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उन्नाव के माननीयों का दर्द, बोले ‘निरंकुश’ है जिले की अफसरशाही
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विकास भवन सभागार में आयोजित निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बोलते सांसद साक्षी महाराज ,विधायक व ड?
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में माननीयों ने सवालों के माध्यम से जिले की अफसरशाही पर निरंकुश होने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘कठघरे’ में खड़ा कर दिया। विधायकों की बात छोड़िए बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद ने भी अफसरों पर उनके पद और उनकी शिकायतों को अनसुना करने का दर्द बताया। जिला प्रशासन के मुखिया ने हर बार की तरह फिर से कार्रवाई का ‘मरहम’ लगाने की कोशिश की। जिससे दर्द उस समय तो फौरी तौर पर आराम दे देता है लेकिन जड़ से खत्म नहीं होता है।
विकासभवन सभागार में आयोजित दिशा की बैठक में उपायुक्त उद्योग सविता रंजन ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए गरीबों को उद्योग लगाने में बैंक कर्ज दिलाकर मदद देने का दावा किया। उपायुक्त के दावे पर सवाल उठाते हुए पुरवा विधायक अनिल सिंह ने कहा कि मौरावां, कालूखेड़ा, मवई में बैंक शाखाओं की स्थिति खराब है। यहां मैनेजर और लिपिक गरीबोें को दूर से ही भगा देते हैं।
सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर ने भी शिकायती लहजे में कहा कि जब कोई गरीब मैनेजर के पास जाता है और उनसे विधायक की बात कराने की कोशिश करता है तो वह बात तक नहीं करते हैं। इस पर सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उनके द्वारा लेटरपैड पर भेजे गए मामलों तक के कर्ज स्वीकृत नहीं हुए। इसका सीधा से अर्थ है कि बैंक अधिकारियों की मानसिकता सकारात्मक नहीं है। यह प्रधानमंत्री की योजना को पलीता लगा रहे हैं।
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पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़कों से संबंधित योजनाओं पर चर्चा के दौरान सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने एक्सईएन से पूछा कि विभागीय अधिकारियों ने ढाई साल के कार्यकाल में माननीयों से सड़कों के कितने प्रस्ताव लिए। इसका एक्सईएन प्रांतीयखंड अजय वर्मा कुछ जवाब देते उससे पहले ही सांसद ने कहा कि उनके 5-6 साल के कार्यकाल में कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। बिजली विभाग की योजनाओं पर चर्चा के दौरान विधायकों ने विभागीय अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। खुद सांसद ने अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। कहा कि हर बैठक में सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली विभाग की आती हैं लेकिन अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं। पुरवा विधायक अनिल सिंह ने कहा कि मौरावां सीएचसी की दीवार पांच माह से क्षतिग्रस्त है। स्वास्थ्य अधिकारियों से वह कम से कम 10 बार कह चुके हैं लेकिन नतीजा शून्य रहा। मोहान विधायक बृजेश रावत ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव धौरा, मटरिया में सफाईकर्मी नहीं है। बीडीओ ने सफाईकर्मियाें की टीम भेजने को कहा लेकिन गांव में कोई नहीं गया।
एमएलसी के सवाल पर सांसद का पलटवार
बैठक के दौरान सपा एमएलसी सुनील साजन ने सांसद से कहा कि आप की बात पीएम और सीएम तक नहीं काटते हैं लेकिन जिले के अफसर कितना ध्यान देते हैं इसकी बानगी आप द्वारा बिजली, पीडब्ल्यूडी और बैंक अफसरों को निशाने पर लेने से आसानी से लगाया जा सकता है। जवाब में सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि एमएलसी लगता है प्रेसवार्ता कर रहे हैं। बोले, एमएलसी राजनीतिक बात कर रहे हैं। जबकि यह राजनीतिक बात करने का मंच नहीं है। यहां जनता की समस्याओं पर चर्चा करके उनका निस्तारण कराया जा रहा है। वह सिर्फ बताई गई शिकायतों को यदि आप राजनीतिक बात करेंगे तो मैं भी उसी तरह से बात करूंगा। कहा कि जिले के अधिकारी उनका बहुत सम्मान करते हैं।
