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बजट न मिलने कच्चे व जर्जर मकानों में रहने को मजबूर लाभार्थी

Thu, 19 May 2022 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 12:03 AM IST
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The raw cell also fell while waiting for a pucca house
पुरवा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में बजट न मिलने के कारण लाभार्थी परेशान हैं। किसी की कच्ची कोठरी गिर गई है तो कोई जर्जर मकानों में रहने को मजबूर है। उनका कहना है कि एक साल बाद भी किस्त न मिलने से गुजर बसर की समस्या है। वहीं जिम्मेदार बरसात से पहले किस्त मिलने की बात कह रहे हैं।
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नगर पंचायत पुरवा में वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए 2361 आवेदन आए थे। इनका लेखपाल से सत्यापन कराया गया था। जांच व सत्यापन में 1123 पात्र मिले थे। नगर पंचायत प्रशासन ने इन पात्रों की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर मार्च 2021 में डूडा कार्यालय के माध्यम से शासन को भेज दी थी लेकिन आज तक इनको आवास की किस्त नहीं मिली।
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पात्रों ने बताई समस्या
मोहल्ला जोतपुर के बच्चा व सोनू ने बताया कि घर की दोनों कच्ची कोठरी गिर चुकी हैं। टिनशेड व पॉलीथिन तानकर किसी तरह से गुजर बसर कर रहे हैं। रात को खुले आसमान के नीचे ही सोना पड़ता है।
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राहुल, नेकराम, देवीदयाल व लल्लू का कहना है कि एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन पक्के आवास के लिए पैसा नहीं मिल पाया।
- ईओ केएन पाठक ने बताया कि बजट मिलते ही पात्रों के खातों में धनराशि भेजी जाएगी।
- नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू गुप्ता ने कहा कि वह बजट के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। शासन स्तर पर भी कई बार इस मामले को उठाया है। प्रयास किया जा रहा है कि बारिश के पहले चयनित सभी पात्रों को किस्त मिल जाए।
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