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Unnao News: स्वाइन फ्लूः छह और चार बेड का आइसोलेशन वार्ड

Mon, 31 Aug 2026 01:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:05 AM IST
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Swine Flu: Isolation ward with six and four beds
उन्नाव। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शासन ने सीएमओ को संभावित मरीजों की पहचान, जांच और इलाज के निर्देश दिए हैं। संक्रमण रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम करने को भी कहा गया है। जिला अस्पताल में छह और चार बेड के पृथक वार्ड बनाए गए हैं।
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दवाओं का पर्याप्त भंडारण भी सुरक्षित किया गया है। स्वाइन फ्लू या एच1एन1 संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक और सांस की बूंदों से फैलता है। बारिश के मौसम में यह वायरस अधिक सक्रिय हो जाता है। प्रदेश में अब तक 551 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जनपद में भी दो मरीज संक्रमित पाए गए हैं, जो अन्य जिलों से संबंधित हैं। शासन ने सभी जिलों के सीएमओ को तत्काल तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल परिसर में दस बेड का पृथक वार्ड तैयार किया गया है।
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संक्रमण रोकने के उपाय
संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं। बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टेमी फ्लू दवा स्वाइन फ्लू के इलाज में प्रभावी है। बीमारी बढ़ने पर दवा की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त भंडारण किया गया है।
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बुखार रोगियों के लिए ओपीडी
स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। स्वस्थ व्यक्तियों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब बुखार रोगियों के लिए एक अलग ओपीडी बनाई जाएगी। यह पृथक ओपीडी कार्डियोलॉजी इमारत के कक्ष में संचालित होगी।
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स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है। कुछ मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, उल्टी या दस्त की शिकायत भी होती है।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाएं और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक को रुमाल या कोहनी से ढकें। साबुन से बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें। बुखार, खांसी या जुकाम होने पर सार्वजनिक स्थानों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों से दूरी बनाएं।

वर्जन
स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है पर सावधानी जरूरी है। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस।
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