{"_id":"e469263b14b6a1d741bf56100008310d","slug":"tazia-procession-marches-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताजिया जुलूस निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजिया जुलूस निकाला
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नबी पाक के दीन की हिफाजत करने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर जांनशीनों की कुर्बानी की याद में शनिवार को जिले भर में ताजियों, अलम के अलावा मातमी जुलूस निकाले गए। शहर में अंजुमन अजाए हुसैन और अंजुमन हुसैनिया की जानिब से ताजियों और अलम का जुलूस निकला।
जुलूस में हुसैनी शैदाइयों ने छुरी और तलवार का मातम किया। देर शाम ताजियों को कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया।
प्यारे इमाम अस्सलाम, आली मुकाम अस्सलाम और या हुसैन या हुसैन की सदाओं के साथ शहर के ककरहा बाग मोहल्ले से अंजुमन हुसैनिया का नौहों के बीच जुलूसे हुसैनी निकाला गया।
जुलूस छोटा चौराहा, सदर बाजार, बड़ा चौराहा होते हुए धवन रोड, छिपियाना व तालिब सरांय तक निकला। जुलूस में सबसे आगे चल रहे उस्ताद अब्दुरर्हमान के अक्खाड़े के नवजवानों ने जंग ए कर्बला का नजारा पेश किया। उन्होंने लाठी, बाना व तलवारबाजी के करतब दिखाए।
विज्ञापन
इसके पीछे छुरियों और तलवार का मातम कर रहे अकीदतमंदों का जुलूस चल रहा था। छह साल के बिलाल रजा से लेकर नूर जैदी, फराज जैदी, शबाब जाफरी, गुलशन, सगीर, फरहान काजमी, अली जैदी, शानू, अजमी समेत तकरीबन दो दर्जन लोगों ने सिर पर तलवार से वार कर कमा का मातम किया।
इस दौरान चार दर्जन से ज्यादा लोगों ने नंगी पीठ पर छुरियों का मातम किया। सबसे पीछे ताजियों का जुलूस चल रहा था। इसमे ककरहा बाग के पुत्तन साहब, इश्तियाक गौरी और अजमत अली की ताजियां थीं। इस दौरान ताजियों को कर्बला शरीफ में पहुंच कर सुपुर्दे खाक किया गया।
मुख्य जुलूस के अलावा अन्य मोहल्लों के ताजियादारों ने छोटे छोटे जुलूस निकाल कर ताजियों को सुपुर्दे खाक किया। अकीदतमंदों ने अपने घरों में शर्बत, खीर, हलीम और मीठे पकवान बनाकर शहीदाने कर्बला को नज्र पेश की। साथ में चल रहे दुलदुल पर सभी ने फूल चढ़ाए।
वहीं छोटे चौराहे पर भगवंतनगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, मो. इस्माइल, अतहरअली लाले आदि ने दुलदुल पर फूल पेश किए। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों के लिए लंगर व शबील तकसीम किया जाता रहा। पुरवा प्रतिनिधि के मुताबिक एजाज कस्बे के मियांटोला इमामबाड़े से ताजिए और अलम का जुलूस उठा।
या हुसैन और या अली के नारे लगाते हुए अकीदतमंद मियांटोला, वजीरगंज, छबईयनटोला, मसवानी, शीतलगंज, दलीगढ़ी आदि मोहल्लों से गुजरते हुए पीराशाह मैदान पहुंचे। यहां अक्खाड़ा खेला गया। इसके बाद जुलूस मिर्री चौराहा स्थित अखरी तालाब पहुंचा जहां ताजियों को सैराब किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में रैकड़, बैगांव, भाटमऊ, तौरा, कायमपुर आदि में जुलूस निकाल कर ताजिये दफन किए गए।
फतेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के मुताबिक पहला जुलूस फतेहपुर चौरासी कस्बे के सुभाष नगर पश्चिमी मोहल्ला स्थित इमामचौक से उठा।
इसमें अंजुमन शब्बीरिया ने नसीम खां, शहीद खां, शमसुद्दीन खां और इजाजुद्दीन खां ने शहीदाने कर्बला की याद मेें नौहे पेश किए। दुसरा जुलूस फिरोज नगर इमामचौक से उठा। इसमें अंजुमन अरफिया के नौहाख्वां मोतीस अहमद, इरफान, हबीब, हारून, नबी हसन, अकील आदि ने नौहे पेश किए।
इसके अलावा तकिया, सैंता और टांडामीता गावों में ताजिए का जुलूस परंपरागत ढंग से निकाला गया। बांगरमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, नगर के मोहल्ला दरगाह शरीफ, किला शाह जी, कस्बा टोला, हटिया, गोंडा टोला, भटपुरी, गोलाकुआं, पूर्बिया टोला तथा नसीमगंज आदि मोहल्लों के इमामबाड़ों व इमाम चौकों पर ताजिए रखकर बिजली की सजावट की गई।
सजावट में मोहल्ला गोलकुआं व नसीमगंज अव्वल रहा। क्षेत्र के गांव सुरसैनी, मऊ, आसत, हरियाबर, अतरधनी, कबीरपुर, फतेहपुर हामजा सहित अन्य गावों में ताजिए रखकर अकीदतमंदों ने नजरों नियाज पेश की। मुकरयाना मोहल्ले में अकीदतमंदों ने मुंबई की मशहूर दरगाह हाजी अली का नक्शा उतारा।
