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एसआईआर से दर्द घुसपैठियों को होना चाहिए, विरोध कर रहा विपक्ष : दिनेश शर्मा
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फोटो नंबर-28-मीडिया से बात करते राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा। संवाद
उन्नाव। राज्यसभा सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर हमला बोला। कहा कि एसआईआर में पारदर्शी सूची बनाकर विदेशी घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं तो दर्द उन्हें होना चाहिए जो भाग कर बांग्लादेश, म्यांमार या पाकिस्तान भाग रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में आए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नागरिकों के प्रति जवाबदेह भाव से काम कर रहे हैं। नागरिक चाहे हिंदू, मुस्लिम, इसाई या सिख कोई भी हो, वह भारत का नागरिक है। उनके लिए विकास के सारे द्वार खुले हैं। लेकिन घुसपैठिए यहां के नागरिक नहीं हैं। विपक्ष का लगाव घुसपैठियों के साथ है।
ताज्जुब है कि एसआईआर कांग्रेस के समय में आठ बार हो चुका है, आज विरोध कर रहे हैं। उनका लगाव उन घुसपैठियों अवांछित तत्वों के साथ है जो भारत के नागरिक नहीं हैं। विरोध करने वाले घुसपैठियों के आधार पर भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करने का सपना पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, तमिलनाडु के एमके स्टालिन और उत्तर प्रदेश में विपक्ष के कुछ नेता देख रहे हैं। दर्द इसलिए हो रहा है क्योंकि उनका लगाव घुसपैठियों से है, वह घुसपैठियों के आधार पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था ध्वस्त करना चाहते हैं। भारत के नागरिक किसी जाति, धर्म के हों मतदान कर सकते हैं। बाहरी के नाम पर कोई विरोध या आंदोलन करे तो यह राष्ट्र के हित में नहीं है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में आए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नागरिकों के प्रति जवाबदेह भाव से काम कर रहे हैं। नागरिक चाहे हिंदू, मुस्लिम, इसाई या सिख कोई भी हो, वह भारत का नागरिक है। उनके लिए विकास के सारे द्वार खुले हैं। लेकिन घुसपैठिए यहां के नागरिक नहीं हैं। विपक्ष का लगाव घुसपैठियों के साथ है।
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ताज्जुब है कि एसआईआर कांग्रेस के समय में आठ बार हो चुका है, आज विरोध कर रहे हैं। उनका लगाव उन घुसपैठियों अवांछित तत्वों के साथ है जो भारत के नागरिक नहीं हैं। विरोध करने वाले घुसपैठियों के आधार पर भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करने का सपना पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, तमिलनाडु के एमके स्टालिन और उत्तर प्रदेश में विपक्ष के कुछ नेता देख रहे हैं। दर्द इसलिए हो रहा है क्योंकि उनका लगाव घुसपैठियों से है, वह घुसपैठियों के आधार पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था ध्वस्त करना चाहते हैं। भारत के नागरिक किसी जाति, धर्म के हों मतदान कर सकते हैं। बाहरी के नाम पर कोई विरोध या आंदोलन करे तो यह राष्ट्र के हित में नहीं है।
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