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Unnao News: रेलवे स्टेशन पर गड्ढे के चारों तरफ लगाए टिनशेड
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उन्नाव। पिलर निर्माण के लिए रेलवे स्टेशन पर खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ आखिरकार टिनशेड लगवा दिया गया। अब यात्री सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उन्नाव जंक्शन का 29.08 करोड की लागत से कायाकल्प कराया जा रहा है। अक्तूबर 2023 में स्टेशन परिसर के कर्मचारी आवासों और टिकट घर (आरक्षण केंद्र) के आधे हिस्से को तोड़ा गया था। सर्कुलेटिंग एरिया के पिलर खोदने के बाद अक्तूबर 2024 में काम बंद हो गया। चार महीने काम बंद रहने के बाद फरवरी 2025 में फिर काम शुरू कराया गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को जाने वाले रास्ते में छह पिलर का काम शुरू कराया गया। लगभग छह फीट गहरा व 140 फीट लंबाई में खोदाई की गई है। लेकिन ठेकेदार ने यात्रियों की सुरक्षा के मानकों का ध्यान नहीं दिया था।
इससे दूर तक फैली सरिया और रास्ते से सटा गहरा गड्ढा होने के बाद भी न तो यहां टिनशेड लगाए गए हैं और न कोई बैरियर लगाया गया था। अमर उजाला ने 31 मार्च के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। मंगलवार को पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ टिनशेड लगाए गए। रेलवे कार्य निरीक्षक हर्षवर्धन ने बताया कि खतरे को देखते हुए गड्ढे के चारों तरफ टिनशेड लगवा दिए गए हैं। धूल, मिट्टी न उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उन्नाव जंक्शन का 29.08 करोड की लागत से कायाकल्प कराया जा रहा है। अक्तूबर 2023 में स्टेशन परिसर के कर्मचारी आवासों और टिकट घर (आरक्षण केंद्र) के आधे हिस्से को तोड़ा गया था। सर्कुलेटिंग एरिया के पिलर खोदने के बाद अक्तूबर 2024 में काम बंद हो गया। चार महीने काम बंद रहने के बाद फरवरी 2025 में फिर काम शुरू कराया गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को जाने वाले रास्ते में छह पिलर का काम शुरू कराया गया। लगभग छह फीट गहरा व 140 फीट लंबाई में खोदाई की गई है। लेकिन ठेकेदार ने यात्रियों की सुरक्षा के मानकों का ध्यान नहीं दिया था।
इससे दूर तक फैली सरिया और रास्ते से सटा गहरा गड्ढा होने के बाद भी न तो यहां टिनशेड लगाए गए हैं और न कोई बैरियर लगाया गया था। अमर उजाला ने 31 मार्च के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। मंगलवार को पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे के चारों तरफ टिनशेड लगाए गए। रेलवे कार्य निरीक्षक हर्षवर्धन ने बताया कि खतरे को देखते हुए गड्ढे के चारों तरफ टिनशेड लगवा दिए गए हैं। धूल, मिट्टी न उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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