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डीआरएम ने किया निरीक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:14 AM IST
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उन्नाव/शुक्लागंज। कचहरी क्रासिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज अगले साल सितंबर में बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही जंक्शन के प्लेटफार्मों की लंबाई भी बढ़ाई जाएगी। प्लेटफार्म दो, तीन पर ट्रेनों की डिब्बों की जानकारी के लिए डिस्प्ले भी लगाया जाएगा। वहीं, शुक्लागंज स्टेशन पर जनवरी में टर्फ बदलने का कार्य शुरू हो जाएगा। ये बातें गुरुवार को उन्नाव जंक्शन और कानपुर बायां किनारा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीआरएम लखनऊ मंडल एसके लोहाटी ने कही।
डीआरएम निर्धारित समय से तीन घंटा देरी से दोपहर 12 बजे उन्नाव जंक्शन पहुंचे। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक पर स्टेशन अधीक्षक से आने वाले यात्रियों की संख्या व विभाग को होने वाली आय के बारे में पूछा। इसके बाद वह सीधे आरक्षण खिड़की व टिकट वितरण घर पहुंचे। एक माह में आधा सैकड़ा से अधिक बेटिकट यात्रियों के पकड़े जाने पर नाराजगी जताते हुए टिकट निरीक्षकों को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि प्रतिदिन 10 बेटिकट यात्री पकड़ें। इसके अलावा प्लेटफार्म एक स्थित कमरे पर कब्जा किए जीआरपी को तुरंत खाली करने के आदेश दिए। सफाई निरीक्षक ज्योत्सना शुक्ला ने जल निकासी की समस्या के बारे में बताया।
कहाकि पानी की टंकी में मीटरगेज न होने से ओवरफ्लो व निकासी न होने से यहां पानी भरा रहता है। डीआरएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। डीआरएम ने स्टेशन के मुख्य द्वार पर बनारस रेलवे स्टेशन की तरह गेट बनवाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीनियर डिवीजन आपरेटिंग मैनेजर राजेश बाजपेई, एडीआरएम अजीत सिन्हा, आरपीएफ, जीआरपी के अलावा अन्य रेलवे कर्मी मौजूद रहे।
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शुक्लागंज संवाददाता के अनुसार, डीआरएम ने बताया कि रेलवे पुल के डाउन लाइन पर जनवरी 2016 में काम शुरू हो जायेगा जिसका ले आउट प्लान रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। कार्य जल्द खत्म हो इसके लिए इलेक्ट्रिानिक इंटर लॉकिंग के जरिए टर्फ बदले जाएंगे। उन्होंने ट्राली से डाउन रेल पथ का निरीक्षण किया। डाउन रेल पथ पर करीब 35 दिनों से अधिक का मेगा ब्लाक लिया जाएगा। काम का ले आउट प्लान रेल मंत्रालय भेजा जा चुका है। जिसकी स्वीकृति इसी वर्ष के अंत में मिल जाएगी। बताया कि गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज की कोई स्वीकृति नही है जिस कारण अब तक यहां ओवर ब्रिज नहीं बनाया जा सका है। डीआरएम के आने से पूर्व ही जीआरपी व आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन के बाहर रहे अतिक्रमण को हटवा दिया था।
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डीआरएम निर्धारित समय से तीन घंटा देरी से दोपहर 12 बजे उन्नाव जंक्शन पहुंचे। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक पर स्टेशन अधीक्षक से आने वाले यात्रियों की संख्या व विभाग को होने वाली आय के बारे में पूछा। इसके बाद वह सीधे आरक्षण खिड़की व टिकट वितरण घर पहुंचे। एक माह में आधा सैकड़ा से अधिक बेटिकट यात्रियों के पकड़े जाने पर नाराजगी जताते हुए टिकट निरीक्षकों को फटकार लगाई और निर्देश दिए कि प्रतिदिन 10 बेटिकट यात्री पकड़ें। इसके अलावा प्लेटफार्म एक स्थित कमरे पर कब्जा किए जीआरपी को तुरंत खाली करने के आदेश दिए। सफाई निरीक्षक ज्योत्सना शुक्ला ने जल निकासी की समस्या के बारे में बताया।
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कहाकि पानी की टंकी में मीटरगेज न होने से ओवरफ्लो व निकासी न होने से यहां पानी भरा रहता है। डीआरएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। डीआरएम ने स्टेशन के मुख्य द्वार पर बनारस रेलवे स्टेशन की तरह गेट बनवाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीनियर डिवीजन आपरेटिंग मैनेजर राजेश बाजपेई, एडीआरएम अजीत सिन्हा, आरपीएफ, जीआरपी के अलावा अन्य रेलवे कर्मी मौजूद रहे।
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शुक्लागंज संवाददाता के अनुसार, डीआरएम ने बताया कि रेलवे पुल के डाउन लाइन पर जनवरी 2016 में काम शुरू हो जायेगा जिसका ले आउट प्लान रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। कार्य जल्द खत्म हो इसके लिए इलेक्ट्रिानिक इंटर लॉकिंग के जरिए टर्फ बदले जाएंगे। उन्होंने ट्राली से डाउन रेल पथ का निरीक्षण किया। डाउन रेल पथ पर करीब 35 दिनों से अधिक का मेगा ब्लाक लिया जाएगा। काम का ले आउट प्लान रेल मंत्रालय भेजा जा चुका है। जिसकी स्वीकृति इसी वर्ष के अंत में मिल जाएगी। बताया कि गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज की कोई स्वीकृति नही है जिस कारण अब तक यहां ओवर ब्रिज नहीं बनाया जा सका है। डीआरएम के आने से पूर्व ही जीआरपी व आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन के बाहर रहे अतिक्रमण को हटवा दिया था।