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तीन घंटे ब्लॉक लेकर बदले गए स्लीपर
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खनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर लोकनगर क्रासिंग के पास स्लीपर बदलते कर्मचारी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर लोकनगर क्रॉसिंग के निकट रेलपथ विभाग ने तीन घंटे का ब्लॉक लेकर स्लीपर बदलने का काम किया। इस दौरान चार एलकेएम सहित वरुणा एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया।
रेलवे ट्रैक की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार बढ़ाने के लिए स्लीपर बदलने का काम चल रहा है। गुरुवार को शहर के मोहल्ला लोकनगर क्रॉसिंग पर दोपहर 12 से शाम 3 बजे तक स्लीपर बदलने का काम किया गया। अप लाइन पर काम होने से इस दौरान निकलने वाली गाड़ियों में 64205, 64203, 64206 व 64210 एलकेएम के साथ वरुणा एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। वहीं, राप्ती सागर एक्सप्रेस व बरौनी ग्वालियर को कॉशन से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से गुजारा गया। रेलपथ इंजीनियर विकास कुमार ने बताया कि स्लीपर बदलने के लिए ब्लॉक लेकर काम कराया गया था।
अजगैन-सोनिक के बीच चल रहे रेलवे ट्रैक की स्पीड बढ़ाने का काम पूरा हो चुका है। अब सोनिक यार्ड में काम किया जा रहा है। अभी तक पटरी का वजन 52 किलो होता था तब उसमें 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेेनें गुजारी जाती थीं। अब तेजस जैसी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन होने के बाद पटरी का वजन बढ़ाकर 60 किलो कर दिया गया है। अब 160 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनों को गुजारा जा सकेगा। बता दें कि रेलपथ विभाग पटरी बदलने के लिए रविवार, मंगलवार व गुरुवार को ही काम कराता है। संवाद
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रेलवे ट्रैक की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार बढ़ाने के लिए स्लीपर बदलने का काम चल रहा है। गुरुवार को शहर के मोहल्ला लोकनगर क्रॉसिंग पर दोपहर 12 से शाम 3 बजे तक स्लीपर बदलने का काम किया गया। अप लाइन पर काम होने से इस दौरान निकलने वाली गाड़ियों में 64205, 64203, 64206 व 64210 एलकेएम के साथ वरुणा एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। वहीं, राप्ती सागर एक्सप्रेस व बरौनी ग्वालियर को कॉशन से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से गुजारा गया। रेलपथ इंजीनियर विकास कुमार ने बताया कि स्लीपर बदलने के लिए ब्लॉक लेकर काम कराया गया था।
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अजगैन-सोनिक के बीच चल रहे रेलवे ट्रैक की स्पीड बढ़ाने का काम पूरा हो चुका है। अब सोनिक यार्ड में काम किया जा रहा है। अभी तक पटरी का वजन 52 किलो होता था तब उसमें 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेेनें गुजारी जाती थीं। अब तेजस जैसी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन होने के बाद पटरी का वजन बढ़ाकर 60 किलो कर दिया गया है। अब 160 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनों को गुजारा जा सकेगा। बता दें कि रेलपथ विभाग पटरी बदलने के लिए रविवार, मंगलवार व गुरुवार को ही काम कराता है। संवाद
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