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उपमंडी स्थल शुरू, खत्म हुईं किसानों की मुश्किलें
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पाटन। तहसील मुख्यालय पाटन में ब्रह्मदेव बाबा मंदिर के पास नवनिर्मित उपमंडी स्थल का लोकार्पण रविवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने किया। इसके साथ मंडी स्थल पर विधिवत कामकाज शुरू हो गया। मंडी शुरू होने से आसपास के किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। मंडी निर्माण पर विधानसभा अध्यक्ष ने खुशी जताते हुए विरोधियों पर भी जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में लोकार्पण का जोर चल रहा है और विपक्षी दल उसे अपना काम बताने में जुटे हुए है। जबकि जनता को अच्छी तरह मालूम है कि कौन सा काम किसका है। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पुरवा जाना पड़ता था। मंडी स्थल बन जाने के बाद अब उपज यहीं पर बेच सकेंगे।
विद्युत शार्ट सर्किट से फसल का नुकसान, कृषक दुर्घटना बीमा समेत अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को पुरवा नहीं जाना पड़ेगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद लोधी ने पूर्व विधायक स्व. चौधरी देवकी नंदन को श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान मंडी समिति पुरवा प्रभारी अखिलेश सिंह ने निर्माण कार्य का ब्योरा प्रस्तुत किया। संयोजक रमेशचंद्र तिवारी ने सभी का आभार जताया। संजय शुक्ला, अरुण दीक्षित, आशीष शुक्ला, रोहित, मनोज शुक्ला, प्रभात सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसानों को उपज बेचने के लिए उपमंडी स्थल तो बनवा दिया लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए जो मुख्य रास्ता है उसकी सड़क बनाना भूल गए। कस्बे में बनाई गई इस मंडी तक जाने के लिए रायबरेली राजमार्ग से करीब एक किलोमीटर अंदर चलना होता है। यह मार्ग कुछ दूरी तक खड़ंजा और जर्जर डामरीकृत मार्ग है। पूरे रास्ते में कीचड़ और जलभराव है।
441.97 लाख की लागत से बनाए गए उपमंडी स्थल की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभी यहां किसान अपनी उपज लेकर आए भी नहीं और फर्श धंसने लगी है। दो टीनशेड स्थापित किए गए हैं। जिनमें कई स्थानों पर प्लास्टर टूट चुका है।
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उन्होंने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में लोकार्पण का जोर चल रहा है और विपक्षी दल उसे अपना काम बताने में जुटे हुए है। जबकि जनता को अच्छी तरह मालूम है कि कौन सा काम किसका है। उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पुरवा जाना पड़ता था। मंडी स्थल बन जाने के बाद अब उपज यहीं पर बेच सकेंगे।
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विद्युत शार्ट सर्किट से फसल का नुकसान, कृषक दुर्घटना बीमा समेत अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को पुरवा नहीं जाना पड़ेगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद लोधी ने पूर्व विधायक स्व. चौधरी देवकी नंदन को श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान मंडी समिति पुरवा प्रभारी अखिलेश सिंह ने निर्माण कार्य का ब्योरा प्रस्तुत किया। संयोजक रमेशचंद्र तिवारी ने सभी का आभार जताया। संजय शुक्ला, अरुण दीक्षित, आशीष शुक्ला, रोहित, मनोज शुक्ला, प्रभात सिंह आदि मौजूद रहे।
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किसानों को उपज बेचने के लिए उपमंडी स्थल तो बनवा दिया लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए जो मुख्य रास्ता है उसकी सड़क बनाना भूल गए। कस्बे में बनाई गई इस मंडी तक जाने के लिए रायबरेली राजमार्ग से करीब एक किलोमीटर अंदर चलना होता है। यह मार्ग कुछ दूरी तक खड़ंजा और जर्जर डामरीकृत मार्ग है। पूरे रास्ते में कीचड़ और जलभराव है।
441.97 लाख की लागत से बनाए गए उपमंडी स्थल की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभी यहां किसान अपनी उपज लेकर आए भी नहीं और फर्श धंसने लगी है। दो टीनशेड स्थापित किए गए हैं। जिनमें कई स्थानों पर प्लास्टर टूट चुका है।