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Unnao News: 15 हजार की किट में निकले पांच हजार के औजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों को मिली औजार किट पर सवाल उठने लगे हैं। किट लेने पहुंचे लाभार्थियों ने उपकेंद्र में हंगामा किया। साथ ही ट्रेनिंग के कई माह बाद भी प्रशिक्षण का पैसा न मिलने का आरोप लगाया।
अक्तूबर 2023 में शहर के एक गेस्ट हाउस में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत बढ़ई कारीगरों का प्रशिक्षण कराया गया था। दस दिन के इस प्रशिक्षण में कारीगरों को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये स्टाईपेंड देने की भी बात कही गई थी। साथ ही प्रशिक्षण के बाद 15 हजार के उपकरणों की किट देने का आश्वासन दिया गया था। कई माह तक जब कई प्रशिक्षार्थियों को उपकरण नहीं मिले तो वह उद्योग केंद्र गए। वहां से भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका।
प्रशिक्षण लेने वालों में शामिल नागेंद्र, शिवशंकर शर्मा व सुशील शर्मा ने बताया कि उपकरण न मिलने पर किसी ने एक एप के जरिए इसकी जानकारी करने की सलाह दी। जिस पर उन्होंने जब एप पर अपनी आवेदन संख्या दर्ज की तो पता चला कि उन्हें कागजों पर उपकरण पूर्व में दिए जाने की जानकारी हुई। इस पर वह मंगलवार को जब कार्यालय गए तो वहां के कर्मचारी गोलमोल जवाब देने लगे। इसी बीच वहां पर अन्य लाभार्थी भी पहुंच गए और टूल किट को लेकर हंगामा करने लगे। इसके बाद कर्मचारी बैकफुट पर आए और कुछ देर बाद उपकरण की किट दे दी। जब किट खोलकर देखा तो उसमें सामान्य उपकरण ही निकले जिनकी बाजार में कीमत पांच हजार के ही आसपास है। जबकि ट्रेनिंग के दौरान 15 हजार कीमत के उपकरण देने की बात कही गई थी।
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लाभार्थियों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों ने धमकी देते हुए कहा कि इसे लेना हो तो लो, नहीं तो यह भी वापस ले लिया जाएगा। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पांच सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से स्टाईपेंड देने की बात कही गई थी लेकिन काफी लाभार्थियों के खातों में वह भी नहीं पहुंचा है। एक महिला ने दो हजार रुपये मिलने की बात कही है। उपायुक्त उद्योग सुरेंद्र कटियार को पक्ष जानने के लिए दो बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
कल्याणी मोहल्ला निवासी मनोज शर्मा ने बताया कि रायबरेली में ट्रेनिंग करने वाले एक परिचित से बातचीत हुई थी तो उन्होंने 15 हजार की किट मिलने की जानकारी दी थी। किट में गैलेंंडर, कटर मशीन व रंधा जैसे इलेक्ट्रानिक मशीनें शामिल थीं। जबकि यहां की किट में सामान्य उपकरण ही निकले हैं।
जुराखनखेड़ा के अनिल कुमार ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन का स्टाईपेंड खाते में भेजने की बात कही गई थी लेकिन वह भी आज तक नहीं मिला। यह भी बताया गया था कि पहले किट का पैसा भी खाते में भेजने की जानकारी दी गई थी, बाद में उसमें भी खेल कर दिया गया और विभाग ने ही किट उपलब्ध करा दी।
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मामले की जानकारी नहीं हैै। यह एक गंभीर मामला है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - प्रेम प्रकाश मीणा, सीडीओ
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उन्नाव। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों को मिली औजार किट पर सवाल उठने लगे हैं। किट लेने पहुंचे लाभार्थियों ने उपकेंद्र में हंगामा किया। साथ ही ट्रेनिंग के कई माह बाद भी प्रशिक्षण का पैसा न मिलने का आरोप लगाया।
अक्तूबर 2023 में शहर के एक गेस्ट हाउस में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत बढ़ई कारीगरों का प्रशिक्षण कराया गया था। दस दिन के इस प्रशिक्षण में कारीगरों को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये स्टाईपेंड देने की भी बात कही गई थी। साथ ही प्रशिक्षण के बाद 15 हजार के उपकरणों की किट देने का आश्वासन दिया गया था। कई माह तक जब कई प्रशिक्षार्थियों को उपकरण नहीं मिले तो वह उद्योग केंद्र गए। वहां से भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका।
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प्रशिक्षण लेने वालों में शामिल नागेंद्र, शिवशंकर शर्मा व सुशील शर्मा ने बताया कि उपकरण न मिलने पर किसी ने एक एप के जरिए इसकी जानकारी करने की सलाह दी। जिस पर उन्होंने जब एप पर अपनी आवेदन संख्या दर्ज की तो पता चला कि उन्हें कागजों पर उपकरण पूर्व में दिए जाने की जानकारी हुई। इस पर वह मंगलवार को जब कार्यालय गए तो वहां के कर्मचारी गोलमोल जवाब देने लगे। इसी बीच वहां पर अन्य लाभार्थी भी पहुंच गए और टूल किट को लेकर हंगामा करने लगे। इसके बाद कर्मचारी बैकफुट पर आए और कुछ देर बाद उपकरण की किट दे दी। जब किट खोलकर देखा तो उसमें सामान्य उपकरण ही निकले जिनकी बाजार में कीमत पांच हजार के ही आसपास है। जबकि ट्रेनिंग के दौरान 15 हजार कीमत के उपकरण देने की बात कही गई थी।
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लाभार्थियों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारियों ने धमकी देते हुए कहा कि इसे लेना हो तो लो, नहीं तो यह भी वापस ले लिया जाएगा। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पांच सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से स्टाईपेंड देने की बात कही गई थी लेकिन काफी लाभार्थियों के खातों में वह भी नहीं पहुंचा है। एक महिला ने दो हजार रुपये मिलने की बात कही है। उपायुक्त उद्योग सुरेंद्र कटियार को पक्ष जानने के लिए दो बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
कल्याणी मोहल्ला निवासी मनोज शर्मा ने बताया कि रायबरेली में ट्रेनिंग करने वाले एक परिचित से बातचीत हुई थी तो उन्होंने 15 हजार की किट मिलने की जानकारी दी थी। किट में गैलेंंडर, कटर मशीन व रंधा जैसे इलेक्ट्रानिक मशीनें शामिल थीं। जबकि यहां की किट में सामान्य उपकरण ही निकले हैं।
जुराखनखेड़ा के अनिल कुमार ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन का स्टाईपेंड खाते में भेजने की बात कही गई थी लेकिन वह भी आज तक नहीं मिला। यह भी बताया गया था कि पहले किट का पैसा भी खाते में भेजने की जानकारी दी गई थी, बाद में उसमें भी खेल कर दिया गया और विभाग ने ही किट उपलब्ध करा दी।
मामले की जानकारी नहीं हैै। यह एक गंभीर मामला है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - प्रेम प्रकाश मीणा, सीडीओ

बिसौली के नागपुर गांव में सड़क पर हुए जलभराव से होकर निकलते लोग। संवाद

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