कारीगरों ने बाकायदा समुद्र के बीच थर्माकोल की दरगाह और जायरीनों को दर्शाया। समुद्र में पानी के जहाज भी दिखाए। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। अजगैन प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के नवाबगंज कस्बे में कुसुम्भी मोड़ तिराहे पर, अजगैन बाजार में, रैनापुर, सेवरा, दरियापुर आदि गांवों में ताजियादारों ने जुलूस निकालकर मातम किया। इसके बाद चिन्हित स्थानों पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
विज्ञापन
जुलूस में हुसैनी शैदाइयों ने छुरी और तलवार का मातम किया। देर शाम ताजियों को कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया।
प्यारे इमाम अस्सलाम, आली मुकाम अस्सलाम और या हुसैन या हुसैन की सदाओं के साथ शहर के ककरहा बाग मोहल्ले से अंजुमन हुसैनिया का नौहों के बीच जुलूसे हुसैनी निकाला गया।
विज्ञापन
जुलूस छोटा चौराहा, सदर बाजार, बड़ा चौराहा होते हुए धवन रोड, छिपियाना व तालिब सरांय तक निकला। जुलूस में सबसे आगे चल रहे उस्ताद अब्दुरर्हमान के अक्खाड़े के नवजवानों ने जंग ए कर्बला का नजारा पेश किया। उन्होंने लाठी, बाना व तलवारबाजी के करतब दिखाए।
विज्ञापन
इसके पीछे छुरियों और तलवार का मातम कर रहे अकीदतमंदों का जुलूस चल रहा था। छह साल के बिलाल रजा से लेकर नूर जैदी, फराज जैदी, शबाब जाफरी, गुलशन, सगीर, फरहान काजमी, अली जैदी, शानू, अजमी समेत तकरीबन दो दर्जन लोगों ने सिर पर तलवार से वार कर कमा का मातम किया।
इस दौरान चार दर्जन से ज्यादा लोगों ने नंगी पीठ पर छुरियों का मातम किया। सबसे पीछे ताजियों का जुलूस चल रहा था। इसमे ककरहा बाग के पुत्तन साहब, इश्तियाक गौरी और अजमत अली की ताजियां थीं। इस दौरान ताजियों को कर्बला शरीफ में पहुंच कर सुपुर्दे खाक किया गया।
मुख्य जुलूस के अलावा अन्य मोहल्लों के ताजियादारों ने छोटे छोटे जुलूस निकाल कर ताजियों को सुपुर्दे खाक किया। अकीदतमंदों ने अपने घरों में शर्बत, खीर, हलीम और मीठे पकवान बनाकर शहीदाने कर्बला को नज्र पेश की। साथ में चल रहे दुलदुल पर सभी ने फूल चढ़ाए।
वहीं छोटे चौराहे पर भगवंतनगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, मो. इस्माइल, अतहरअली लाले आदि ने दुलदुल पर फूल पेश किए। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों के लिए लंगर व शबील तकसीम किया जाता रहा। पुरवा प्रतिनिधि के मुताबिक एजाज कस्बे के मियांटोला इमामबाड़े से ताजिए और अलम का जुलूस उठा।
या हुसैन और या अली के नारे लगाते हुए अकीदतमंद मियांटोला, वजीरगंज, छबईयनटोला, मसवानी, शीतलगंज, दलीगढ़ी आदि मोहल्लों से गुजरते हुए पीराशाह मैदान पहुंचे। यहां अक्खाड़ा खेला गया। इसके बाद जुलूस मिर्री चौराहा स्थित अखरी तालाब पहुंचा जहां ताजियों को सैराब किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में रैकड़, बैगांव, भाटमऊ, तौरा, कायमपुर आदि में जुलूस निकाल कर ताजिये दफन किए गए।
फतेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के मुताबिक पहला जुलूस फतेहपुर चौरासी कस्बे के सुभाष नगर पश्चिमी मोहल्ला स्थित इमामचौक से उठा।
इसमें अंजुमन शब्बीरिया ने नसीम खां, शहीद खां, शमसुद्दीन खां और इजाजुद्दीन खां ने शहीदाने कर्बला की याद मेें नौहे पेश किए। दुसरा जुलूस फिरोज नगर इमामचौक से उठा। इसमें अंजुमन अरफिया के नौहाख्वां मोतीस अहमद, इरफान, हबीब, हारून, नबी हसन, अकील आदि ने नौहे पेश किए।
इसके अलावा तकिया, सैंता और टांडामीता गावों में ताजिए का जुलूस परंपरागत ढंग से निकाला गया। बांगरमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, नगर के मोहल्ला दरगाह शरीफ, किला शाह जी, कस्बा टोला, हटिया, गोंडा टोला, भटपुरी, गोलाकुआं, पूर्बिया टोला तथा नसीमगंज आदि मोहल्लों के इमामबाड़ों व इमाम चौकों पर ताजिए रखकर बिजली की सजावट की गई।
सजावट में मोहल्ला गोलकुआं व नसीमगंज अव्वल रहा। क्षेत्र के गांव सुरसैनी, मऊ, आसत, हरियाबर, अतरधनी, कबीरपुर, फतेहपुर हामजा सहित अन्य गावों में ताजिए रखकर अकीदतमंदों ने नजरों नियाज पेश की। मुकरयाना मोहल्ले में अकीदतमंदों ने मुंबई की मशहूर दरगाह हाजी अली का नक्शा उतारा।
कारीगरों ने बाकायदा समुद्र के बीच थर्माकोल की दरगाह और जायरीनों को दर्शाया। समुद्र में पानी के जहाज भी दिखाए। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। अजगैन प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के नवाबगंज कस्बे में कुसुम्भी मोड़ तिराहे पर, अजगैन बाजार में, रैनापुर, सेवरा, दरियापुर आदि गांवों में ताजियादारों ने जुलूस निकालकर मातम किया। इसके बाद चिन्हित स्थानों पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया।