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40 की स्पीड तक भगा सकेंगे स्कूली वाहन

Sun, 07 Jun 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Sun, 07 Jun 2015 11:37 PM IST
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 The speed of the school vehicle driven 40 speed
उन्नाव। नए शक्षासत्र्ा से बच्चों को स्कूली बस में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा और हादसे भी नहीं होंगे। परिवहन आयुक्त की ओर से एआरटीओ को जिला स्तर पर व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली बसों की अधिकतम रफ्तार चालीस किमी प्रतिघंटा रखने के लिए स्पीड गवर्नर लगाए जाएंगे। बस में चढ़ने-उतरने के लिए फुटबोर्ड, फर्स्टएड बॉक्स की सुविधा होगी। खिड़कियों में जाली लगानी जरूरी होगी। स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक की जिम्मेदारी होगी कि वह इसकी व्यवस्था करें।
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परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की अधिकतम रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा तय की है। इसके लिए जुर्लाई में शुरू होने वाले नए शिक्षासत्र से पहले सभी स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना होगा। परिवहन आयुुक्त ने नौनिहालों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल वाहनों में सुरक्षा के मानक और सख्त करते हुए एआरटीओ को एक सर्कुलर जारी किया है। स्कूल प्रबंधकों और वाहन मालिकों को आने वाले शिक्षासत्र में इन नियमों का हरहाल में पालन करा होगा।
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परिवहन आयुक्त के रवींद्र नायर की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि सभी स्कूली वाहनों में रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड गवर्नर के अलावा बच्चों को बस में बैठाते और उतारते समय होने वाले हादसों से बचने के लिए फुटबोर्ड लगाना होगा जिसपर पैर रखकर बच्चे आसानी से चढ़कर बस में बैठ सकें। इतना ही नहीं वाहन मालिकों को वाहन में फर्स्टएड बाक्स भी रखना होगा ताकि सफर के दौरान चोट लगने पर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके। वाहन की खिड़कियों में जाली भी लगाई जाएंगी। नए नियमों के मुताबिक व्यवस्था होने पर परिवहन विभाग वाहन को सीज करेगा और सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा और फिटनेस सर्र्टिफिकेट भी नहीं दिया जाएगा।
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तय संख्या से अधिक बच्चे बैठाए तो होगी कार्रवाई

उन्नाव। स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या भी निर्धारित होगी। वाहन को जितनी सीट का परमिट होगा उससे पचास फीसदी तक ही अतिरिक्त संख्या में बच्चे बैठाए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर अगर बस 30 सीट की है तो उसमें ज्यादा से ज्यादा 45 बच्चे ही बैठाए जा सकेंगे।


पुलिस से चालक का चरित्र सत्यापन कराना होगा
उन्नाव। स्कूली बच्चों के साथ बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्कूल प्रबंधन को पुलिस से वाहन चालक का चरित्र सत्यापन भी कराना होगा। स्कूल संचालक जिस व्यक्ति को बतौर वाहन चालक रखेंगे उसकी निवास प्रमाणपत्र और फोटो एक प्रार्थनापत्र के साथ स्थानीय थाने में देकर चालक के चरित्र का सत्यापन कराना होगा। स्कूल वाहन चालक के लिए कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही परिवहन विभाग उसका लाइसेंस रद भी कर सकता है।
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