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सहालग में करेंसी की किल्लत, नगदी को भटके खाताधारक

Thu, 13 Apr 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Thu, 13 Apr 2017 12:05 AM IST
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The crisis in currency, the cash-starved account holder
एसबीआई मुख्य शाखा में लगी खाताधारकों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला

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नोटबंदी के दौरान जिन हालातों का सामना करना पड़ा कुछ वैसे ही हालात बुधवार को भी देखने को मिले। जिले की एसबीआई शाखाओं के साथ ही एजीबी बैंक खाताधारक बुधवार दूसरे दिन भी कैश किल्लत से परेशान रहे। सबसे ज्यादा समस्या एसबीआई में है। यहां पांच से दस हजार का पेमेंट भी लोगों को बमुश्किल मिल सका। वहीं चार दिन से ठूंठ एटीएम पांचवें दिन भी कैश की राहत नहीं दे सके। सहालग के समय में कैश की किल्लत से लोगों का खासा परेशान कर रही है।

फरवरी माह से बैंकों में करेंसी का संकट दूर होना शुरू हो गया था। खाताधारकों को उनकी डिमांड के अनुसार रुपया मिलने लगा था। इससे लोग नोटबंदी का दर्द भूल चुके थे। अब जब अप्रैल माह में सहालग की भरमार है। तब एक बार फिर एसबीआई व ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में करेंसी का टोंटा बन गया है। वैसे तो करेंसी की कमी के कारण एसबीआई के एटीएम शनिवार से शोपीस बने हुए हैं। मंगलवार से एसबीआई बैंक शाखाओं में भी कैश की कमी के हालात बने। जो बुधवार को और ज्यादा गंभीर हो गए।
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सुबह के 10 बजे तक कैश के लिए एसबीआई मुख्य शाखा में खाताधारकों की भीड़ जमा हो चुकी थी। कैश पाने की होड़ में हर किसी को पहले बैंक में प्रवेश करना था। इससे अफरातफरी का माहौल बन गया। इस पर शाखा प्रबंधक दीपेंद्र यादव ने गार्ड की मदद से लोगों को समझाकर शांत कराया। साथ ही कैश की कमी होने की जानकारी देकर 3 से 5 हजार रुपये का कैश लेने की अपील की। सहालग के वक्त कैश किल्लत उन परिवारों को भारी पड़ गई। जिनके यहां मांगलिक कार्यक्रम हैं।
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बैंक मैनेजर ने लोगों को किसी तरह समझाकर शांत किया। बैंक मैनेजर ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह में 80 करोड़ की करेंसी मिली थी। इसमें से 30 करोड़ दूसरी शाखाओं को दे दिए गए। इसके बाद 200 करोड़ की डिमांड आरबीआई को भेजी गई है। जिसके सापेक्ष अभी तक करेंसी उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे कैश की किल्लत है।

जमा राशि से हो रहा भुगतान
उन्नाव। करीब एक हफ्ते से बैंक कैश की कमी से जूझ रहा हैं। दिन प्रतिदिन स्थिति गंभीर बनती जा रही है। बुधवार को शहर में एसबीआई, बैंक आफ बड़ौदा, एक्सिस, आईसीआईसीआई  बैंकों के एटीएम में कैश नहीं था। एटीएम के साथ ही बैंकों में कैश की कमी ने खाताधारकों को खूब रुलाया। शहर की एसबीआई के अलावा ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त बैंकों ने दो तीन हजार रुपये का भुगतान कर जैसे तैसे काम चलाया। करेंसी न आने से अधिकतर बैंक अपने यहां जमा हो रही धनराशि से पेमेंट कर रहे हैं।

 
चकलवंशी में भी कैश कमी की रही समस्या
चकलवंशी। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में भी बुधवार को कैश का टोंटा रहा। कैश न होने से खाताधारकों को मायूस लौटना पड़ा। कैश को लेकर कुछ ग्राहकों व बैंक स्टाफ में बहस भी हुई। कई खाताधारक तो शाम तक कैश के इंतजार में बैंक के चक्कर काटते रहे, लेकिन उनकी समस्या हल नहीं हो सकी।
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