पेंशन और प्रधानमंत्री आवास शहरी में मची है लूट
दिशा की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में लूट की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने की। सांसद ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में पेंशन संबंधी आवेदनों की 80 फीसदी फीडिंग गलत होती है। लिपिकों की मिलीभगत से अपात्रों को पेंशन मिल रही है। वहीं भाजपा नेत्री किरन सिंह ने जिंदा को मृत दिखाकर महिला की पेंशन काटने की शिकायत की। सांसद ने डीएम से इसकी जांच कमेटी बनाकर जांच कराने को कहा। पुरवा विधायक के अनिल सिंह ने कहा कि शहरी आवास योजना में लूट मची हुई है। पुरवा, मौरावां नगर पंचायत में अपात्रों को आवास दिए गए हैं। सांसद ने कहा कि 30-50 हजार के बिना कोई आवास स्वीकृत नहीं हो रहा है। वहीं डूडा की एक महिला कर्मी पर वसूली का आरोप लगाया गया। जिस पर सीडीओ ने सफाई दी कि 11 सर्वेयर हटाए जा चुके हैं। महिला पर कार्रवाई के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। बृजेश रावत ने औरास बीईओ और अनिल सिंह ने बिछिया एसडीआई की शिकायत करते हुए कहा कि स्कूलों में घटिया ड्रेस आपूर्ति की गई है। इसकी जांच कराई जाए। प्रभारी बीएसए ने बताया कि डीएम ने हर ब्लाक के 10-10 स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं।
हिस्सा पहुंचाने की चर्चा करने वालों पर कार्रवाई करें डीएम
सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले चुनाव के दौरान अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद कराने की बात कही थी। अभी भी काफी बूचड़खाने अवैध रूप से चल रहे हैं। लोगों में ऐसी चर्चा है कि बूचड़खानों के संचालन में सांसद को भी हिस्सा जाता है। वहीं खनन में भी सांसद की हिस्सेदारी की चर्चा होती है। इसलिए इन मामलों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी कार्रवाई करें। बैठक में डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी एमपी वर्मा, सीडीओ प्रेमरंजन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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विकासभवन सभागार में आयोजित दिशा की बैठक में उपायुक्त उद्योग सविता रंजन ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए गरीबों को उद्योग लगाने में बैंक कर्ज दिलाकर मदद देने का दावा किया। उपायुक्त के दावे पर सवाल उठाते हुए पुरवा विधायक अनिल सिंह ने कहा कि मौरावां, कालूखेड़ा, मवई में बैंक शाखाओं की स्थिति खराब है। यहां मैनेजर और लिपिक गरीबोें को दूर से ही भगा देते हैं।
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सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर ने भी शिकायती लहजे में कहा कि जब कोई गरीब मैनेजर के पास जाता है और उनसे विधायक की बात कराने की कोशिश करता है तो वह बात तक नहीं करते हैं। इस पर सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उनके द्वारा लेटरपैड पर भेजे गए मामलों तक के कर्ज स्वीकृत नहीं हुए। इसका सीधा से अर्थ है कि बैंक अधिकारियों की मानसिकता सकारात्मक नहीं है। यह प्रधानमंत्री की योजना को पलीता लगा रहे हैं।
