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फतेहपुर चौरासी से कानपुर का सफर अब आसान
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हिंदूपुर कटान पर मिट्टी भरान के बाद चालू हुआ आवागमन। संवाद
- फोटो : UNNAO
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फतेहपुर चौरासी। बाढ़ में बहे हिंदूपुर पुलिया मार्ग पर पुल बनने के बाद बचे मार्ग पर पीडब्ल्यूडी ने मिट्टी भरवा दी है। करीब साढ़े तीन साल बाद रविवार से इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो गया। इसके साथ ही फतेहपुर चौरासी सीधे कानपुर से जुड़ गया। क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के 50 हजार लोग अब आसानी से कानपुर पहुंच सकेंगे।
2018 में गंगा में आई बाढ़ से काली मिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर ग्राम हिंदूपुर की पुलिया के पास सड़क कटकर बह गई थी। यह मार्ग सीधे कानपुर से जुड़ता था। कटान के बाद इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया। लोग 50 किमी का चक्कर लगाकर कानपुर जा रहे थे। ग्रामीणों की काफी मांग के बाद शासन ने लोगों की सहूलियत के लिए लघु सेतु बनाने को मंजूरी दी। कार्यदायी संस्था ने सेतु का निर्माण तो करा दिया लेकिन 50 मीटर हिस्सा रोड निर्माण के लिए छोड़ दिया।
ग्रामीणों ने फिर शासन, प्रशासन को पत्र लिखा। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने बचे हिस्से पर मिट्टी की भराई शुरू कराई। रविवार को काम पूरा होने के बाद इसे समतल कराकर मार्ग पर आवागमन शुरू करा दिया गया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, मिट्टी दबने के बाद दोनों तरफ पत्थर लगाकर डामरीकृत सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साढे़ तीन साल बाद इस मार्ग से आवागमन शुरू होने से ग्रामीणों को राहत मिली है।
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कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर आवागमन शुरू होने से कानपुर नगर से फतेहपुर चौरासी सीधे जुड़ गया है। कटान के कारण लोगों को पहले 50 किमी का चक्कर लगाना पड़ता था। मार्ग बनने से कस्बा फतेहपुर चौरासी सहित दबौली, लवानी, सरहा सकतपुर, गड़ाई, जाजामऊ, चिरंजूपुरवा, कटरी तोरणा, खैरीगुरुदासपुर सहित सैकड़ों गांवों के लोगाें को आवागमन में सहूलियत होगी।
ग्राम पंचायत गड़ाई के प्रधान लक्ष्मीनारायण ने बताया कि मार्ग कटने से उन किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, जिनके खेत कटान के उस पार हैं। हल्के व भारी वाहनों का आवागमन शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
ग्राम पंचायत दबौली के प्रधान अजीत कुमार ने बताया कि कटान पर भरान होने से क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हुआ है। बरसात में लोग नाव से आवागमन करते थे। इसके कारण काफी परेशानी होती थी।
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2018 में गंगा में आई बाढ़ से काली मिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर ग्राम हिंदूपुर की पुलिया के पास सड़क कटकर बह गई थी। यह मार्ग सीधे कानपुर से जुड़ता था। कटान के बाद इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया। लोग 50 किमी का चक्कर लगाकर कानपुर जा रहे थे। ग्रामीणों की काफी मांग के बाद शासन ने लोगों की सहूलियत के लिए लघु सेतु बनाने को मंजूरी दी। कार्यदायी संस्था ने सेतु का निर्माण तो करा दिया लेकिन 50 मीटर हिस्सा रोड निर्माण के लिए छोड़ दिया।
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ग्रामीणों ने फिर शासन, प्रशासन को पत्र लिखा। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने बचे हिस्से पर मिट्टी की भराई शुरू कराई। रविवार को काम पूरा होने के बाद इसे समतल कराकर मार्ग पर आवागमन शुरू करा दिया गया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, मिट्टी दबने के बाद दोनों तरफ पत्थर लगाकर डामरीकृत सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साढे़ तीन साल बाद इस मार्ग से आवागमन शुरू होने से ग्रामीणों को राहत मिली है।
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कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर आवागमन शुरू होने से कानपुर नगर से फतेहपुर चौरासी सीधे जुड़ गया है। कटान के कारण लोगों को पहले 50 किमी का चक्कर लगाना पड़ता था। मार्ग बनने से कस्बा फतेहपुर चौरासी सहित दबौली, लवानी, सरहा सकतपुर, गड़ाई, जाजामऊ, चिरंजूपुरवा, कटरी तोरणा, खैरीगुरुदासपुर सहित सैकड़ों गांवों के लोगाें को आवागमन में सहूलियत होगी।
ग्राम पंचायत गड़ाई के प्रधान लक्ष्मीनारायण ने बताया कि मार्ग कटने से उन किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, जिनके खेत कटान के उस पार हैं। हल्के व भारी वाहनों का आवागमन शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
ग्राम पंचायत दबौली के प्रधान अजीत कुमार ने बताया कि कटान पर भरान होने से क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हुआ है। बरसात में लोग नाव से आवागमन करते थे। इसके कारण काफी परेशानी होती थी।