{"_id":"5d7945a88ebc3e93b85d1128","slug":"students-could-not-solve-sanskrit-and-urdu-questions-unnao-news-knp5130049187","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृत और उर्दू के प्रश्न हल नहीं कर सके छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृत और उर्दू के प्रश्न हल नहीं कर सके छात्र
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय औरास द्वितीय में सत्र परीक्षा देते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में शुरू हुई सत्र परीक्षा के पहले दिन संस्कृत और उर्दू विषय के प्रश्न छात्र हल नहीं कर पाए। हिंदी की परीक्षा में लगभग छात्रों ने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। परीक्षा में छात्रों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई थीं। जबकि प्रश्न ब्लैक बोर्ड पर ही नोट कराए गए थे।
जिले के 2305 प्राथमिक व 803 उच्च प्राथमिक स्कूल में बुधवार से सत्र परीक्षाएं शुरू हो गईं। सुबह 8 से 10 बजे तक पहली पाली में कक्षा 1 से 8 के छात्रों की हिंदी की परीक्षा कराई गई। शिक्षकों ने छात्रों को ब्लैक बोर्ड पर प्रभनश्न नोट करा दिए थे। उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई थीं। दूसरी पाली में प्राथमिक स्कूल में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक हुई संस्कृत व कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों की संस्कृत व उर्दू की परीक्षा में छात्रों के पसीने छूट गए। ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न तो लिखे गए, लेकिन छात्र उसका उत्तर हल नहीं कर पाए। इसका कारण यह कि संस्कृत और उर्दू विषय की किताबें 20 अगस्त तक स्कूलों में भेजी गईं। इससे छात्रों को पाठ्यक्रम की जानकारी ही नहीं हो पाई। कई छात्रों ने तो खाली उत्तर पुस्तिका ही जमा कर दी। इतना ही नहीं कई स्कूलों के शिक्षकों ने यह बात स्वीकारी कि किताबें देर में आने से छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पाई।
बीईओ मुख्यालय अजीत निगम ने बताया कि इस बार उर्दू और संस्कृत की किताबें करीब डेढ़ महीने देर से मिली थीं। किताबें प्राप्त होते ही उन्हें स्कूलों में भेजकर समय से कोर्स पूरा कराया गया। हो सकता है कुछ स्कूलों में बच्चों को कुछ समस्या आई हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के 2305 प्राथमिक व 803 उच्च प्राथमिक स्कूल में बुधवार से सत्र परीक्षाएं शुरू हो गईं। सुबह 8 से 10 बजे तक पहली पाली में कक्षा 1 से 8 के छात्रों की हिंदी की परीक्षा कराई गई। शिक्षकों ने छात्रों को ब्लैक बोर्ड पर प्रभनश्न नोट करा दिए थे। उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गई थीं। दूसरी पाली में प्राथमिक स्कूल में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक हुई संस्कृत व कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों की संस्कृत व उर्दू की परीक्षा में छात्रों के पसीने छूट गए। ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न तो लिखे गए, लेकिन छात्र उसका उत्तर हल नहीं कर पाए। इसका कारण यह कि संस्कृत और उर्दू विषय की किताबें 20 अगस्त तक स्कूलों में भेजी गईं। इससे छात्रों को पाठ्यक्रम की जानकारी ही नहीं हो पाई। कई छात्रों ने तो खाली उत्तर पुस्तिका ही जमा कर दी। इतना ही नहीं कई स्कूलों के शिक्षकों ने यह बात स्वीकारी कि किताबें देर में आने से छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पाई।
विज्ञापन
बीईओ मुख्यालय अजीत निगम ने बताया कि इस बार उर्दू और संस्कृत की किताबें करीब डेढ़ महीने देर से मिली थीं। किताबें प्राप्त होते ही उन्हें स्कूलों में भेजकर समय से कोर्स पूरा कराया गया। हो सकता है कुछ स्कूलों में बच्चों को कुछ समस्या आई हो।
विज्ञापन