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Unnao News: जेल में विचाराधीन बंदी की बिगड़ी हालत, मौत
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उन्नाव। सफीपुर में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना में जेल में बंद बंदी की बुधवार हालत बिगड़ गई। जेल वार्डर उसे जिला अस्पताल लाए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपने ही जेठ शंकर पासवान और पड़ोसी गांव निहालपुर निवासी शिवा रावत के खिलाफ दो फरवरी 2024 को खेत में छेड़छाड़ और दुष्कर्म करने की तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद 10 फरवरी को दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की थी। महिला के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी। पिता पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शंकर की बेटी ने अपने ही चाचा शिकायतकर्ता महिला के पति जगतू पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 मार्च को पुलिस ने शंकर और शिवा को जेल भेज दिया था। जबकि जगतू को तीन दिन बाद जेल भेजा गया था। तीनों आरोपी जेल में थे। इसमें शिवा रावत 7 मई को जमानत पर छूटकर बाहर आ गया था। शंकर और उसका छोटा भाई जगतू जेल में ही थे। बुधवार सुबह करीब 6:50 पर शंकर की अचानक हालत बिगड़ गई।
जेल वार्डर राजीव कुमार और रामसेवक उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वीडियोग्रॉफी के बीच दो डॉक्टरों पैनल में जिला अस्पताल के डॉ. निरुपम अवस्थी और डॉ. बृज कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसमें हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई।
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जेलर अमरदीप सिंह ने बताया कि शंकर का गैस की बीमारी का इलाज चल रहा था। अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान मौत हुई है।
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सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपने ही जेठ शंकर पासवान और पड़ोसी गांव निहालपुर निवासी शिवा रावत के खिलाफ दो फरवरी 2024 को खेत में छेड़छाड़ और दुष्कर्म करने की तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद 10 फरवरी को दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की थी। महिला के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी। पिता पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शंकर की बेटी ने अपने ही चाचा शिकायतकर्ता महिला के पति जगतू पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 मार्च को पुलिस ने शंकर और शिवा को जेल भेज दिया था। जबकि जगतू को तीन दिन बाद जेल भेजा गया था। तीनों आरोपी जेल में थे। इसमें शिवा रावत 7 मई को जमानत पर छूटकर बाहर आ गया था। शंकर और उसका छोटा भाई जगतू जेल में ही थे। बुधवार सुबह करीब 6:50 पर शंकर की अचानक हालत बिगड़ गई।
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जेल वार्डर राजीव कुमार और रामसेवक उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वीडियोग्रॉफी के बीच दो डॉक्टरों पैनल में जिला अस्पताल के डॉ. निरुपम अवस्थी और डॉ. बृज कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसमें हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई।
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जेलर अमरदीप सिंह ने बताया कि शंकर का गैस की बीमारी का इलाज चल रहा था। अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान मौत हुई है।