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Unnao News: 17 साल की उम्र में ऑपरेशन से अलग हुए दो अतिरिक्त अविकसित पैर

Wed, 26 Feb 2025 11:29 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 11:29 PM IST
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Two extra underdeveloped legs were surgically removed at the age of 17.
सफीपुर। कस्बा निवासी मोहित के जन्म से ही पेट के पास दो अविकसित पैर थे। इससे वह सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे थे। चलने-फिरने सहित काम में काफी परेशानी होती थी, लेकिन दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन करके इन अनुपयोगी अतिरिक्त पैरों को हटा दिया।
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सफीपुर कस्बे के मोहल्ला उम्मेदराय बाजार निवासी मोहित के जन्म से ही पेट के पास दो अतिरिक्त पैर थे। हालांकि, वह अविकसित थे, लेकिन मोहित सामान्य जीवन नहीं जा पा रहा था। पिता मुकेश व अन्य परिजन चिंता में रहते थे। परिजनों ने कई डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन ऑपरेशन कराने की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके कुछ ही समय बाद मुकेश की पत्नी का निधन हो गया। मोहित ने कस्बे के सलींद मार्ग स्थित परिषदीय पाठशाला से पांचवीं और इसके बाद आशुतोष पाठशाला से आठवीं तक पढ़ाई की।
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इसके बाद उसके शरीर ने आगे कुछ करने की स्वीकृति नहीं दी। मोहित की फुफेरी बहन रीता ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से बात की। डॉक्टरों की सलाह पर कई जांचें हुईं। इसके बाद 28 जनवरी को ऑपरेशन हुआ। चार दिन भर्ती रखने के बाद मोहित को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। रोहित ने बताया कि एम्स के डॉक्टरों और ईश्वर की कृपा से उसे मुश्किलों से छुटकारा मिल पाया है और अब वह सामान्य जीवन जी सकेगा।
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बचपन से हौसला नहीं किया कम
पेट पर दो पैरों का अतिरिक्त भार उठाने वाले मोहित ने बचपन में चाय के होटल और रसोइया का भी काम किया। उसका हौसला कभी कमजोर नहीं हुआ। शरीर में समस्या होने के बाद भी मोहित ने पिता का हाथ हमेशा बटाया। मोहित ने बताया कि जब डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन बताया तो ईश्वर पर सब छोड़कर पिता जी राजी हो गए और आज सब ठीक हो गया।

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पिता बोले- अब सहारा बनेगा बेटा
मोहित के पिता मुकेश ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद जीवन में संघर्ष और बढ़ गया, लेकिन बहन रन्नो देवी, सन्नों, मंजू और अर्चना ने काफी सहारा दिया। बहन ने ही डॉक्टरों से संपर्क किया था। अब बेटा पूरी तरह स्वस्थ है, बुढ़ापे में सहारा बनेगा।
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