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Unnao News: घायलों और बीमारों की जा रही जान, ट्रामा सेंटर पर नहीं ध्यान

Sat, 07 Dec 2024 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 12:13 AM IST
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The lives of the injured and the sick are being lost, no attention is paid to the trauma center
उन्नाव। राजधानी लखनऊ, महानगर कानपुर सहित पांच जिलों और हाईवे, एक्सप्रेसवे जैसे मार्गों से घिरे जिले में लगभग रोज सड़क हादसे होते हैं। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होने से गंभीर घायल मरीजों को कानपुर रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल परिसर में 2.17 करोड़ से बना ट्रामा सेंटर बड़ी राहत दे सकता है लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
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जिले में ट्रामा सेंटर बनने के नौ साल बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। गंभीर घायलों व बीमारों को लखनऊ ट्रामा सेंटर या कानपुर हैलट रेफर करने की मजबूरी है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सांसद रहते वर्ष 2007 में ट्रामा सेंटर की स्थापना के प्रयास शुरू किए थे। काफी कोशिशों के बाद 2016 में 217.49 करोड़ से ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हुआ, लेकिन डॉक्टरों की तैनाती न होने से जिले की करीब 33 लाख की आबादी को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा।
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ट्रामा सेंटर में ये सुविधाएं जरूरी
पर्याप्त दवाएं, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, रेडियोलॉजिस्ट, एनस्थीसिया, विशेषज्ञ डॉक्टर, वर्किंग ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, ट्रांसपोर्टेबल वेंटिलेटर, सीटी स्कैन, ब्लड स्टोरेज यूनिट, पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन, सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन, पैथोलॉजी, ईको कार्डियोग्राॅफी, ईसीजी और स्पाइन बोर्ड जैसी सुविधाएं होना जरूरी हैं।
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वेंटिलेटर 22, चालू केवल छह
ट्रामा सेंटर में तीन साल पहले 22 वेंटिलेटर लगाए गए थे। उन्हें आईसीयू में रखवाया गया था, ताकि गंभीर मरीजों का इलाज किया जा सके लेकिन डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टॉफ न होने से इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। केवल छह ही ऐसे हैं जिन्हें कभी-कभी जिला अस्पताल के ही स्टॉफ के सहारे चलाया जाता है।

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स्टाफ-स्वीकृत पद-तैनात

सर्जन-2-0

निश्चेतक-2-1

अस्थि विशेषज्ञ-2-1

ईएमओ-3-1
ओटी टेक्नीशियन-3-0
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बोले जिम्मेदार
उन्नाव ट्रामा सेंटर में ज्यादातर उपकरण उपलब्ध हैं। डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी दूर करने के लिए सीएमओ को पत्र जारी करके उन्हें अपने स्तर से जरूरी स्टॉफ संविदा पर तैनात करने के लिए कहेंगे। जो भी उपकरण जरूरी होंगे वह भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

- ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

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जिले में ट्रामा सेंटर का सुचारु तरीके से संचालन जरूरी है। शासन और स्वास्थ्य निदेशक को पत्र लिख रहे हैं। साथ ही जिले में हादसों को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इसके लिए सुधारात्मक सुझाव की भी रिपोर्ट शासन को भेजी है। सड़कों के ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य भी शुरू कराए जा रहे हैं।
गौरांग राठी, डीएम उन्नाव

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वर्ष-हादसे-मृतक-घायल

2020-671-408-444
2021-844-515-568

2022-875-510-557
2023-868-478-721

2024-771-451-659

(नोट- वर्ष 2024 के आंकड़े 28 नवंबर तक के हैं।)
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