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Unnao News: नीलकंठ महादेव मंदिर में स्थापित हैं नीलम व स्फटिक के शिवलिंग

Mon, 21 Jul 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Mon, 21 Jul 2025 12:18 AM IST
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Shivalingas made of sapphire and crystal are installed in the Neelkanth Mahadev temple.
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव) । कस्बा ऊगू के मोहल्ला पकरिया चांदी में स्थित श्री रत्नेश नीलकंठ महादेव मंदिर में नीलम व शुद्ध स्फटिक के दुर्लभ शिवलिंग स्थापित हैं। साथ ही कीमती पन्ना की पंचमुखी गणेश की प्रतिमा भी है। ऐसा कहा जाता है कि देश में स्फटिक के केवल पांच शिवलिंग हैं। इनमें हरिद्वार, दिल्ली, रामेश्वरम् व जम्मू के साथ उन्नाव शामिल है।
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नगर पंचायत ऊगू के पकरिया चांदी मोहल्ले में आईएएस अधिकारी रहे स्व. रमारतन शुक्ल ने वर्ष 2006 में मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में उन्होंने 30 किलो वजनी कच्चे नीलम (रत्न पत्थर) का एक शिवलिंग स्थापित कराया था। बाद में 32 किलो वजनी स्फटिक के शिवलिंग की स्थापना कराई थी। साथ ही पन्ना रत्न की पंचमुखी गणेश प्रतिमा भी स्थापित कराई। मान्यता है कि पांच रत्ती का नीलम 24 घंटे में व्यक्ति का भाग्य बदल देता है। ऐसे ही 30 किलो वजनी शिवलिंग के स्पर्श मात्र से भक्तों की किस्मत बदलती है। मंदिर के पुजारी लवकुश तिवारी बताते हैं कि पन्ना की गणेश प्रतिमा देश में अकेली केवल यहां पर स्थापित है। उन्होंने बताया कि ऐसी दुर्लभ प्रतिमाओं के पूजन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। पुजारी का दावा है कि जो कोई भी एकाग्र मन से इस मंदिर में पूजा करता है। सच्चे मन से प्रतिमाओं को स्पर्श करता है तो उस पर महादेव की कृपा अवश्य होती है।
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सावन में उमड़ता है आस्था का सैलाब



वैसे तो यहां रोजाना शिवलिंग के दर्शन करने वालों की भीड़ होती है। सावन में आस्था का सैलाब उमड़ता है। आसपास क्षेत्रों के अलावा दूर- दूर और दूसरे जनपदों से आकर भक्त शिवलिंग व भगवान गणेश का पूजन करते हैं।
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ऐसे पहुंचे मंदिर
उन्नाव मुख्यालय से मंदिर की दूरी 33 किमी है। रेलमार्ग व सड़क से पहुंचा जा सकता है। कानपुर बालामऊ ट्रेन से ऊगू स्टेशन उतरकर एक किमी पैदल चलकर आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से उन्नाव हरदोई मार्ग पर हुलासी कुआं व माथर उतरकर ऑटो या ई-रिक्शा आदि साधनों से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
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