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झोलाछाप के इलाज से किसान की मौत, लगाया जाम, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो उन्नाव
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:31 AM IST
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जाम लगाए परिजनों को समझाते एसडीएम प्रभुदयाल।
- फोटो : अमर उजाला
पेट दर्द से परेशान किसान के इलाज के दौरान झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने क्लीनिक में तोड़फोड़ कर हंगामा किया। इसके बाद शव लेकर उन्नाव-हरदोई मार्ग पर चकलवंशी चौराहा पहुंचे और सड़क पर जाम लगा दिया। एसडीएम ने परिजनों को किसान बीमा के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और झोलाछाप पर कड़ी कार्रवाई की बात कही तब लोग शांत हुए और जाम खोला। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक उन्नाव-हरदोई मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप रहा। माखी थानाध्यक्ष ने बताया कि चचेरे भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वह झोलाछाप है या डाक्टर इसका पता उसकी डिग्री देखने के बाद ही चल सकेगा।
माखी थानाक्षेत्र के मेथीटीकुर के मजरा गहरुगढी निवासी मनोज यादव (35) पुत्र छत्रपाल की बुआ इंदपरी की रविवार को बीमारी से मौत हो गई थी। मनोज यादव सोमवार सुबह बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने परियर घाट गया था। घाट से लौटते ही उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार वालों ने उसे चकलवंशी कस्बे में लोगों का इलाज करने वाले रणेंद्र सिंह को दिखाया। परिजनों के अनुसार एक इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मनोज की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। बवाल बढ़ते देख इलाज करने वाला युवक भाग निकला। इस दौरान भीड़ ने क्लीनिक में तोड़फोड़ भी की।
हरदोई-उन्नाव और बिठूर-संडीला मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। माखी थाना प्रभारी जावेद अख्तरने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन घर वाले उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मंग करने लगे। एसओ ने एसडीएम को सूचना दी। एसडीएम कृपाशंकर यादव पहुंचे और कृषक बीमा योजना से पांच लाख और पारिवारिक लाभ योजना के तहत मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ सड़क से हटी। माखी थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई ऊदन की तहरीर पर इलाज करने वाले के खिलाफ इलाज में लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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माखी थानाक्षेत्र के मेथीटीकुर के मजरा गहरुगढी निवासी मनोज यादव (35) पुत्र छत्रपाल की बुआ इंदपरी की रविवार को बीमारी से मौत हो गई थी। मनोज यादव सोमवार सुबह बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने परियर घाट गया था। घाट से लौटते ही उसके पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार वालों ने उसे चकलवंशी कस्बे में लोगों का इलाज करने वाले रणेंद्र सिंह को दिखाया। परिजनों के अनुसार एक इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मनोज की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। बवाल बढ़ते देख इलाज करने वाला युवक भाग निकला। इस दौरान भीड़ ने क्लीनिक में तोड़फोड़ भी की।
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हरदोई-उन्नाव और बिठूर-संडीला मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। माखी थाना प्रभारी जावेद अख्तरने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन घर वाले उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मंग करने लगे। एसओ ने एसडीएम को सूचना दी। एसडीएम कृपाशंकर यादव पहुंचे और कृषक बीमा योजना से पांच लाख और पारिवारिक लाभ योजना के तहत मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ सड़क से हटी। माखी थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई ऊदन की तहरीर पर इलाज करने वाले के खिलाफ इलाज में लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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