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Unnao News: गड्ढों में तब्दील हुए मार्ग, आवागमन में दे रहे दर्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
अचलगंज। कस्बे का त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। कीचड़ व जलभराव के अलावा सडक़ का नामोनिशान खत्म हो गया है। मार्ग में हुए गड्ढों में बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इससे बचने के लिए पचास हजार की आबादी को आवागमन के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कानपुर लखनऊ हाईवे स्थित गंगा कटरी के बंदीपुर, लखापुर, रमचरामऊ, रजवाखेड़ा, खन्नापुर, टिकरी, पदमरा व बलाई के अलावा कुलहागाढ़ा रिठनई आदि गांवों के ग्रामीणों को कानपुर उन्नाव आने जाने के लिए त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग सीधा रास्ता पड़ता है। वर्तमान समय में चार किमी लंबा त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पिछले तीन सालों से इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। इस कारण मार्ग का डामर बहने के बाद हुए गड्ढों में बारिश का पानी भरा हुआ है। ऐसे में इस मार्ग से आवागमन करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बंदीपुर ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि जिलाधिकारी व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन ग्रमीणों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीयखंड हरदयाल अहिरवार ने बताया कि खस्ताहाल मार्ग की जानकारी उनके पास नहीं है। जांच कराकर मरम्मत कराई जाएगी।
इंसेट
डंपरों की आवाजाही से टूट गया मार्ग
इस मार्ग से ओवरलोड डंपरों की आवाजाही काफी अधिक है। वैसे इस मार्ग की कुल लंबाई 15 किमी है। इसमें से चार किमी का मार्ग काफी ज्यादा खराब हो चुका है। जिसमें तालाबनुमा बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसी मार्ग से किसान अपनी उपज कानपुर या उन्नाव बेचने जाते हैं। क्षेत्र से सैकड़ों मजदूर व दूधिए रोज साइकिल से कानपुर जाते हैं लेकिन जर्जर मार्ग से निकलना लोगों के लिए जोखिम भरा है। ऐसे में वाहन सवारों को बंथर बाईपास से बदरका होते हुए कई किमी का चक्कर काटना पड़ रहा है।
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अचलगंज। कस्बे का त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। कीचड़ व जलभराव के अलावा सडक़ का नामोनिशान खत्म हो गया है। मार्ग में हुए गड्ढों में बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इससे बचने के लिए पचास हजार की आबादी को आवागमन के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
कानपुर लखनऊ हाईवे स्थित गंगा कटरी के बंदीपुर, लखापुर, रमचरामऊ, रजवाखेड़ा, खन्नापुर, टिकरी, पदमरा व बलाई के अलावा कुलहागाढ़ा रिठनई आदि गांवों के ग्रामीणों को कानपुर उन्नाव आने जाने के लिए त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग सीधा रास्ता पड़ता है। वर्तमान समय में चार किमी लंबा त्रिभुवनखेड़ा संपर्क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पिछले तीन सालों से इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। इस कारण मार्ग का डामर बहने के बाद हुए गड्ढों में बारिश का पानी भरा हुआ है। ऐसे में इस मार्ग से आवागमन करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बंदीपुर ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि जिलाधिकारी व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन ग्रमीणों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीयखंड हरदयाल अहिरवार ने बताया कि खस्ताहाल मार्ग की जानकारी उनके पास नहीं है। जांच कराकर मरम्मत कराई जाएगी।
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डंपरों की आवाजाही से टूट गया मार्ग
इस मार्ग से ओवरलोड डंपरों की आवाजाही काफी अधिक है। वैसे इस मार्ग की कुल लंबाई 15 किमी है। इसमें से चार किमी का मार्ग काफी ज्यादा खराब हो चुका है। जिसमें तालाबनुमा बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसी मार्ग से किसान अपनी उपज कानपुर या उन्नाव बेचने जाते हैं। क्षेत्र से सैकड़ों मजदूर व दूधिए रोज साइकिल से कानपुर जाते हैं लेकिन जर्जर मार्ग से निकलना लोगों के लिए जोखिम भरा है। ऐसे में वाहन सवारों को बंथर बाईपास से बदरका होते हुए कई किमी का चक्कर काटना पड़ रहा है।
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