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लखनऊ से जुड़ेंगे विद्युत उपकेंद्र
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कब्बाखेड़ा उपकेंद्र में ऑनलाइन मॉडम से उपकेंद्र को जोडने के लिए खोले गए फीडर बाक्स। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। बढ़ती गर्मी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त रखने की कवायद शुरू हो गई है। जिले की बिजली आपूर्ति और खपत की मॉनीटरिंग लखनऊ से होगी। कब फाल्ट हुआ, कितना लाइनलॉस और लोड है, इसकी पल-पल की जानकारी कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। संविदा लाइनमैनों को फाल्ट ठीक करने के लिए सतर्क कर दिया गया है। जिले के सभी उपकेंद्रों को मॉडम से जोड़ा जा रहा है।
बिजली व्यवस्था को ऊर्जा मंत्रालय हाईटेक कर रहा है। अब फाल्ट होने पर घंटों बिना बिजली के नहीं रहना पड़ेगा। लखनऊ स्थित शक्ति भवन ने पूरे प्रदेश के उपकेंद्रों की मॉडम के जरिये ऑनलाइन मॉनीटरिंग करने का निर्णय लिया है। जिले के सभी 48 उपकेंद्रों को ऑनलाइन मॉडम से जोड़ा जा रहा है। शहर के कब्बाखेड़ा, इब्राहिमबाग, पीडी नगर, आवास विकास, कांशीराम, सिटी उपकेंद्र में ये प्रक्रिया शुरू हो गई है।
फाल्ट पर सीधे एक्सईएन के पास आएगा संदेश
उपकेंद्र या बिजली लाइन में कहीं भी फाल्ट होता है तो इसकी जानकारी सीधे एक्सईएन के पास आएगी। लखनऊ स्थित शक्ति भवन के पास सभी उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति और खपत का डाटा होगा। साथ ही वहां से हर पल इसकी मॉनीटरिंग होगी। फाल्ट होने पर एक्सईएन के पास जानकारी आते ही उसे तत्काल ठीक कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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ये भी खास बिंदु
ट्रांसफार्मर फुंकने पर सात घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लग जाएगा। उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर पर यदि लोड बढ़ता है तो लखनऊ से ही जानकारी दे दी जाएगी। जिससे समय रहते ट्रांसफार्मर को फुंकने से बचा लिया जाएगा।
- किसी भी उपकेंद्र पर यदि आपूर्ति से अधिक खपत होती है या फाल्ट होता है तो उसकी रेड लाइट लखनऊ के शक्ति भवन में बने डिजिटल भवन में चमकेगी। इसके बाद संबंधित उपकेंद्र के अधिकारियों को संदेश भेजा जाएगा।
संविदा लाइनमैनों के मोबाइल नंबर हो रहे फीड
फाल्ट ठीक करने तथा पेट्रोलिंग को लेकर जिले के संविदा लाइनमैनों का डाटा एकत्र कर फीडिंग हो रही है। फाल्ट की जानकारी जैसे ही एक्सईएन के पास आएगी, वह लाइनमैन को ठीक करने के निर्देश देंगे। इससे बिजली व्यवस्था दुरुस्त रहेगी।
वर्जन
हर दिन जिले के उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति और खपत की रिपोर्ट आएगी। जहां पर लाइनलॉस अधिक है, उसे रोका जाएगा और फाल्ट होते ही ठीक करा दिया जाएगा। बहुत बड़ा फाल्ट भी समय के अनुरूप ठीक होगा। इस व्यवस्था से उपकेंद्रों की मॉनीटरिंग शक्ति भवन से होगी। - एससी शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत
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बिजली व्यवस्था को ऊर्जा मंत्रालय हाईटेक कर रहा है। अब फाल्ट होने पर घंटों बिना बिजली के नहीं रहना पड़ेगा। लखनऊ स्थित शक्ति भवन ने पूरे प्रदेश के उपकेंद्रों की मॉडम के जरिये ऑनलाइन मॉनीटरिंग करने का निर्णय लिया है। जिले के सभी 48 उपकेंद्रों को ऑनलाइन मॉडम से जोड़ा जा रहा है। शहर के कब्बाखेड़ा, इब्राहिमबाग, पीडी नगर, आवास विकास, कांशीराम, सिटी उपकेंद्र में ये प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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फाल्ट पर सीधे एक्सईएन के पास आएगा संदेश
उपकेंद्र या बिजली लाइन में कहीं भी फाल्ट होता है तो इसकी जानकारी सीधे एक्सईएन के पास आएगी। लखनऊ स्थित शक्ति भवन के पास सभी उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति और खपत का डाटा होगा। साथ ही वहां से हर पल इसकी मॉनीटरिंग होगी। फाल्ट होने पर एक्सईएन के पास जानकारी आते ही उसे तत्काल ठीक कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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ये भी खास बिंदु
ट्रांसफार्मर फुंकने पर सात घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लग जाएगा। उपकेंद्र के ट्रांसफार्मर पर यदि लोड बढ़ता है तो लखनऊ से ही जानकारी दे दी जाएगी। जिससे समय रहते ट्रांसफार्मर को फुंकने से बचा लिया जाएगा।
- किसी भी उपकेंद्र पर यदि आपूर्ति से अधिक खपत होती है या फाल्ट होता है तो उसकी रेड लाइट लखनऊ के शक्ति भवन में बने डिजिटल भवन में चमकेगी। इसके बाद संबंधित उपकेंद्र के अधिकारियों को संदेश भेजा जाएगा।
संविदा लाइनमैनों के मोबाइल नंबर हो रहे फीड
फाल्ट ठीक करने तथा पेट्रोलिंग को लेकर जिले के संविदा लाइनमैनों का डाटा एकत्र कर फीडिंग हो रही है। फाल्ट की जानकारी जैसे ही एक्सईएन के पास आएगी, वह लाइनमैन को ठीक करने के निर्देश देंगे। इससे बिजली व्यवस्था दुरुस्त रहेगी।
वर्जन
हर दिन जिले के उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति और खपत की रिपोर्ट आएगी। जहां पर लाइनलॉस अधिक है, उसे रोका जाएगा और फाल्ट होते ही ठीक करा दिया जाएगा। बहुत बड़ा फाल्ट भी समय के अनुरूप ठीक होगा। इस व्यवस्था से उपकेंद्रों की मॉनीटरिंग शक्ति भवन से होगी। - एससी शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत

मरम्मत कार्य के लिए उपकेंद्र में रखा सामान। संवाद- फोटो : UNNAO