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Unnao News: ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने के लिए दुरुस्त होंगे डिवाइडर, लगेंगी लाइटें, कैमरों से होगी निगरानी
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उन्नाव। ठंड और कोहरा बढ़ने से पहले लोक निर्माण विभाग दुर्घटना बाहुल्य स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर व्यवस्था दुरुस्त करने जा रहा है। हादसे रोकने के लिए डिवाइडर और ग्रिल की मरम्मत कराने के साथ लाइटें और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले चरण में कानपुर-लखनऊ राजमार्ग के दही तिराहे और मोहनलालगंज-मौरावां राज्यमार्ग के ऊंचगांव तिराहे पर 1.42 करोड़ से सुरक्षा कार्य होंगे।
हाईवे, एक्सप्रेसवे और राज्यमार्ग से घिरे जिले में अक्सर बड़े हादसे होते हैं। सड़क हादसों को रोकने के लिए पूर्व में डीएम गौरांग राठी ने एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, यातायात और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर सभी प्रमुख मार्गों का सर्वे कराकर दुर्घटना बाहुल्य स्थल चिह्नित किए गए थे। सर्वे रिपोर्ट सामने आई तो लखनऊ-कानपुर हाईवे पर 16 और अन्य तहसील व जिलों को जोड़ने वाले मार्गों पर 18 ऐसे स्थान मिले, जहां हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई हादसा होता है।
इनमें भी पहले चरण में कानपुर-लखनऊ हाईवे के दही क्षेत्र में 82.70 लाख और मोहनलालगंज-मौरावां राज्यमार्ग स्थित ऊंचगांव तिराहे पर 60.25 लाख से सड़क सुरक्षा से जुड़े काम कराए जाएंगे। प्रयास किया जा रहा है कि कोहरा बढ़ने से पहले सड़क सुरक्षा का काम पूरा हो जाए, जिससे दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकें। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन प्रांतीय खंड हरदयाल अहिरवार ने बताया कि ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा कार्य कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। 30 नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करके काम शुरू कराए जाएंगे।
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क्या होता है ब्लैक स्पॉट
किसी सड़क या रास्ते पर एक ही जगह बार-बार हादसे होते हैं तो उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। सरकार की ओर से किसी सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे पर यदि एक ही जगह पर तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं या किसी जगह पर तीन साल में 10 मौत हो जाएं तो उसे दुर्घटना बाहुल्य स्थल घोषित कर दिया जाता है।
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दही व ऊंचगांव क्षेत्र में यह होंगे सुधार कार्य
- हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर बनाए गए शार्टकट व टूटी ग्रिल की मरम्मत होगी।
- प्रमुख चौराहों-तिराहों पर मार्ग प्रकाश की व्यवस्था होगी।
- ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, मार्ग संकेतक और सड़क पटरियों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
- मोड़ पर बोर्ड लगाने के साथ स्पीड पर प्रतिबंध लगाने के लिए कैमरे की मदद ली जाएगी।
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हाईवे, एक्सप्रेसवे और राज्यमार्ग से घिरे जिले में अक्सर बड़े हादसे होते हैं। सड़क हादसों को रोकने के लिए पूर्व में डीएम गौरांग राठी ने एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, यातायात और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर सभी प्रमुख मार्गों का सर्वे कराकर दुर्घटना बाहुल्य स्थल चिह्नित किए गए थे। सर्वे रिपोर्ट सामने आई तो लखनऊ-कानपुर हाईवे पर 16 और अन्य तहसील व जिलों को जोड़ने वाले मार्गों पर 18 ऐसे स्थान मिले, जहां हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई हादसा होता है।
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इनमें भी पहले चरण में कानपुर-लखनऊ हाईवे के दही क्षेत्र में 82.70 लाख और मोहनलालगंज-मौरावां राज्यमार्ग स्थित ऊंचगांव तिराहे पर 60.25 लाख से सड़क सुरक्षा से जुड़े काम कराए जाएंगे। प्रयास किया जा रहा है कि कोहरा बढ़ने से पहले सड़क सुरक्षा का काम पूरा हो जाए, जिससे दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकें। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन प्रांतीय खंड हरदयाल अहिरवार ने बताया कि ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा कार्य कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। 30 नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करके काम शुरू कराए जाएंगे।
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क्या होता है ब्लैक स्पॉट
किसी सड़क या रास्ते पर एक ही जगह बार-बार हादसे होते हैं तो उन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है। सरकार की ओर से किसी सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे पर यदि एक ही जगह पर तीन साल में पांच सड़क हादसे हो जाएं या किसी जगह पर तीन साल में 10 मौत हो जाएं तो उसे दुर्घटना बाहुल्य स्थल घोषित कर दिया जाता है।
दही व ऊंचगांव क्षेत्र में यह होंगे सुधार कार्य
- हाईवे पर डिवाइडर तोड़कर बनाए गए शार्टकट व टूटी ग्रिल की मरम्मत होगी।
- प्रमुख चौराहों-तिराहों पर मार्ग प्रकाश की व्यवस्था होगी।
- ब्रेकर, रिफ्लेक्टर, मार्ग संकेतक और सड़क पटरियों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
- मोड़ पर बोर्ड लगाने के साथ स्पीड पर प्रतिबंध लगाने के लिए कैमरे की मदद ली जाएगी।