिश हुई। इससे जिले में 2.25 लाख हेक्टेयर में बोई गेहूं की फसल को फायदा होने की उम्मीद है। 43,702 हेक्टेयर में बोई सरसों और 12,110 हेक्टेयर में बोई आलू को नुकसान की आशंका है।
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जिला कृषि अधिकारी शशांक कुमार ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हुई है। यदि आलू के खेतों में पानी भर गया तो नुकसान होगा। सरसों में आए फूलों के इस बारिश में झड़ने की आशंका है। उधर, शहर के शेखपुर में लगा यूनिपोल बारिश के बीच सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि बारिश के चलते सड़क पर सन्नाटा था। इससे बड़ा हादसा बच गया। कर्मचारियों ने उसे हटवाया। वहीं शहर सहित नवाबगंज, औरास, हसनगंज क्षेत्र में लोकल फाल्टों से दो से तीन घंटे तक बिजली संकट रहा।
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बादलों की बनी रहेगी आवाजाही
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि बारिश से अधिकतम तापमान 22 से घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम पारा 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। धूप निकलेगी लेकिन तेज नहीं रहेगी।
रेलवे स्टेशन पर कीचड़ होने से फिसले यात्री
उन्नाव। रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। निर्माण सामग्री और मिट्टी के ढेर पड़े हैं। मंगलवार को बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो गई। बारिश का पानी भरने और मिट्टी गीली होने से पूरे परिसर में कीचड़ फैल गया। इससे यात्रियों का आवागमन बाधित हो गया। कई यात्री फिसलकर गिर भी गए।आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि निर्माण करा रही संस्था को बोलकर मिट्टी हटवाई जाएगी।
उधर, चकलवंशी में खनन की ढुलाई की मिट्टी रेलवे क्रासिंग पर गिरने से राहगीर परेशान है। मंगलवार हुई बारिश में यह मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। राहगीरों में रामबालक, कृष्ण कुमार, संदीप, पप्पू, राजेश, ब्रजेश आदि ने बताया कि कीचड़ के कारण बाइक से निकलना दूभर हो रहा है। बाइक फिसल रही है।
बारिश में पीएचसी जाने वाला कच्चा रास्ता बना तालाब
सफीपुर। बारिश से पीएचसी तक पहुंचने वाला डेढ़ किलोमीटर कच्चा मार्ग तालाब बन गया। अस्पताल के कर्मचारी पैदल ही पानी से गुजर कर पहुंच सके। सकहन राजपूतान मंदिर से निकलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक डेढ़ व रोशन नगर तक तीन किलोमीटर मार्ग कच्चा है। फार्मसिस्ट राजकुमार ने बताया कि सकहन राजपुतान से अस्पताल तक डेढ़ किमी पैदल चल कर अस्पताल पहुंचे हैं। प्रधान सुनीता कुशवाहा ने बताया कि सड़क खराब होने से क्षेत्र के मरीज पीएचसी के बजाए सीएचसी मुख्यालय जाते हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामसहोदर ने बताया संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख कर सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
कीचड़ से पटी नालियां, बारिश से सड़कों पर आई सिल्ट
गंजमुरादाबाद। बारिश से ग्राम भिखारीपुर पतसिया, ताजपुर, हैबतपुर, जगटापुर, रघुरामपुर, फतेहपुर खालसा, फतेहपुर हामजा आदि गांवों में कीचड़ से पटी नालियों की सिल्ट सड़कों पर आ गई। रास्तों पर पानी भर गया। राहगीर फिसलकर चोटिल भी हो गए। सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को सफाई कर्मचारियों को गांव भेजकर नालियों और सड़कों की सफाई कराई जाएगी।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को नुकसान
गंजमुरादाबाद । मंगलवार की सुबह बारिश के दौरान फतेहपुर खालसा समेत आसपास के गांवों में मटर के आकार के ओले गिरे। करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों व आलू के अलावा गंगा की तलहटी में बोई गई कद्दू, करेला, टमाटर, लौकी, खीरा, ककड़ी आदि सहित हरी सब्जियों को नुकसान की आशंका है। राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि ज्यादा देर नहीं हुई है। फिर भी हरी सब्जियों को नुकसान हो सकता है। (संवाद)

फोटो-21-बीघापुर में सुबह नौ बजे छाया अंधेरा और हुई बारिश। संवाद

फोटो-21-बीघापुर में सुबह नौ बजे छाया अंधेरा और हुई बारिश। संवाद

फोटो-21-बीघापुर में सुबह नौ बजे छाया अंधेरा और हुई बारिश। संवाद

फोटो-21-बीघापुर में सुबह नौ बजे छाया अंधेरा और हुई बारिश। संवाद