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गंगा में गिर रहे सीवरेज का ट्रीटमेंट शुरू

Wed, 02 Jan 2019 12:40 AM IST
संतोष भदौरिया अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Published by: संतोष भदौरिया Updated Wed, 02 Jan 2019 12:40 AM IST
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Treatment of sewerage falling into the Ganges starts
सिटी ड्रेन में कचरा रोकने के लिए लगाई गई जाली। - फोटो : अमर उजाला
कुंभ स्नान से पहले गंगा में गिरते नालों की टेपिंग कराने की योजना पर अमल न हो पाने के बाद जलनिगम ने गंगाजल की शुद्धता की कवायद शुरू की है। अमर उजाला ने गंगाजल की शुद्धता का मुद्दा उठाया था। अब सिटी ड्रेन, लोनी नाले के साथ ही बस्तियों से निकलने वाले नाली, नालों के गंदे पानी का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट कराया जा रहा है।
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कुंभ स्नान के दौरान गंगा की शुद्धता के लिए शासन ने हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने गंगा में गिरने वाले नालों का सर्वे कराने के बाद सिटी ड्रेन में पानी बहाने वाली 52 फैक्टरियों को 15 दिसंबर से 15 मार्च तक के लिए बंद करा दिया है, लेकिन इसी सिटी ड्रेन में उन्नाव शहर और शुक्लागंज का गंदा पानी व सीवरेज बहाया जाता है।
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फैक्टरियों की बंदी और सीवरेज की अनदेखी के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो जलनिगम ने खबर का संज्ञान लेकर एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन) की मदद से गंगा में गिर रहे नालों और सिटी ड्रेन के पानी का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट शुरू कराया है। शुक्लागंज में और उन्नाव शहर के आसपास नालों की टेपिंग कर एक नाले से जोड़ा गया है। साथ ही जगह-जगह पानी की टंकियां रखवाकर नालों में सीवरेज को शुद्ध करने वाले जीवाणुओं और रसायनों का घोल मिलाया जा रहा है। शुक्लागंज व आजाद मार्ग के आसपास नालों में कई स्थानों पर बड़ी जालियां भी लगाई गई हैं। ताकि पानी के साथ आने वाला कूड़ा, पॉलिथीन व अन्य कचरा गंगा में न जाने पाए।
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जलनिगम के सहायक अभियंता रमेश बाबू ने बताया कि गंगा को शुद्ध बनाने के लिए कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कुंभ स्नान के दौरान गंगा जल पूरी तरह से शुद्ध रहेगा। बताया कि सीवरेज को शुद्ध करने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत भूमिगत पाइप लाइनें बिछाने और दो एसटीपी बनाने का काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा।

एनजीटी की सख्ती के बाद केंद्र सरकार ने नमामिगंगे परियोजना में उन्नाव को भी शामिल किया है। योजना के तहत उन्नाव और शुक्लागंज के नालों का गंदा पानी गंगा में जाने से रोकने और उसे साफ करके ही गंगा में छोड़ा जाएगा। 3.80 अरब की इस परियोजना पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। जलनिगम एक्सईएन देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। निर्माण एजेंसी ने सर्वे भी पूरा कर लिया है। जनवरी में सीवर लाईनों और एसटीपी बनाने का काम शुरू हो जाएगा।


गंगा को शुद्ध करने की यह है योजना
उन्नाव शहर और शुक्लागंज के आबादी व औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले दूषित पानी को गंगा में जाने से रोका जाएगा। गंगा में गिरने वाले नालों का रुख मोड़कर उन्हें एसटीपी से जोड़ा जाएगा। गंदे पानी को साफ करने के बाद ही गंगा में छोड़ा जाएगा। शुक्लागंज के छोटे नाले पक्के होंगे। उन्हें इंद्रानगर मुख्य नाले से जोड़ा जाएगा। इंद्रानगर में एक एसटीपी लगाया जाएगा। उन्नाव शहर की सिटी ड्रेन को पक्का कर एसटपी से जोड़ा जाएगा। डकारी गांव के पास एसटीपी का निर्माण होगा।
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