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पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़कों से संबंधित योजनाओं पर चर्चा के दौरान सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने एक्सईएन से पूछा कि विभागीय अधिकारियों ने ढाई साल के कार्यकाल में माननीयों से सड़कों के कितने प्रस्ताव लिए। इसका एक्सईएन प्रांतीयखंड अजय वर्मा कुछ जवाब देते उससे पहले ही सांसद ने कहा कि उनके 5-6 साल के कार्यकाल में कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। बिजली विभाग की योजनाओं पर चर्चा के दौरान विधायकों ने विभागीय अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। खुद सांसद ने अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। कहा कि हर बैठक में सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली विभाग की आती हैं लेकिन अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं। पुरवा विधायक अनिल सिंह ने कहा कि मौरावां सीएचसी की दीवार पांच माह से क्षतिग्रस्त है। स्वास्थ्य अधिकारियों से वह कम से कम 10 बार कह चुके हैं लेकिन नतीजा शून्य रहा। मोहान विधायक बृजेश रावत ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव धौरा, मटरिया में सफाईकर्मी नहीं है। बीडीओ ने सफाईकर्मियाें की टीम भेजने को कहा लेकिन गांव में कोई नहीं गया।
एमएलसी के सवाल पर सांसद का पलटवार
बैठक के दौरान सपा एमएलसी सुनील साजन ने सांसद से कहा कि आप की बात पीएम और सीएम तक नहीं काटते हैं लेकिन जिले के अफसर कितना ध्यान देते हैं इसकी बानगी आप द्वारा बिजली, पीडब्ल्यूडी और बैंक अफसरों को निशाने पर लेने से आसानी से लगाया जा सकता है। जवाब में सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि एमएलसी लगता है प्रेसवार्ता कर रहे हैं। बोले, एमएलसी राजनीतिक बात कर रहे हैं। जबकि यह राजनीतिक बात करने का मंच नहीं है। यहां जनता की समस्याओं पर चर्चा करके उनका निस्तारण कराया जा रहा है। वह सिर्फ बताई गई शिकायतों को यदि आप राजनीतिक बात करेंगे तो मैं भी उसी तरह से बात करूंगा। कहा कि जिले के अधिकारी उनका बहुत सम्मान करते हैं।
पेंशन और प्रधानमंत्री आवास शहरी में मची है लूट
दिशा की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में लूट की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने की। सांसद ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में पेंशन संबंधी आवेदनों की 80 फीसदी फीडिंग गलत होती है। लिपिकों की मिलीभगत से अपात्रों को पेंशन मिल रही है। वहीं भाजपा नेत्री किरन सिंह ने जिंदा को मृत दिखाकर महिला की पेंशन काटने की शिकायत की। सांसद ने डीएम से इसकी जांच कमेटी बनाकर जांच कराने को कहा। पुरवा विधायक के अनिल सिंह ने कहा कि शहरी आवास योजना में लूट मची हुई है। पुरवा, मौरावां नगर पंचायत में अपात्रों को आवास दिए गए हैं। सांसद ने कहा कि 30-50 हजार के बिना कोई आवास स्वीकृत नहीं हो रहा है। वहीं डूडा की एक महिला कर्मी पर वसूली का आरोप लगाया गया। जिस पर सीडीओ ने सफाई दी कि 11 सर्वेयर हटाए जा चुके हैं। महिला पर कार्रवाई के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। बृजेश रावत ने औरास बीईओ और अनिल सिंह ने बिछिया एसडीआई की शिकायत करते हुए कहा कि स्कूलों में घटिया ड्रेस आपूर्ति की गई है। इसकी जांच कराई जाए। प्रभारी बीएसए ने बताया कि डीएम ने हर ब्लाक के 10-10 स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं।
हिस्सा पहुंचाने की चर्चा करने वालों पर कार्रवाई करें डीएम
सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले चुनाव के दौरान अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों को बंद कराने की बात कही थी। अभी भी काफी बूचड़खाने अवैध रूप से चल रहे हैं। लोगों में ऐसी चर्चा है कि बूचड़खानों के संचालन में सांसद को भी हिस्सा जाता है। वहीं खनन में भी सांसद की हिस्सेदारी की चर्चा होती है। इसलिए इन मामलों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी कार्रवाई करें। बैठक में डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी एमपी वर्मा, सीडीओ प्रेमरंजन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।