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उजाला योजना से ‘बिखरेगी’ दूधिया रोशनी
unnao
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:46 PM IST
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उन्नाव। केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई उजाला योजना से हर घर में दूधिया सफेद रोशनी बिखरेगी। इस योजना में कनेक्शनधारकों को कम वाट के सीएफएल सस्ती दर पर दिए जाएंगे। सौभाग्य योजना में कनेक्शन लेने वालों को एक सीएफएल मुफ्त में दी जाएगी।
घरों में सीएफएल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने उजाला योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर सीएफएल उपलब्ध कराना है। बिजली विभाग के जानकारों की मानें तो बल्ब के मुकाबले सीएफएल का प्रयोग ज्यादा सुरक्षित है। सीएफएल से बिजली की खपत भी कम होती है। खुले बाजार में मौजूद नामी कंपनियों की सीएफएल खासी महंगी हैं। इसी से गरीब तबके के उपभोक्ता इसे खरीद नहीं पाते हैं। यह घरों में रोशनी के लिए बल्ब लगाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है। पहले चरण में सौभाग्य योजना के लाभार्थियों को कनेक्शन के समय सात वाट की सीएफएल मुफ्त में देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके बाद कैंप लगाकर सीएफएल की बिक्री की जाएगी। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता आरके कृष्णानी ने बताया कि केंद्र सरकार की उजाला योजना में सीएफएल के प्रयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना है। सौभाग्य योजना में जो कनेक्शन दिए जा रहे हैं, उसमें एक सीएफएल नि:शुल्क दी जाएगी। बाद में कैंप लगाकर सीएफएल आम जनमानस को उपलब्ध कराए जाएंगे। आम लोगों को एक सीएफएल 50 से 60 रुपये में उपलब्ध होगी।
इंसेट-1
ग्रामीण इलाकों के 40 फीसदी घरों में बल्ब का प्रयोग
मौजूदा समय में ग्रामीण इलाकों के 40 फीसदी घरों में बल्ब का प्रयोग हो रहा है। बल्ब के प्रयोग से बिजली की खपत ज्यादा होती है। इसकी रोशनी आंखों को चुभती है। इसी से सरकार सीएफएल को बढ़ावा दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीणों की अपेक्षा शहरी लोग ज्यादा जागरूक हैं। इसी से शहरों में 80 फीसदी लोग सीएफएल का प्रयोग कर रहे हैं। इसी कारण ग्रामीणों को सीएफएल के ज्यादा प्रयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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घरों में सीएफएल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने उजाला योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर सीएफएल उपलब्ध कराना है। बिजली विभाग के जानकारों की मानें तो बल्ब के मुकाबले सीएफएल का प्रयोग ज्यादा सुरक्षित है। सीएफएल से बिजली की खपत भी कम होती है। खुले बाजार में मौजूद नामी कंपनियों की सीएफएल खासी महंगी हैं। इसी से गरीब तबके के उपभोक्ता इसे खरीद नहीं पाते हैं। यह घरों में रोशनी के लिए बल्ब लगाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है। पहले चरण में सौभाग्य योजना के लाभार्थियों को कनेक्शन के समय सात वाट की सीएफएल मुफ्त में देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके बाद कैंप लगाकर सीएफएल की बिक्री की जाएगी। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता आरके कृष्णानी ने बताया कि केंद्र सरकार की उजाला योजना में सीएफएल के प्रयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना है। सौभाग्य योजना में जो कनेक्शन दिए जा रहे हैं, उसमें एक सीएफएल नि:शुल्क दी जाएगी। बाद में कैंप लगाकर सीएफएल आम जनमानस को उपलब्ध कराए जाएंगे। आम लोगों को एक सीएफएल 50 से 60 रुपये में उपलब्ध होगी।
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ग्रामीण इलाकों के 40 फीसदी घरों में बल्ब का प्रयोग
मौजूदा समय में ग्रामीण इलाकों के 40 फीसदी घरों में बल्ब का प्रयोग हो रहा है। बल्ब के प्रयोग से बिजली की खपत ज्यादा होती है। इसकी रोशनी आंखों को चुभती है। इसी से सरकार सीएफएल को बढ़ावा दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीणों की अपेक्षा शहरी लोग ज्यादा जागरूक हैं। इसी से शहरों में 80 फीसदी लोग सीएफएल का प्रयोग कर रहे हैं। इसी कारण ग्रामीणों को सीएफएल के ज्यादा प्रयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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