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उन्नाव कांड: पेशी पर आए दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने कहा, खुद लड़ूंगा अपना मुकदमा
Mon, 11 Oct 2021 03:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 11 Oct 2021 03:45 PM IST
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भारी सुरक्षा के बीच उन्नाव कोर्ट पहुंचा दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
- फोटो : अमर उजाला
जानलेवा हमले समेत दो मुकदमों में दिल्ली से पेशी पर लाए गए सजायापता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने अपना मुकदमा खुद लड़ने का प्रार्थनापत्र न्यायालय को सौंपा है। उसका आरोप है कि कोई भी कुलदीप सेंगर के दबाव में कोई वकील उसका मुकदमा नहीं लड़ना चाहता है।
माखी थाना क्षेत्र में 30 अक्टूबर वर्ष 2017 को माखी गांव निवासी विनोद कुमार मिश्रा ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा व एक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद मिश्र का आरोप था कि पीड़िता के चाचा ने अपने साथी के साथ मिलकर गांव में कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे छपवाकर बटवां रहा था। जब उन्होंने मौके पर जाकर हकीकत जानी तो उल्टा चाचा ने फायर झोंक दी।
जानलेवा हमले में वह बाल बाल बच गये। थाना पुलिस ने विवेचना करने के बाद उक्त मुकदमें में वर्ष 2019 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। कर दिया था। इसी मामले में चाचा व दुष्कर्म पीड़िता कर पिता की हत्या में सजायाफ्ता तत्कालीन विवेचक केपी सिंह को भी दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में पेशी पर लाया गया।
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अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने पर सुनवाई की अगली तारीख 26 अक्टूबर तय की गई है। इस दौरान चाचा से मिलने पहुंचे दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को उससे मिलने नहीं दिया गया जिस पर दिल्ली पुलिस से परिजनों की तीखी नोकझोंक भी हुई पेशी के बाद दिल्ली पुलिस जनता के चाचा को लेकर लौट गई।
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माखी थाना क्षेत्र में 30 अक्टूबर वर्ष 2017 को माखी गांव निवासी विनोद कुमार मिश्रा ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा व एक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद मिश्र का आरोप था कि पीड़िता के चाचा ने अपने साथी के साथ मिलकर गांव में कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे छपवाकर बटवां रहा था। जब उन्होंने मौके पर जाकर हकीकत जानी तो उल्टा चाचा ने फायर झोंक दी।
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जानलेवा हमले में वह बाल बाल बच गये। थाना पुलिस ने विवेचना करने के बाद उक्त मुकदमें में वर्ष 2019 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। कर दिया था। इसी मामले में चाचा व दुष्कर्म पीड़िता कर पिता की हत्या में सजायाफ्ता तत्कालीन विवेचक केपी सिंह को भी दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में पेशी पर लाया गया।
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अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने पर सुनवाई की अगली तारीख 26 अक्टूबर तय की गई है। इस दौरान चाचा से मिलने पहुंचे दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को उससे मिलने नहीं दिया गया जिस पर दिल्ली पुलिस से परिजनों की तीखी नोकझोंक भी हुई पेशी के बाद दिल्ली पुलिस जनता के चाचा को लेकर लौट गई।