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बीईओ के आत्महत्या के कदम पर हर कोई हैरान
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उन्नाव में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से परेशान बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन अफसर) ने की आत्महत्या। मृतक ?
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बीईओ द्वारा आत्महत्या करने की घटना पर हर कोई हैरान है। लोगों में चर्चा है कि शिक्षित और शिक्षाधिकारी होने के बाद यह कदम क्यों उठाया। पुलिस ने परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर न मिलने की बात कही है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगाने से मौत की पुलिस ने पुष्टि की है।
कानपुर नगर में तैनात बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) व शहर के मोहल्ला कल्याणी देवी निवासी सुरेश चंद्र वर्मा (52) ने खुद की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शनिवार रात घर के कमरे में पंखे से गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने कोरोना के डर से आत्महत्या करने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं, मोहल्ले के लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि सुरेश काफी समझदार, शिक्षित और शिक्षा विभाग में अधिकारी थे, वह मुश्किलों से लड़ने के बजाए इतनी जल्दी हार कैसे मान गए। उन्होंने परिवार की चिंता किए बिना आत्महत्या कर ली। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कोरोना से पीड़ित ज्यादातर मरीज ठीक हो रहे हैं। इसके बाद भी बीईओ ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।
शहर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि परिजनाें ने कोरोना की पुष्टि होने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की मौखिक सूचना दी थी। जिला अस्पताल से मेमो भेजा गया था, जिसके आधार पर कोविड नियमों का पालन करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उधर, बीईओ की मौत के बाद उनकी पत्नी, बच्चों सहित परिवार के पांच लोग सोमवार को अपनी कोरोना जांच कराने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे। लेकिन उनका सैंपल नहीं लिया जा सका। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने उन सभी को मंगलवार को आने को कहा है।
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कानपुर नगर में तैनात बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) व शहर के मोहल्ला कल्याणी देवी निवासी सुरेश चंद्र वर्मा (52) ने खुद की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शनिवार रात घर के कमरे में पंखे से गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने कोरोना के डर से आत्महत्या करने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं, मोहल्ले के लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि सुरेश काफी समझदार, शिक्षित और शिक्षा विभाग में अधिकारी थे, वह मुश्किलों से लड़ने के बजाए इतनी जल्दी हार कैसे मान गए। उन्होंने परिवार की चिंता किए बिना आत्महत्या कर ली। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कोरोना से पीड़ित ज्यादातर मरीज ठीक हो रहे हैं। इसके बाद भी बीईओ ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया।
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शहर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि परिजनाें ने कोरोना की पुष्टि होने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की मौखिक सूचना दी थी। जिला अस्पताल से मेमो भेजा गया था, जिसके आधार पर कोविड नियमों का पालन करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उधर, बीईओ की मौत के बाद उनकी पत्नी, बच्चों सहित परिवार के पांच लोग सोमवार को अपनी कोरोना जांच कराने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे। लेकिन उनका सैंपल नहीं लिया जा सका। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने उन सभी को मंगलवार को आने को कहा है।
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