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Unnao News: एओर्टिक डिसेक्शन... जिला अस्पताल में न जांच और न ही उपचार
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जिला अस्पताल का मुख्य द्वार। आर्काइव
उन्नाव। हार्टअटैक से जुड़ी और गंभीर बीमारी एओर्टिक डिसेक्शन मरीजों के लिए जिले में उपचार की तो छोड़िए, जांच तक सुविधा नहीं है। ऐसे में एओर्टिक डिसेक्शन वाले मरीजों को तुरंत लखनऊ और कानपुर रेफर कर दिया जाता है। महानगरों तक पहुंचने में लगने वाला समय मरीजों के लिए घातक साबित होता है।
अनियमित दिनचर्या व खानपान लोगों का ब्लड प्रेशर अनियंत्रित कर रही है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हार्टअटैक से जुड़ी गंभीर बीमारी एओर्टिक डिसेक्शन का कारण बन सकता है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर माह ऐसे दो से चार मरीज पहुंचते हैं जो एओर्टिक डिसेक्शन से पीड़ित होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एओर्टिक डिसेक्शन में शरीर की सबसे बड़ी धमनी एओर्टा की आंतरिक परत फट जाती है। इससे खून धमनी की दीवारों की परतों के बीच बहने लगता है और धमनी कमजोर पड़कर फट सकती है। यह स्थिति हार्ट अटैक से ज्यादा गंभीर होती है। कई बार डॉक्टर भी एओर्टिक डिसेक्शन को हार्ट अटैक समझकर खून पतला करने की दवाएं देना शुरू कर देते हैं जबकि ऐसे मामलों में तुरंत सर्जरी या स्टेंट की जरूरत होती है। खून पतला करने वाली दवाएं एओर्टिक डिसेक्शन में जानलेवा साबित हो सकती हैं।
आमतौर पर सीने में दर्द के मरीजों को डॉक्टर ईसीजी कराने का परामर्श देते हैं। हालांकि एओर्टिक डिसेक्शन ईसीजी जांच में कई बार सामान्य आता है। इसके लिए सीटी एंजियोग्राफी की जरूरत होती है। हालांकि सरकारी अस्पताल में इसकी व्यवस्था नहीं है। जांच न हो पाने पर इलाज भी नहीं हो जाता है। इससे मरीजों को लखनऊ कानपुर के हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
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केस-एक
लगा दिल का दौरा पड़ा, पर था एओर्टिक डिसेक्शन
45 वर्षीय रामप्रसाद को रात में अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें लगा हार्ट अटैक है। परिजन लेकर अस्पताल पहुंचे। ईसीजी और ब्लड टेस्ट सामान्य आए। इसके बाद परिजन उन्हें कानपुर लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने सीटी एंजियोग्राफी कराई तो एओर्टिक डिसेक्शन का पता चला।
केस-दो
पीठ तक फैला दर्द, समझा मांसपेशियों का खिंचाव
52 वर्षीय सुनीता को सुबह अचानक छाती और ऊपरी पीठ में चीरने जैसा दर्द हुआ। उन्होंने सोचा मांसपेशियों में खिंचाव है। लेकिन दर्द बढ़ता गया। अस्पताल पहुंचीं तो ब्लड प्रेशर बढ़ा आया। एओर्टिक डिसेक्शन की संभावना पर डॉक्टरों ने सीटी एंजियोग्राफी कराई, जिसमें एओर्टिक डिसेक्शन की पुष्टि हुई।
वर्जन...
हार्ट अटैक के मरीजों में दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और दबाव या जकड़न जैसा लगता है। वहीं एओर्टिक डिसेक्शन में दर्द अचानक शुरू होता है और चीरने या फटने जैसा महसूस होता है। इसके साथ ही दोनों बाहों के ब्लड प्रेशर 20 एमएमएचजी से अधिक का अंतर एओर्टिक डिसेक्शन का संकेत होता है। -डॉ. अमित तिवारी, फिजीशियन जिला अस्पताल।
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अनियमित दिनचर्या व खानपान लोगों का ब्लड प्रेशर अनियंत्रित कर रही है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हार्टअटैक से जुड़ी गंभीर बीमारी एओर्टिक डिसेक्शन का कारण बन सकता है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर माह ऐसे दो से चार मरीज पहुंचते हैं जो एओर्टिक डिसेक्शन से पीड़ित होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एओर्टिक डिसेक्शन में शरीर की सबसे बड़ी धमनी एओर्टा की आंतरिक परत फट जाती है। इससे खून धमनी की दीवारों की परतों के बीच बहने लगता है और धमनी कमजोर पड़कर फट सकती है। यह स्थिति हार्ट अटैक से ज्यादा गंभीर होती है। कई बार डॉक्टर भी एओर्टिक डिसेक्शन को हार्ट अटैक समझकर खून पतला करने की दवाएं देना शुरू कर देते हैं जबकि ऐसे मामलों में तुरंत सर्जरी या स्टेंट की जरूरत होती है। खून पतला करने वाली दवाएं एओर्टिक डिसेक्शन में जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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आमतौर पर सीने में दर्द के मरीजों को डॉक्टर ईसीजी कराने का परामर्श देते हैं। हालांकि एओर्टिक डिसेक्शन ईसीजी जांच में कई बार सामान्य आता है। इसके लिए सीटी एंजियोग्राफी की जरूरत होती है। हालांकि सरकारी अस्पताल में इसकी व्यवस्था नहीं है। जांच न हो पाने पर इलाज भी नहीं हो जाता है। इससे मरीजों को लखनऊ कानपुर के हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
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केस-एक
लगा दिल का दौरा पड़ा, पर था एओर्टिक डिसेक्शन
45 वर्षीय रामप्रसाद को रात में अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें लगा हार्ट अटैक है। परिजन लेकर अस्पताल पहुंचे। ईसीजी और ब्लड टेस्ट सामान्य आए। इसके बाद परिजन उन्हें कानपुर लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने सीटी एंजियोग्राफी कराई तो एओर्टिक डिसेक्शन का पता चला।
केस-दो
पीठ तक फैला दर्द, समझा मांसपेशियों का खिंचाव
52 वर्षीय सुनीता को सुबह अचानक छाती और ऊपरी पीठ में चीरने जैसा दर्द हुआ। उन्होंने सोचा मांसपेशियों में खिंचाव है। लेकिन दर्द बढ़ता गया। अस्पताल पहुंचीं तो ब्लड प्रेशर बढ़ा आया। एओर्टिक डिसेक्शन की संभावना पर डॉक्टरों ने सीटी एंजियोग्राफी कराई, जिसमें एओर्टिक डिसेक्शन की पुष्टि हुई।
वर्जन...
हार्ट अटैक के मरीजों में दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और दबाव या जकड़न जैसा लगता है। वहीं एओर्टिक डिसेक्शन में दर्द अचानक शुरू होता है और चीरने या फटने जैसा महसूस होता है। इसके साथ ही दोनों बाहों के ब्लड प्रेशर 20 एमएमएचजी से अधिक का अंतर एओर्टिक डिसेक्शन का संकेत होता है। -डॉ. अमित तिवारी, फिजीशियन जिला अस्पताल।