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चूक के चलते हजारों यात्रियों की जान पड़ी सांसत में
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:13 AM IST
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रेलवे कर्मियों की जरा सी चूक के चलते रविवार को हजारों यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई। लखनऊ से कानपुर जाने वाली प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसे ही गंगाघाट रेलवे स्टेशन के ऋषिनगर केबिन के होम सिग्नल के निकट पहुंची, उसे मेन की जगह लूप लाइन पर डाल दिया गया।
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गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार 15 किमी. प्रति घंटा थी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। गलती स्टेशन अधीक्षक और केबिन मैन की, लेकिन जांच करने स्टेशन पहुंची टीम ने लोको चालक पर ही लापरवाही का आरोप थोपते हुए उसे सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए।
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रविवार सुबह नौ बजकर 22 मिनट पर प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस स्टेशन के निकट ऋषिनगर केबिन के निकट पहुंची, उसे मेन की जगह लूप लाइन पर डाल दिया गया।
ट्रेन चालक मोहम्मद हफीज और जसप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें होम सिग्नल पर हरा सिग्नल दिखाई दिया, जिसके चलते वह आगे बढ़ते चले गए, जैसे ही उन्हें लगा कि ट्रेन गलत ट्रैक पर जा रही है। बिना देरी किए उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगा ट्रेन रोक दी।
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गनीमत रही कि ट्रेन की गति काफी धीमी थी, यदि रफ्तार 40 के ऊपर होती ट्रेन पलट सकती थी। दोनों चालकों का आरोप है कि मौके पर स्टेशन अधीक्षक गंगाघाट छोटे लाल पहुंचे और खुद की गलती को छिपाते हुए उन पर बरस पड़े।
कहा कि गलत ट्रैक पर ट्रेन कैसे ले आए। जब बताया कि उन्हें जिस ट्रैक पर भेजा गया। वहीं पर आ गए। गनीमत थी कि ट्रेन की गति धीमी थी। इस पर स्टेशन अधीक्षक और चालकों के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया।
आरोप है कि स्टेशन अधीक्षक ने चालकों को धमकाते हुए कहा कि अभी बताता हूं कि गलती किसकी है, अब तुम्हें निपटा कर ही मानूंगा। इसके बाद एसएस ने कंट्रोल की सूचना दी। वहीं ट्रेन के दोनों चालकों को स्टेशन पर ही रोक लेने के निर्देश कंट्रोल से मिले। ट्रेन ढाई घंटे स्टेशन पर खड़ी रही।
तकरीबन 11.45 बजे ट्रेन को लखनऊ से आए लोको चालक रोहित यादव लेकर कानपुर की ओर गए। वहीं जांच करने को उन्नाव एसएस विश्राम और रेल यातायात निरीक्षक अनिल भटनागर मौके पर पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों ने पहले स्टेशन अधीक्षक से बात की। इसके बाद चालकों को बुलाकर उनके बयान लिए और और उन्हीं की लापरवाही बता उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए।
वहीं जब रेल अफसरों से पूछा गया कि इसमें चालक की गलती न होकर एसएस और केबिन मैन की है तो बोले जांच वह कर रहे हैं, कौन सही कौन गलत, यह वह तय करेंगे, इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। बताया कि सीनियर चालक मो. हफीज पर कार्रवाई की गई है, जबकि दूसरे चालक को वार्न किया गया।